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Gorakhpur News: 79 हजार महिलाओं को सशक्त कर लखपति बनाया
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गोरखपुर। उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन (यूपी-एसआरएलएम) के तहत संचालित श्री बाबा गोरखनाथ कृपा मिल्क प्रोड्यूसर्स ऑर्गनाइजेशन (एमपीओ) ग्रामीण महिलाओं के सशक्तीकरण का सफल मॉडल बना है। नेशनल डेयरी डेवलपमेंट बोर्ड (एनडीडीबी) के सहयोग से गठित इस संगठन से 79,000 ग्रामीण महिलाएं जुड़ी हैं। इन महिलाओं ने तीन वर्षों में 407 करोड़ रुपये का कारोबार किया है। इनमें से 6,812 महिलाएं ‘लखपति दीदी’ बन चुकी हैं, जबकि 285 की सालाना आय 10 लाख रुपये से अधिक है।
संगठन का विस्तार गोरखपुर, कुशीनगर, देवरिया, महराजगंज, संतकबीरनगर, आजमगढ़ और मऊ सहित सात जिलों में है यह संगठन पूर्वी उत्तर प्रदेश की ग्रामीण महिलाओं को डेयरी व्यवसाय से जोड़कर उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत कर रहा है। कभी घर-परिवार तक सीमित रहने वाली महिलाएं अब दूध उत्पादन और आपूर्ति के माध्यम से कारोबार में सक्रिय भागीदारी निभा रही हैं। सरकार के ‘लखपति दीदी’ विजन को आगे बढ़ाते हुए एमपीओ ने हजारों महिलाओं को इस श्रेणी में शामिल किया है। दूध उत्पादन और उसकी नियमित आपूर्ति से ये महिलाएं ग्रामीण अर्थव्यवस्था में अपनी भागीदारी मजबूत कर रही हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विजन के अनुरूप यह प्रयास ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बना रहा है।
कौशल्या देवी की सफलता की कहानी
गोरखपुर के पिडरा गांव की कौशल्या देवी एमपीओ से जुड़कर सफल हुई हैं।
मुख्य कार्यपालक अधिकारी धनराज साहनी ने बताया कि अब तक 407 करोड़ रुपये का भुगतान किया जा चुका है। कौशल्या देवी ने बताया, “एमपीओ से जुड़ने के समय मेरे पास केवल दो गायें थीं। नियमित भुगतान और सुविधाओं से मेरा भरोसा बढ़ा, जिससे मैंने पशुपालन का विस्तार किया। आज मेरे पास 16 गायें हैं।
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संगठन का विस्तार गोरखपुर, कुशीनगर, देवरिया, महराजगंज, संतकबीरनगर, आजमगढ़ और मऊ सहित सात जिलों में है यह संगठन पूर्वी उत्तर प्रदेश की ग्रामीण महिलाओं को डेयरी व्यवसाय से जोड़कर उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत कर रहा है। कभी घर-परिवार तक सीमित रहने वाली महिलाएं अब दूध उत्पादन और आपूर्ति के माध्यम से कारोबार में सक्रिय भागीदारी निभा रही हैं। सरकार के ‘लखपति दीदी’ विजन को आगे बढ़ाते हुए एमपीओ ने हजारों महिलाओं को इस श्रेणी में शामिल किया है। दूध उत्पादन और उसकी नियमित आपूर्ति से ये महिलाएं ग्रामीण अर्थव्यवस्था में अपनी भागीदारी मजबूत कर रही हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विजन के अनुरूप यह प्रयास ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बना रहा है।
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कौशल्या देवी की सफलता की कहानी
गोरखपुर के पिडरा गांव की कौशल्या देवी एमपीओ से जुड़कर सफल हुई हैं।
मुख्य कार्यपालक अधिकारी धनराज साहनी ने बताया कि अब तक 407 करोड़ रुपये का भुगतान किया जा चुका है। कौशल्या देवी ने बताया, “एमपीओ से जुड़ने के समय मेरे पास केवल दो गायें थीं। नियमित भुगतान और सुविधाओं से मेरा भरोसा बढ़ा, जिससे मैंने पशुपालन का विस्तार किया। आज मेरे पास 16 गायें हैं।
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