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गोरखपुर में हादसा: सुमेर सागर ताल में आठ साल का बच्चा पानी में डूबा, मौत
Tue, 29 Jun 2021 05:42 PM IST
vivek shukla
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Tue, 29 Jun 2021 05:42 PM IST
सार
शिवम मंगलवार दोपहर में अपने अन्य दो दोस्तों के साथ सुमेर सागर ताल में नहा रहा था। इस दौरान वह पानी में डूबने लगा, इस दौरान कबाड़ बीनने वाले एक शख्स ने उसे पानी से बाहर निकाला।
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ताल सुमेर सागर। (फाइल फोटो)
- फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
गोरखपुर में गोरखनाथ इलाके के सुमेर सागर के पास स्थित सुमेर सागर ताल में मंगलवार की दोपहर में आठ साल के बच्चे की डूबकर मौत हो गई। वह अपने दोस्तों के साथ सुमेर सागर ताल में नहा रहा था। डूबने के दौरान अन्य बच्चों ने शोर मचाया लोग पहुंचे। बच्चे को झटपट जिला अस्पताल लाया गया लेकिन उसकी मौत हो गई। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
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जानकारी के मुताबिक, सुमेर सागर निवासी मनीष की सुमेरसागर में ही ऑटो पार्ट्स का व्यवसाय करते हैं। उनका आठ साल का बेटा शिवम मंगलवार को सुमेर सागर तालाब की तरफ गया था। बताया जा रहा है कि तालाब में वह नहाने लगा और इस दौरान डूबने लगा। उसके साथ गए अन्य बच्चों ने शोर मचाया तो कड़ाब उठाने वाले कुछ लोगों ने शिवम को तालाब से किसी तरह से बाहर निकाला।
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सूचना पर पहुंचे घरवाले जिला अस्पताल ले गए। डॉक्टर ने शिवम को मृत घोषित कर दिया। मासूम की मौत की खबर के बाद परिवार में कोहराम मच गया। मनीष दो बच्चों के पिता हैं जिसमें शिवम बड़ा बेटा था वहीं छोटा बेटा विराट पांच साल का है।
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अतिक्रमण हटाकर ताल खुदवाया मगर इंतजाम नहीं
सुमेर सागर ताल को पाटकर कब्जा कर चुके भू माफियाओं से मुक्त कराकर पुराने स्वरूप में लाने के लिए पूरा ताल बनवाया जा रहा। प्रशासन की ओर से तमाम मकान व दुकान भी ढहा दिए गए। कहा गया कि गलत तरह से प्लाटिंग की गई थी। अतिक्रमण हटाने के बाद जेसीबी से गड्ढा खोदवा दिया गया।
बारिश हुई तो गड्ढे में पानी भर गया। मगर यहां पर स्थानीय लोगों की सुरक्षा के लिए अभी कोई व्यवस्था नहीं की गई है। जिस वजह से आए दिन यहां पर खतरा बना हुआ है। बताया जा रहा है कि कुछ दिन पूर्व भी एक कबाड़ बटोरने वाला बच्चा इसमें डूबने लगा था जिसे कुछ लोगों ने बचा लिया था। ताल सुमेर सागर का मामला पहले हाईकोर्ट फिर सुप्रीमकोर्ट तक पहुंचा था।
स्थानीय लोगों में आक्रोश
ताल के आसपास कोई बाउंड्री या बचाव के दूसरे इंतजाम ना होने की वजह से वहां के स्थानीय लोगों में काफी आक्रोश है। बाल रोग विशेषज्ञ डॉ आरएन सिंह ने कहा कि मौत का कुआं खोदकर छोड़ दिया गया है। आए दिन इसकी वजह से हादसे होते हैं।
एक तो इस ओर जाने का रास्ता भी ठीक नहीं है। ऐसे में अगर बच्चे चले जाते है तो उनकी चीख भी जल्दी नहीं आ पाती है। लोगों में प्रशासन के प्रति काफी आक्रोश है। अगर ताल बनवाया है तो उसे सुरक्षित किया जाना चाहिए ताकि कोई उधर न जा सके।