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Gorakhpur News: बर्डघाट रामलीला में जयंत लीला और विराध वध का मंचन
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वर्डघाट रामलीला कमेटी द्वारा आयोजित रामलीला नहीं बृहस्पतिवार को पंचवटी विश्राम का मंचन करते कला
- फोटो : Archive
गोरखपुर। रामलीला कमेटी बर्डघाट की ओर से आयोजित रामलीला नौवें दिन बृहस्पतिवार को जयंत लीला, सती अनुसूइया प्रसंग, रस भंग, विराध वध और पंचवटी आश्रम की लीला का मंचन किया गया। श्री कृष्ण आदर्श रामलीला अवध-मिथिला संयुक्त के कलाकारों ने अपने अभिनय से दर्शकों को भावविभोर कर दिया। प्रभु श्रीराम की आरती के साथ कार्यक्रम की शुरुआत हुई। मुख्य अतिथि भाजपा के क्षेत्रीय महामंत्री राहुल श्रीवास्तव, पूर्व मेयर सत्या पांडेय और जितेंद्र वर्मा पल्लू ने आरती उतारी।
मंचन के दौरान कलाकारों ने दिखाया कि प्रभु श्रीराम सुंदर फूलों से आभूषण बनाकर माता सीता को प्रेमपूर्वक पहनाते हैं। यह दृश्य देखकर इंद्र के पुत्र जयंत के मन में मोह उत्पन्न हो जाता है। वह कौए का रूप धारण कर माता सीता के चरणों में चोंच मार देता है। इस पर प्रभु श्रीराम एक सींक उठाकर कौए की ओर छोड़ते हैं, जो ब्रह्मास्त्र बन जाती है।
ब्रह्मास्त्र के प्रभाव से भयभीत जयंत अपने प्राण बचाने के लिए पिता इंद्र के पास पहुंचता है, लेकिन उसे वहां से भी निराशा हाथ लगती है। इसके बाद वह ब्रह्मा और भगवान शिव की शरण में जाता है, मगर कहीं भी उसे आश्रय नहीं मिलता। अंत में नारद जी के परामर्श पर जयंत प्रभु श्रीराम की शरण में पहुंचकर क्षमा मांगता है। प्रभु श्रीराम उसके अपराध को क्षमा कर देते हैं, हालांकि ब्रह्मास्त्र के प्रभाव से उसकी एक आंख नष्ट हो जाती है। प्रभु श्रीराम की करुणा, क्षमा और शरणागत की रक्षा का प्रसंग देखकर श्रद्धालु भावविभोर हो उठे। रामलीला मैदान जय श्रीराम के जयघोष से गूंज उठा।
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इस अवसर पर कमेटी के अध्यक्ष गणेश वर्मा, महामंत्री हरिद्वार वर्मा, कोषाध्यक्ष मनोज वर्मा, रवि वर्मा, अनुराग मझवार, विजय मोदी, कन्हैया वर्मा, राजन वर्मा, उत्कर्ष बरनवाल, बलवंत आर्य और कन्हैया शर्मा सहित अन्य लोग मौजूद रहे।
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मंचन के दौरान कलाकारों ने दिखाया कि प्रभु श्रीराम सुंदर फूलों से आभूषण बनाकर माता सीता को प्रेमपूर्वक पहनाते हैं। यह दृश्य देखकर इंद्र के पुत्र जयंत के मन में मोह उत्पन्न हो जाता है। वह कौए का रूप धारण कर माता सीता के चरणों में चोंच मार देता है। इस पर प्रभु श्रीराम एक सींक उठाकर कौए की ओर छोड़ते हैं, जो ब्रह्मास्त्र बन जाती है।
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ब्रह्मास्त्र के प्रभाव से भयभीत जयंत अपने प्राण बचाने के लिए पिता इंद्र के पास पहुंचता है, लेकिन उसे वहां से भी निराशा हाथ लगती है। इसके बाद वह ब्रह्मा और भगवान शिव की शरण में जाता है, मगर कहीं भी उसे आश्रय नहीं मिलता। अंत में नारद जी के परामर्श पर जयंत प्रभु श्रीराम की शरण में पहुंचकर क्षमा मांगता है। प्रभु श्रीराम उसके अपराध को क्षमा कर देते हैं, हालांकि ब्रह्मास्त्र के प्रभाव से उसकी एक आंख नष्ट हो जाती है। प्रभु श्रीराम की करुणा, क्षमा और शरणागत की रक्षा का प्रसंग देखकर श्रद्धालु भावविभोर हो उठे। रामलीला मैदान जय श्रीराम के जयघोष से गूंज उठा।
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इस अवसर पर कमेटी के अध्यक्ष गणेश वर्मा, महामंत्री हरिद्वार वर्मा, कोषाध्यक्ष मनोज वर्मा, रवि वर्मा, अनुराग मझवार, विजय मोदी, कन्हैया वर्मा, राजन वर्मा, उत्कर्ष बरनवाल, बलवंत आर्य और कन्हैया शर्मा सहित अन्य लोग मौजूद रहे।