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जिला पंचायत अध्यक्ष चुनाव: आखिरी दिन तक समाजवादी पार्टी में उम्मीदवार को लेकर ऊहापोह, जानिए क्या है पूरा मामला
Sat, 26 Jun 2021 08:33 AM IST
vivek shukla
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Sat, 26 Jun 2021 08:33 AM IST
सार
सपा समर्थित आलोक गुप्ता के अलावा पार्टी के ही धर्मेंद्र यादव ने भी लिया है पर्चा। तीसरे दावेदार के तौर पर सपा के जितेंद्र यादव भी पर्चे के लिए कलेक्ट्रेट में डंटे रहे।
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सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव।
- फोटो : अमर उजाला।
विस्तार
गोरखपुर जिला पंचायत अध्यक्ष पद के लिए नामांकन के एक दिन पहले तक समाजवादी पार्टी में उम्मीदवार को लेकर ऊहापोह की स्थिति बनी रही। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव की तरफ से सबसे पहले वार्ड नंबर 46 से निर्वाचित आलोक कुमार गुप्ता को उम्मीदवार घोषित किया गया। उन्होंने दो सेट में पर्चा भी ले लिया है। इसी बीच पार्टी के ही वार्ड नंबर 16 कैंपियरगंज से निर्वाचित हुए जिला पंचायत सदस्य धर्मेंद्र यादव ने भी पर्चा लिया। यही नहीं शुक्रवार को वार्ड नंबर 47 से पार्टी समर्थित जितेंद्र यादव भी पर्चा लेने के लिए घंटो कलेक्ट्रेट में डटे रहे, हालांकि उन्हें पर्चा नहीं मिल सका।
पार्टी के जिलाध्यक्ष नगीना प्रसाद साहनी ने इसकी शिकायत निर्वाचन आयोग और जिला निर्वाचन अधिकारी से भी की। उनका आरोप है कि पहले पार्टी से समर्थित उम्मीदवार आलोक कुमार गुप्ता को प्रशासन ने एक और सेट पर्चा देने से इनकार कर दिया। अब जितेंद्र यादव को पर्चा नहीं दिया गया।
वहीं प्रशासन का कहना है कि आरोप बेबुनियाद है। आखिरी दिन पांच लोगों को पर्चा दिया गया ऐसे में किसी एक को इनकार करने की कोई वजह ही नहीं हो सकती। प्रशासन यह भी सवाल खड़ा कर रहा है कि एक ही पार्टी से आखिर कितने समर्थित उम्मीदवार चुनाव मैदान हैं।
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पार्टी के जिलाध्यक्ष नगीना प्रसाद साहनी ने इसकी शिकायत निर्वाचन आयोग और जिला निर्वाचन अधिकारी से भी की। उनका आरोप है कि पहले पार्टी से समर्थित उम्मीदवार आलोक कुमार गुप्ता को प्रशासन ने एक और सेट पर्चा देने से इनकार कर दिया। अब जितेंद्र यादव को पर्चा नहीं दिया गया।
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वहीं प्रशासन का कहना है कि आरोप बेबुनियाद है। आखिरी दिन पांच लोगों को पर्चा दिया गया ऐसे में किसी एक को इनकार करने की कोई वजह ही नहीं हो सकती। प्रशासन यह भी सवाल खड़ा कर रहा है कि एक ही पार्टी से आखिर कितने समर्थित उम्मीदवार चुनाव मैदान हैं।
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समाजवादी पार्टी के प्रत्याशी आलोक कुमार गुप्ता
- फोटो : अमर उजाला।
माना जा रहा है कि समाजवादी पार्टी एक से अधिक उम्मीदवार खड़े कर पेशबंदी कर रही है ताकि एक उम्मीदवार के पर्चा नहीं भरने या फिर उसका पर्चा खारिज हो जाने की दशा में दूसरा उम्मीदवार मैदान में बना रहे। हालांकि पार्टी का कहना है कि सिर्फ एहतियातन दो लोगों को पर्चा दिलाया गया है । उन्हें आशंका है कि आलोक कुमार गुप्ता का पर्चा खारिज हो सकता है।
समाजवादी पार्टी जिलाध्यक्ष नगीना प्रसाद साहनी ने कहा कि पार्टी की तरफ से आलोक कुमार गुप्ता के जिला पंचायत अध्यक्ष पद का उम्मीदवार घोषित होते ही प्रशासन और पुलिस उन्हें फर्जी मामलों में फंसाने की साजिश कर रही है। कई बार उनके घर पर पहुंच पुलिस ने दबाव भी बनाया। ऐसी स्थिति में पूरी आशंका है कि सत्ता के प्रभाव में आकर प्रशासन आलोक का पर्चा गलत तरीके से निरस्त कर सकता है। सिर्फ इसी सोच के साथ एहतियातन धर्मेंद्र यादव के नाम से भी पर्चा लिया गया है जबकि प्रशासन ने जितेंद्र यादव को पर्चा ही नहीं दिया।
समाजवादी पार्टी जिलाध्यक्ष नगीना प्रसाद साहनी ने कहा कि पार्टी की तरफ से आलोक कुमार गुप्ता के जिला पंचायत अध्यक्ष पद का उम्मीदवार घोषित होते ही प्रशासन और पुलिस उन्हें फर्जी मामलों में फंसाने की साजिश कर रही है। कई बार उनके घर पर पहुंच पुलिस ने दबाव भी बनाया। ऐसी स्थिति में पूरी आशंका है कि सत्ता के प्रभाव में आकर प्रशासन आलोक का पर्चा गलत तरीके से निरस्त कर सकता है। सिर्फ इसी सोच के साथ एहतियातन धर्मेंद्र यादव के नाम से भी पर्चा लिया गया है जबकि प्रशासन ने जितेंद्र यादव को पर्चा ही नहीं दिया।