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Gorakhpur News: इलेक्ट्रिक बस परिचालकों को पांच माह से नहीं मिला मानदेय
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- वेतन नहीं मिलने से आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं परिचालक
- लखनऊ की कंपनी के माध्यम से आउटसोर्सिंग पर रखे गए हैं करीब 60 परिचालक
संवाद न्यूज एजेंसी
गोरखपुर। शहर की लाइफ लाइन बन चुकी इलेक्ट्रिक बसों के परिचालकों को पिछले पांच माह से वेतन नहीं मिला है। इससे उनके सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है।
शहर के आठ रूटों पर 27 इलेक्ट्रिक बसों का संचालन हो रहा है। प्रतिदिन लगभग नौ से 10 हजार लोग इससे सफर करते हैं। इन बसों के संचालन के लिए 4.30 रुपये प्रति किलोमीटर की दर से लगभग 60 परिचालक तैनात हैं। हर दिन बसों से औसतन 1.60 लाख रुपये का किराया यात्रियाें से परिचालक वसूलते हैं। इलेक्ट्रॉनिक बसों के परिचालकों का आरोप है कि उन्हें पिछले पांच माह से मानदेय नहीं मिला है। इससे उनके सामने आजीविका का संकट खड़ा हो गया है।
बता दें कि लखनऊ की वंशिका एचआर सर्विस प्राइवेट लिमिटेड इलेक्ट्रिक बसों में परिचालकों की नियुक्ति कर रही है। परिचालकों के मानदेय की दिक्कत सभी जगहों पर है। मंगलवार को वाराणसी में इलेक्ट्रिक बस सेवा के परिचालक चार माह से वेतन न मिलने से हड़ताल पर चले गए थे, अन्य शहरों में भी अब वही माहौल बनने लगा है।
वाराणसी के इलेक्ट्रिक बसों के परिचालकों को बुधवार को वंशिका एचआर सर्विस प्राइवेट लिमिटेड कंपनी ने मानदेय दिया है। उम्मीद है कि सोमवार तक यहां भी परिचालकों का वेतन आ जाए।
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- केके मिश्रा, प्रबंधक, इलेक्ट्रिक बस डिपो
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- लखनऊ की कंपनी के माध्यम से आउटसोर्सिंग पर रखे गए हैं करीब 60 परिचालक
संवाद न्यूज एजेंसी
गोरखपुर। शहर की लाइफ लाइन बन चुकी इलेक्ट्रिक बसों के परिचालकों को पिछले पांच माह से वेतन नहीं मिला है। इससे उनके सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है।
शहर के आठ रूटों पर 27 इलेक्ट्रिक बसों का संचालन हो रहा है। प्रतिदिन लगभग नौ से 10 हजार लोग इससे सफर करते हैं। इन बसों के संचालन के लिए 4.30 रुपये प्रति किलोमीटर की दर से लगभग 60 परिचालक तैनात हैं। हर दिन बसों से औसतन 1.60 लाख रुपये का किराया यात्रियाें से परिचालक वसूलते हैं। इलेक्ट्रॉनिक बसों के परिचालकों का आरोप है कि उन्हें पिछले पांच माह से मानदेय नहीं मिला है। इससे उनके सामने आजीविका का संकट खड़ा हो गया है।
बता दें कि लखनऊ की वंशिका एचआर सर्विस प्राइवेट लिमिटेड इलेक्ट्रिक बसों में परिचालकों की नियुक्ति कर रही है। परिचालकों के मानदेय की दिक्कत सभी जगहों पर है। मंगलवार को वाराणसी में इलेक्ट्रिक बस सेवा के परिचालक चार माह से वेतन न मिलने से हड़ताल पर चले गए थे, अन्य शहरों में भी अब वही माहौल बनने लगा है।
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वाराणसी के इलेक्ट्रिक बसों के परिचालकों को बुधवार को वंशिका एचआर सर्विस प्राइवेट लिमिटेड कंपनी ने मानदेय दिया है। उम्मीद है कि सोमवार तक यहां भी परिचालकों का वेतन आ जाए।
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- केके मिश्रा, प्रबंधक, इलेक्ट्रिक बस डिपो