फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Gorakhpur News ›   Emphasis will be on patient management and opening of new departments in AIIMS

Gorakhpur News: एम्स में मरीज प्रबंधन, नए विभाग खोलने पर रहेगा जोर

Thu, 04 Jan 2024 01:03 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Thu, 04 Jan 2024 01:03 AM IST
विज्ञापन
Emphasis will be on patient management and opening of new departments in AIIMS
एम्स में प्रेसवार्ता करते प्रभारी कार्यकारी निदेशक प्रो.गोपाल कृष्ण।

विज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
गोरखपुर। एम्स के कार्यकारी निदेशक पद पर डॉ. गोपाल कृष्ण पॉल ने बुधवार को कार्यभार ग्रहण किया। दोपहर करीब एक बजे एम्स के प्रशासनिक भवन पहुंचे प्रभारी कार्यकारी निदेशक ने वरिष्ठ अफसरों के साथ बैठक कर मेडिकल कॉलेज व अस्पताल में चल रही व्यवस्था और समस्याओं की जानकारी ली। देर शाम मीडिया कर्मियों को अपनी प्राथमिकताएं बताईं। उन्होंने कहा कि मरीजों के इलाज की व्यवस्था और नए-नए शोध पर जोर रहेगा।
वर्तमान में एम्स पटना के निदेशक डॉ. गोपाल कृष्ण पॉल को मंगलवार को एम्स गोरखपुर के कार्यकारी निदेशक का अतिरिक्त प्रभार देते हुए तत्काल कार्यभार ग्रहण करने का निर्देश मिला था। यहां कार्यकारी निदेशक रहीं डॉ. सुरेखा किशोर अस्वस्थ हैं। उन पर बेटों की नियुक्ति समेत कई गंभीर आरोप भी हैं, जिनका केंद्रीय सतर्कता आयोग जांच कर रहा है।
विज्ञापन

नए कार्यकारी निदेशक ने कहा कि एम्स की स्थापना आम लोगों को बेहतर इलाज और बीमारियों पर शोध करने के लिए किया गया है। इन दोनों उद्देश्यों की पूर्ति के लिए नए प्रयास हमारी प्राथमिकता में है। इसके लिए बृहस्पतिवार की सुबह ओपीडी का निरीक्षण कर यह समझने का प्रयास किया जाएगा कि मरीजों को ओपीडी और आईपीडी में किसी प्रकार की दिक्कत न हो, इसके लिए क्या नए प्रयास किए जा सकते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

निदेशक ने कहा कि यहां सबसे बड़ी समस्या यह है कि सीनियर रेजिडेंट नहीं हैं, जिसके चलते मरीजों का समुचित उपचार नहीं हो पा रहा है। इसके लिए सुपर स्पेशियलिटी की भी जरूरत होगी। कार्डियोलॉजी, नेफ्रोलॉजी और न्यूरोलॉजी में सुपर स्पेशियलिटी सुविधाएं शुरू की जाएंगी। डॉक्टरों व चिकित्सा स्टॉफ की कमी को दूर करने के लिए नीति निर्धारकों के साथ बैठक कर व्यवस्था की जाएगी। बेहतर इलाज के लिए रक्त की जरूरत लगातार पड़ेगी, इसलिए ब्लड बैंक को यथाशीघ्र चालू कराया जाएगा। इसकी मान्यता में जो भी कमियां हैं, उसे दूर कराया जाएगा।
--------
कैंसर, मधुमेह और हृदय रोग में शोध की जरूरत
निदेशक ने कहा कि पूर्वांचल व नजदीक के बिहार प्रांत में मधुमेह, रक्तचाप और कैंसर के बहुत से मरीज हैं। इनकी जांच व इलाज के अलावा नए-नए शोध भी जरूरी है। इसके अलावा सडेन कार्डियक अरेस्ट के मामले भी हर रोज बढ़ रहे हैं। एम्स इस दिशा में नए शोध को लेकर कार्य करेगा। हमारी कोशिश होगी कि यहां कॉर्डियो सर्जरी, न्यूरो सर्जरी और सर्जिकल अंकोलॉजी के विभाग खोले जाएं, जिससे मरीजों को राहत मिले।
--
योगा सेंटर खोला जाएगा
निदेशक ने कहा कि योग में बीमारियों को नियंत्रित करने की क्षमता है। अगर आप मधुमेह या रक्तचाप से पीड़ित हैं और नियमित योग करते हैं तो बीमारी नियंत्रण में रहेगी। दरअसल पूरे उत्तर भारत में बीमारियों की जड़ में खान पान और दिनचर्या का गड़बड़ होना है। योग के जरिये ही इसे सुधारा जा सकता है। पुड्डूचेरी में हमने एडवांस सेंटर फॉर योगाथिरेपी एजुकेशन रिसर्च की स्थापना कराई थी। अब यहां के एम्स में भी योगा सेंटर खोला जाएगा। यह हमारी प्राथमिकता में है और जल्दी ही इसके लिए प्रयास शुरू करेंगे।

-------
अभी सिस्टम बिगड़ा हुआ है.. महीने भर में दुरुस्त कर दूंगा
गोरखपुर। एम्स गोरखपुर के नए कार्यकारी निदेशक डॉ. गोपाल कृष्ण पॉल की पढ़ाई चिकित्सा शिक्षा क्षेत्र में देश के पहले सर्वोच्च संस्थान जवाहरलाल स्नातकोत्तर चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान (जिपमेर) से हुई है। वहीं नौकरी करते हुए एसोसिएट प्रोफेसर से डीन तक बने। डेढ़ साल पहले इन्हें एम्स पटना का निदेशक नियुक्ति किया गया। करीब 200 से अधिक शोध पत्र प्रस्तुत कर चुके डॉ. गोपाल कृष्ण पॉल अपने बेहतर प्रशासनिक क्षमता के लिए स्वास्थ्य विभाग में ख्यातिलब्ध हैं। इन्हें गोरखपुर एम्स की चिकित्सा और शिक्षा व्यवस्था को पटरी पर लाने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इन्हें इसके लिए छह महीने का वक्त दिया गया है। कार्यकारी निदेशक ने कहा कि बिगड़ी व्यवस्था को सुदृढ़ करने में पुराने प्रशासनिक अनुभव काम आएंगे। एम्स पटना और गोरखपुर के बीच सामंजस्य कैसे बैठाएंगे, के सवाल का जवाब देते हुए कहा कि यह तकनीकी युग है। कोशिश होगी कि सप्ताह में तीन दिन गोरखपुर और तीन दिन पटना में मौजूद रहूं। शेष तीन दिन वर्चुअल तरीके से अफसरों और अन्य जिम्मेदारों से बातचीत होती रहेगी। उन्होंने कहा कि अभी गोरखपुर का सिस्टम बिगड़ा हुआ है, इसे महीने भर में दुरुस्त कर दूंगा। इसके बाद आने-जाने का असर काम पर नहीं पड़ेगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed