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Gorakhpur News: पढ़ाई में नवाचार, खेल और तकनीक पर जोर

Sun, 06 Sep 2026 02:30 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Sun, 06 Sep 2026 02:30 AM IST
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Emphasis on innovation in education, sports, and technology.
गोरखपुर। पढ़ाई को रोचक बनाने के साथ बच्चों को खेल, तकनीक और नवाचार से जोड़ने वाले प्रदेश के पांच शिक्षकों को शनिवार को मुख्यमंत्री अध्यापक पुरस्कार से सम्मानित किया गया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शिक्षकों को सम्मानित किया। पुरस्कार पाने वालों में प्रधानाचार्य, मानविकी और कला विषय के शिक्षक शामिल हैं। इन शिक्षकों ने शत-प्रतिशत परिणाम, बालिका शिक्षा, नई शिक्षा नीति (एनईपी) के क्रियान्वयन और विद्यार्थियों में नई स्किल विकसित करने के लिए काम किया।
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बोले शिक्षक
मैं वर्ष 2007 से कार्यरत हूं। पिछले पांच वर्षों से विद्यालय का रिजल्ट शत-प्रतिशत रहा है और हर वर्ष बच्चे मेरिट में आ रहे हैं। डिजिटल स्टूडियो स्थापित किया है जहां बच्चों और शिक्षकों की रिकॉर्डिंग होती है। बच्चों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय खेलों में प्रतिभाग कराया। खेलो इंडिया के साथ अंतरराष्ट्रीय वॉलीबाल प्रतियोगिता में भी तीन बच्चों ने प्रतिभाग किया है।
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- विक्रम बहादुर सिंह परिहार, प्रधानाचार्य, ज्वाला देवी सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज, प्रयागराज


खेल-खेल में शिक्षा, कहानी और प्रोजेक्ट के जरिये पढ़ाने का प्रयास किया। मेरे लेक्चर राष्ट्रीय चैनल पर भी दिखाए गए हैं। एनईपी का क्रियान्वयन विद्यालयों में हो रहा है लेकिन इसके लिए शिक्षकों को अभी बहुत कुछ सीखने की जरूरत है।
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- डॉ. आनंद कुमार, मानविकी अध्यापक, महर्षि दयानंद विद्यापीठ इंटरमीडिएट कॉलेज, गाजियाबाद


2007 से सेवाएं दे रहा हूं। नवाचार के जरिये बच्चों को कला से जोड़े रखा। विद्यालय में आने के बाद से शत-प्रतिशत रिजल्ट रहा है। 2023 में सर्वश्रेष्ठ कला शिक्षक का सम्मान मिला था। अब एआई के माध्यम से बच्चों में नए इनोवेशन विकसित कर रहे हैं।
- विजय पाल, कला अध्यापक, जयनारायण सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज, बरेली


यह सम्मान पाकर गर्व महसूस हो रहा है। यह मेरे लिए स्वर्णिम पल है। एनईपी के तहत छात्राओं को तकनीकी शिक्षा की जानकारी दी जा रही है। बालिका शिक्षा के लिए किए गए कार्यों के लिए यह सम्मान मिला है।

- कल्पना सिंह, प्रधानाचार्य, सरस्वती बालिका विद्या मंदिर इंटर कॉलेज, झांसी


एनईपी के बाद बच्चों में विकास हो रहा है और नई स्किल विकसित हो रही हैं। विद्यालय में सर्वाधिक उपस्थिति के लिए सम्मान मिला। अब बच्चे कोचिंग के बजाय कक्षा में आ रहे हैं। विद्यालय के तीन छात्र चंद्रयान-3 कार्यक्रम में शामिल रहे हैं।
- डॉ. योगेंद्र प्रताप सिंह, प्रधानाचार्य, पं. दीनदयाल उपाध्याय सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज, लखीमपुर खीरी
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