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Gorakhpur News: स्कूलों से संपर्क कर संस्कृत में बढ़ाएंगे प्रवेश, कर्मकांड का कोर्स भी शुरू होगा
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गोरखपुर। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय का संस्कृत विभाग प्रवेश संख्या बढ़ाने के लिए स्कूलों से समन्वय करेगा। विद्यार्थियों को संस्कृत की शिक्षा और रोजगारपरक पाठ्यक्रमों से जोड़ने के लिए कर्मकांड में छह माह का सर्टिफिकेट कोर्स शुरू करने की तैयारी है।
विभाग विदेशी विश्वविद्यालयों से शैक्षणिक सहयोग बढ़ाने के लिए समझौता ज्ञापन (एमओयू) करेगा। इसके लिए विश्वविद्यालय के इंटरनेशनल सेल का सहयोग लिया जाएगा। संस्कृत विभाग के समन्वयक डॉ. देवेंद्र पाल ने बताया कि वर्तमान में संस्कृत विषय से स्नातक में 122, पाली में 27 और परास्नातक में 76 विद्यार्थी अध्ययनरत हैं। विभाग में ज्योतिष विषय का पीजी डिप्लोमा पाठ्यक्रम भी संचालित किया जा रहा है।
कहा कि प्रवेश संख्या बढ़ाने के लिए स्कूलों से संपर्क कर विद्यार्थियों को संस्कृत की पढ़ाई के प्रति प्रोत्साहित किया जाएगा। कर्मकांड का छह माह का सर्टिफिकेट कोर्स शुरू होने से विद्यार्थियों को इस क्षेत्र में व्यवस्थित प्रशिक्षण का अवसर मिलेगा। वहीं, विदेशी विश्वविद्यालयों से एमओयू के माध्यम से शैक्षणिक गतिविधियों और अकादमिक आदान-प्रदान को बढ़ावा देने की योजना है। डॉ. पाल ने बताया कि कुलपति प्रो. केपी सिंह की ओर से दिए गए सुझावों पर अमल कर योजना को आगे बढ़ाया जाएगा।
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विभाग विदेशी विश्वविद्यालयों से शैक्षणिक सहयोग बढ़ाने के लिए समझौता ज्ञापन (एमओयू) करेगा। इसके लिए विश्वविद्यालय के इंटरनेशनल सेल का सहयोग लिया जाएगा। संस्कृत विभाग के समन्वयक डॉ. देवेंद्र पाल ने बताया कि वर्तमान में संस्कृत विषय से स्नातक में 122, पाली में 27 और परास्नातक में 76 विद्यार्थी अध्ययनरत हैं। विभाग में ज्योतिष विषय का पीजी डिप्लोमा पाठ्यक्रम भी संचालित किया जा रहा है।
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कहा कि प्रवेश संख्या बढ़ाने के लिए स्कूलों से संपर्क कर विद्यार्थियों को संस्कृत की पढ़ाई के प्रति प्रोत्साहित किया जाएगा। कर्मकांड का छह माह का सर्टिफिकेट कोर्स शुरू होने से विद्यार्थियों को इस क्षेत्र में व्यवस्थित प्रशिक्षण का अवसर मिलेगा। वहीं, विदेशी विश्वविद्यालयों से एमओयू के माध्यम से शैक्षणिक गतिविधियों और अकादमिक आदान-प्रदान को बढ़ावा देने की योजना है। डॉ. पाल ने बताया कि कुलपति प्रो. केपी सिंह की ओर से दिए गए सुझावों पर अमल कर योजना को आगे बढ़ाया जाएगा।
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