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Gorakhpur News: गोरखपुर विश्वविद्यालय समेत 100 से ज्यादा संस्थानों को नोटिस
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गोरखपुर। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय समेत गोरखपुर परिक्षेत्र के 100 से अधिक संस्थानों को नोटिस जारी कर क्षेत्रीय कर्मचारी भविष्य निधि कार्यालय की ओर से चेतावनी दी गई है। कहा गया है कि अगर जल्द से जल्द संस्थान कर्मचारियों की भविष्य निधि जमा नहीं करते हैं तो उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। नोटिस जारी होने से इन संस्थानों में हड़कंप मच गया है।
गोरखपुर परिक्षेत्र के 12 जिलों के 100 से ज्यादा संस्थान पीएफ नहीं जमा कर रहे हैं। जांच के बाद कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) ने ऐसे संस्थानों को नोटिस जारी किया है। इसमें दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय, बाबा राघवदास मेडिकल काॅलेज, नगर पालिका परिषद पडरौना भी शामिल हैं। नोटिस का 15 दिन में जवाब न देने वाले संस्थानों के खिलाफ वसूली के लिए देय निर्धारण प्रक्रिया शुरू की जाएगी। इसके बाद वारंट जारी किया जाएगा। ईपीएफओ के वसूली अधिकारी को ऐसे लोगों की गिरफ्तारी करने का अधिकार है।
दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के आउटसोर्सिंग कर्मचारियों के करीब 10 करोड़ रुपये को अंशदान बकाया है। इस खबर को अमर उजाला ने अपने समाचार पत्र में प्रमुखता से प्रकाशित किया था, जिसके बाद कर्मचारी भविष्य निधि संगठन कार्यालय ने खबर का संज्ञान लेते हुए विश्वविद्यालय को नोटिस जारी करते हुए कर्मचारियों के अंशदान को लेकर जांच शुरू कर दी है।
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इन जिलों में दिए गए नोटिस
बलिया, देवरिया, कुशीनगर, गोरखपुर, महाराजगंज, संतकबीरनगर, सिद्धार्थनगर, बस्ती, गोंडा, बलरामपुर, श्रावस्ती, बहराइच में स्थित शैक्षिक संस्थान, विश्वविद्यालय, चीनी मिल, विद्यालय, महाविद्यालय व व्यावसायिक प्रतिष्ठानों (शोरूम, दुकान, मॉल आदि) के प्रमुखों को नोटिस दिया गया है। इनको बताया गया कि संस्थान कर्मचारी भविष्य निधि और प्रकीर्ण अधिनियम, 1952 के अंतर्गत आते हैं, लेकिन कर्मचारियों के भविष्य निधि का अंशदान नहीं जमा कर रहे हैं। कुछ संस्थान सभी कर्मचारियों की जगह कुछ कर्मचारियों का ही अंशदान जमा कर रहे हैं।
वर्जन
कर्मचारियों का भविष्य निधि अंशदान जमा न करने वाले संस्थानों पर कार्रवाई की जा रही है। संस्थानों को नोटिस जारी किया गया है। तय समय में नोटिस का जवाब नहीं मिलने पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
-शशांक जायसवाल, आयुक्त, कर्मचारी भविष्य निधि संगठन, गोरखपुर परिक्षेत्र
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गोरखपुर परिक्षेत्र के 12 जिलों के 100 से ज्यादा संस्थान पीएफ नहीं जमा कर रहे हैं। जांच के बाद कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) ने ऐसे संस्थानों को नोटिस जारी किया है। इसमें दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय, बाबा राघवदास मेडिकल काॅलेज, नगर पालिका परिषद पडरौना भी शामिल हैं। नोटिस का 15 दिन में जवाब न देने वाले संस्थानों के खिलाफ वसूली के लिए देय निर्धारण प्रक्रिया शुरू की जाएगी। इसके बाद वारंट जारी किया जाएगा। ईपीएफओ के वसूली अधिकारी को ऐसे लोगों की गिरफ्तारी करने का अधिकार है।
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दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के आउटसोर्सिंग कर्मचारियों के करीब 10 करोड़ रुपये को अंशदान बकाया है। इस खबर को अमर उजाला ने अपने समाचार पत्र में प्रमुखता से प्रकाशित किया था, जिसके बाद कर्मचारी भविष्य निधि संगठन कार्यालय ने खबर का संज्ञान लेते हुए विश्वविद्यालय को नोटिस जारी करते हुए कर्मचारियों के अंशदान को लेकर जांच शुरू कर दी है।
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इन जिलों में दिए गए नोटिस
बलिया, देवरिया, कुशीनगर, गोरखपुर, महाराजगंज, संतकबीरनगर, सिद्धार्थनगर, बस्ती, गोंडा, बलरामपुर, श्रावस्ती, बहराइच में स्थित शैक्षिक संस्थान, विश्वविद्यालय, चीनी मिल, विद्यालय, महाविद्यालय व व्यावसायिक प्रतिष्ठानों (शोरूम, दुकान, मॉल आदि) के प्रमुखों को नोटिस दिया गया है। इनको बताया गया कि संस्थान कर्मचारी भविष्य निधि और प्रकीर्ण अधिनियम, 1952 के अंतर्गत आते हैं, लेकिन कर्मचारियों के भविष्य निधि का अंशदान नहीं जमा कर रहे हैं। कुछ संस्थान सभी कर्मचारियों की जगह कुछ कर्मचारियों का ही अंशदान जमा कर रहे हैं।
वर्जन
कर्मचारियों का भविष्य निधि अंशदान जमा न करने वाले संस्थानों पर कार्रवाई की जा रही है। संस्थानों को नोटिस जारी किया गया है। तय समय में नोटिस का जवाब नहीं मिलने पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
-शशांक जायसवाल, आयुक्त, कर्मचारी भविष्य निधि संगठन, गोरखपुर परिक्षेत्र