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विनोद वन: 'गंगा प्रसाद' का बदला 'ठिकाना', जानिए अब कहां रहेगी ;20 माह से ही एक ही जगह पर
Tue, 08 Oct 2024 03:58 PM IST
रोहित सिंह
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर
Published by: रोहित सिंह
Updated Tue, 08 Oct 2024 03:58 PM IST
सार
चिड़ियाघर के मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. योगेश प्रताप सिंह ने बताया कि हाथी के मदमस्त होने का समय नजदीक आ रहा है। ऐसे में वहां पर एहतियात बरती जा रही है। लोगों को भी उससे दूरी बनाए रखने की अपील की गई है। इंसानों को देखकर उनके बिदकने की आशंका बढ़ जाती है।
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हाथी गंगाराम
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
विस्तार
विनोद वन में रखे गए हाथी (गंगा प्रसाद) के बेकाबू होने वाले समय को देखते हुए वहां सतर्कता बढ़ा दी गई है। उसकी जंजीरों को सुदृढ़ करने के साथ ही गंगा प्रसाद के ठिकाने को बदल दिया गया है। जंगल में ही उसे साफ-सुथरी जगह पर शिफ्ट किया गया है।
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सितंबर-अक्तूबर में ही हाथी मदमस्त होते हैं। इस समय वो बेकाबू हो जाते हैं। पिछले साल भी अक्तूबर में ही गंगा प्रसाद बेकाबू हो गया था और उसने कुसुम्ही जंगल में उत्पात मचा दिया था। इसकी वजह से देवरिया और कुशीनगर जाने वाले रास्ते पर एयरपोर्ट के आगे रजही के पास आवागमन को भी बंद करना पड़ा था।
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चिड़ियाघर के मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. योगेश प्रताप सिंह ने बताया कि हाथी के मदमस्त होने का समय नजदीक आ रहा है। ऐसे में वहां पर एहतियात बरती जा रही है। लोगों को भी उससे दूरी बनाए रखने की अपील की गई है। इंसानों को देखकर उनके बिदकने की आशंका बढ़ जाती है। बरसात के समय उसको दूसरे जगह पर रखा गया था लेकिन अब उसे साफ-सुथरी जगह पर शिफ्ट किया गया है। वहां पर चूना और हल्दी का छिड़काव भी किया गया है।
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मस्ती के समय उसके खानपान पर खासतौर से ध्यान दिया जाता है। एकांत वातावरण में ही वह शांत होते हैं। उनको शांत करने के लिए ज्यादा से ज्यादा पानी देते हैं और नहलाया जाता है। एनर्जी वाले डाइट को कम कर देते हैं। इस दौरान महावत भी उनसे दूर ही रहते हैं। इस संबंध में डॉ. योगेश ने बताया कि अक्तूबर में हाथी मदमस्ती में आते हैं।
हाथी गंगाराम
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
ऐसे में इस समय उनके पास जाना सुरक्षित नहीं हैं। इस समय उनके बेकाबू होने की आशंकाक बढ़ जाती हैं। यदि आप हाथी के सामने आ जाते हैं, तो शांति से पीछे हटें और उनका रास्ता नहीं रोकें। हाथी के हमले की स्थिति में शोर मचाने से बचें और धैर्य से वहां से हट जाएं। शोभायात्रा या अन्य किसी आयोजन में भी हाथी के साथ फोटो खिंचवाने की कोशिश न करें, इससे वे आक्रामक हो सकते हैं।
फरवरी 2023 से विनोद वन में मौजूद
चिलुआताल के मोहम्मदपुर माफी में 15 फरवरी, 2023 को यज्ञ की कलश यात्रा में गंगाराम शामिल हुआ था। किसी कारण से वह बिदक गया और फिर दो महिलाओं व चार वर्षीय बच्चे को सूंड से लपेटकर पटककर कुचल दिया। तीनों की मौत के बाद वन विभाग की टीम ने हाथी को रेस्क्यू किया और विनोद वन में रखा।
इसके बाद 16 फरवरी से विनोद वन को दर्शकों के लिए बंद कर दिया गया। कुछ दिन बाद जब हाथी का कोई मालिक नहीं आया तो उच्चाधिकारियों ने चिड़ियाघर में रखने का फैसला लिया। चिड़ियाघर में एक बाड़ा जल्द तैयार हो जाएगा। अक्तूबर में ही उसे यहां शिफ्ट कर दिया जाएगा।
फरवरी 2023 से विनोद वन में मौजूद
चिलुआताल के मोहम्मदपुर माफी में 15 फरवरी, 2023 को यज्ञ की कलश यात्रा में गंगाराम शामिल हुआ था। किसी कारण से वह बिदक गया और फिर दो महिलाओं व चार वर्षीय बच्चे को सूंड से लपेटकर पटककर कुचल दिया। तीनों की मौत के बाद वन विभाग की टीम ने हाथी को रेस्क्यू किया और विनोद वन में रखा।
इसके बाद 16 फरवरी से विनोद वन को दर्शकों के लिए बंद कर दिया गया। कुछ दिन बाद जब हाथी का कोई मालिक नहीं आया तो उच्चाधिकारियों ने चिड़ियाघर में रखने का फैसला लिया। चिड़ियाघर में एक बाड़ा जल्द तैयार हो जाएगा। अक्तूबर में ही उसे यहां शिफ्ट कर दिया जाएगा।