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Gorakhpur News: फीस जमा करने वाली कंपनी के कर्मचारी ने हड़पे 30.45 लाख
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दो छात्रों की शिकायत के बाद कंपनी की जांच में सामने आई जालसाजी
बाहर रहने वाले छात्रों की फीस जमा करने में घरवालों की मदद करती है कंपनी
अमर उजाला ब्यूरो
गोरखपुर। बाहर पढ़ रहे छात्रों के कॉलेज, कोचिंग से एग्रीमेंट कर फीस जमा करने वाली कंपनी के ही एक कर्मचारी ने 30 लाख 45 हजार 340 रुपये हड़प लिए। यह सभी रकम छात्रों के अभिभावकों ने फीस जमा करने के लिए दिए थे। दो छात्रों की शिकायत के बाद कंपनी के विभागीय जांच में मामला सामने आया है। जांच में पता चला है कि दूरदर्शन कॉलोनी निवासी कर्मचारी ऋषभ मिश्रा ने अपने दो सहयोगियों की मदद से जालसाजी की है। कैंट थाने में आरोपी ऋषभ पर केस दर्ज कर पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।
जानकारी के मुताबिक, बंगलूरू के रहने वाले कंपनी के कर्मचारी अश्वनी कुमार राठौर ने कंपनी की ओर से केस दर्ज कराया है। उनका कहना है कि कंपनी तकनीकी समाधान प्रदान करती है। कई संस्था का कंपनी से अनुबंध है, फीस जमा करने के एवज में कमीशन मिलता है। इसकी मदद से कई छात्रों का समय से फीस, हॉस्टल फीस आदि जमा किया जाता है।
आठ जनवरी 2024 को दो छात्रों की ओर से कंपनी में शिकायत आई कि उनकी फीस जमा नहीं की गई है। एक ने रशीद न मिलने की शिकायत की थी। इसके बाद कंपनी ने आंतरिक जांच कराई तो पता चला कि मई 2023 से ही ऋषभ अपने साथियों की मदद से फीस हड़प रहा है। जांच में यह भी पता चला कि छात्रों से एकत्र किए गए 30 लाख 45 हजार 340 रुपये जमा नहीं किए गए हैं।
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इतना ही नहीं उसने ऑनलाइन ऑटो डेबिट प्रणाली में भी हेरफेर कर दिया। देय तिथियों में बदलाव कर व्यक्तिगत लाभ के लिए कंपनी के डाटा का इस्तेमाल किया गया। इससे कंपनी की छवि भी धूमिल हुई है। सीओ कैंट अंशिका वर्मा ने बताया कि पुलिस तहरीर के आधार पर केस दर्ज कर मामले की जांच कर रही है।
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बाहर रहने वाले छात्रों की फीस जमा करने में घरवालों की मदद करती है कंपनी
अमर उजाला ब्यूरो
गोरखपुर। बाहर पढ़ रहे छात्रों के कॉलेज, कोचिंग से एग्रीमेंट कर फीस जमा करने वाली कंपनी के ही एक कर्मचारी ने 30 लाख 45 हजार 340 रुपये हड़प लिए। यह सभी रकम छात्रों के अभिभावकों ने फीस जमा करने के लिए दिए थे। दो छात्रों की शिकायत के बाद कंपनी के विभागीय जांच में मामला सामने आया है। जांच में पता चला है कि दूरदर्शन कॉलोनी निवासी कर्मचारी ऋषभ मिश्रा ने अपने दो सहयोगियों की मदद से जालसाजी की है। कैंट थाने में आरोपी ऋषभ पर केस दर्ज कर पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।
जानकारी के मुताबिक, बंगलूरू के रहने वाले कंपनी के कर्मचारी अश्वनी कुमार राठौर ने कंपनी की ओर से केस दर्ज कराया है। उनका कहना है कि कंपनी तकनीकी समाधान प्रदान करती है। कई संस्था का कंपनी से अनुबंध है, फीस जमा करने के एवज में कमीशन मिलता है। इसकी मदद से कई छात्रों का समय से फीस, हॉस्टल फीस आदि जमा किया जाता है।
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आठ जनवरी 2024 को दो छात्रों की ओर से कंपनी में शिकायत आई कि उनकी फीस जमा नहीं की गई है। एक ने रशीद न मिलने की शिकायत की थी। इसके बाद कंपनी ने आंतरिक जांच कराई तो पता चला कि मई 2023 से ही ऋषभ अपने साथियों की मदद से फीस हड़प रहा है। जांच में यह भी पता चला कि छात्रों से एकत्र किए गए 30 लाख 45 हजार 340 रुपये जमा नहीं किए गए हैं।
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इतना ही नहीं उसने ऑनलाइन ऑटो डेबिट प्रणाली में भी हेरफेर कर दिया। देय तिथियों में बदलाव कर व्यक्तिगत लाभ के लिए कंपनी के डाटा का इस्तेमाल किया गया। इससे कंपनी की छवि भी धूमिल हुई है। सीओ कैंट अंशिका वर्मा ने बताया कि पुलिस तहरीर के आधार पर केस दर्ज कर मामले की जांच कर रही है।