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गोरखपुर शहर में नहीं दिखेंगे बिजली के पोल व तार, जानिए किन इलाकों से हुई इसकी शुरूआत
Wed, 02 Dec 2020 12:21 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
Published by: गोरखपुर ब्यूरो
Updated Wed, 02 Dec 2020 12:21 PM IST
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फाइल फोटो।
- फोटो : अमर उजाला
गोरखपुर में बिजली निगम की तैयारी अगर दुरुस्त रही तो आने वाले समय में शहर से बिजली के पोल, तार दिखने बंद हो जाएंगे। पूरी व्यवस्था अंडरग्राउंड कर दी जाएगी। फिलहाल शहर के तीन इलाकों में बिजली के तारों को अंडरग्राउंड किया जा चुका है। बाकी की डीपीआर के लिए टेंडर भी निकाला जा चुका है।
योजना के तहत शहर के बिजली घरों से उपकेंद्रों को जाने वाली हाइटेंशन लाइनें भी अंडरग्राउंड हो जाएंगी। साथ में सड़क किनारे खड़े बिजली के खंभों को भी हटा दिया जाएगा। शहर में अंडरग्राउंड बिजली आपूर्ति देना गोरखनाथ इलाके से शुरू किया गया था। जिसे अलीनगर, बक्शीपुर, विजय चौक तक कर दिया गया है।
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योजना के तहत शहर के बिजली घरों से उपकेंद्रों को जाने वाली हाइटेंशन लाइनें भी अंडरग्राउंड हो जाएंगी। साथ में सड़क किनारे खड़े बिजली के खंभों को भी हटा दिया जाएगा। शहर में अंडरग्राउंड बिजली आपूर्ति देना गोरखनाथ इलाके से शुरू किया गया था। जिसे अलीनगर, बक्शीपुर, विजय चौक तक कर दिया गया है।
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क्या है टेंडर की प्रक्रिया
नई योजना के तहत शहर की सभी लाइनों को अंडरग्राउंड किया जाएगा। इससे लोगों को सुरक्षित बिजली मिल सकेगी। मुख्य अभियंता देवेंद्र सिंह ने बताया कि शहर में अंडरग्राउंड केबल बिछाए जाने के लिए डीपीआर बनाने की तैयारी है। इसके लिए टेंडर निकाल दिया गया है। इसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
बिजली निगम पूरे काम को किसी फर्म से करवाएगी। इसके लिए फर्म को कुल काम की लागत और उसका खर्च की डीपीआर तैयार करनी होगी। अब निगम के निकाले टेंडर में पहले उस फर्म का चुनाव होगा जिसे डीपीआर की जिम्मा दिया जाएगा। इसके बाद उसके द्वारा बनाई गई डीपीआर को शासन से स्वीकृति के लिए भेजा जाएगा। इसके बाद काम जमीनी स्तर पर शुरू हो सकेगा।
बिजली निगम पूरे काम को किसी फर्म से करवाएगी। इसके लिए फर्म को कुल काम की लागत और उसका खर्च की डीपीआर तैयार करनी होगी। अब निगम के निकाले टेंडर में पहले उस फर्म का चुनाव होगा जिसे डीपीआर की जिम्मा दिया जाएगा। इसके बाद उसके द्वारा बनाई गई डीपीआर को शासन से स्वीकृति के लिए भेजा जाएगा। इसके बाद काम जमीनी स्तर पर शुरू हो सकेगा।