गोरखपुर: मीटर को रिमोट से संचालित कर की जा रही थी बिजली चोरी, ऐसे हुआ भंडाफोड़
दो उपभोक्ताओं के मीटर में मिली छेड़छाड़, एक उपभोक्ता बाईपास कर चोरी कर रहा था, चार उपभोक्ताओं के विरुद्ध दर्ज कराया गया बिजली चोरी का केस।
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गोरखपुर बिजली निगम की चेकिंग टीम ने बुधवार को सिनेमा रोड के पास रिमोट से मीटर को नियंत्रित कर की जा रही बिजली की चोरी पकड़ी। जांच में मीटर में अतिरिक्त डिवाइस लगी मिली। जांच के दौरान बिजली चोरी करते मिले चार उपभोक्ताओं के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कराया गया है।
मॉर्निंग रेड अभियान में बुधवार को संदेह के आधार पर टीम ने उतारे गए मीटर का परीक्षण किया गया तो बिजली चोरी का हाईटेक तरीका सामने आया। जिसे देख अधिकारी हैरान रह गए। मीटर में चिप लगाकर रिमोट से उसे नियंत्रित किया जा रहा था। सेंसर तकनीक पर चिप लगे मीटरों के मिलने के बाद महकमा हरकत में आ गया है। सिनेमा रोड से काली मंदिर चौराहे की तरफ जाने वाले रास्ते पर उपभोक्ता विजय तुलस्यान के परिसर में लगे मीटर में लगी एलईडी बंद होने पर शक हुआ तो उपभोक्ता से बिल दिखाने को कहा।
थोड़ी ही देर बाद मीटर की लाइट जलने लगी। अचानक ऐसा होने पर शक हुआ तो टीम ने मीटर की जांच की। बाहर लगी होलोग्राफिक सील टूटी मिली। बिजली चोरी के संदेह में मीटर को उतार कर उसका परीक्षण किया गया। मीटर की सील को तोड़कर उसमें सेंसिग तकनीक पर आधार चिप लगाई गई थी। रिमोट चिप की मदद से मीटर को संचालित किया जा रहा था।
टीम को मीटर में भी रिमोट चिप लगी मिली है। इसके अलावा दो अन्य उपभोक्ताओं के बिजली मीटर में शंट लगे मिले। एक उपभोक्ता कटिया लगाकर बिजली चोरी करते मिला। विजिलेंस प्रभारी दिलीप मिश्रा ने बताया कि एंटी थेफ्ट थाने में विशाल महेंद्रा, कांती देवी, विजय कुमार तुलस्यान, गुरनाम सिंह चार उपभोक्ताओं के खिलाफ बिजली चोरी का मुकदमा दर्ज किया गया। इस दौरान एसडीओ गोलघर ऐश्वर्य सिंह, अवर अभियंता कैलाश प्रसाद, मनोज कुमार, इंद्रजीत यादव, राजीव चौहान, अजय शाही व सिद्धार्थ सिंह के साथ विजिलेंस की टीम मौजूद रही।
गोलघर समेत विजय चौक पर टीम की नजर
विजिलेंस टीम ने रिमोट लगे मीटर से बिजली चोरी पकड़ी। टीम को शक है कि क्षेत्र के व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में भी ऐसे बिजली चोरी मिल सकती है। मॉर्निंग रेड के अलावा टीम औचक निरीक्षण कर भी क्षेत्र में बिजली चोरी, बकाएदारी, ओवरलोड, व अन्य बिंदुओं पर जांच कर कार्रवाई कर सकती है।