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Gorakhpur: ईडी ने साढ़े छह करोड़ के घोटाले में दो संपत्तियों की बिक्री पर लगाई रोक, 2017 का है मामला

Thu, 27 Mar 2025 08:49 PM IST
आकाश दुबे अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर Published by: आकाश दुबे Updated Thu, 27 Mar 2025 08:49 PM IST
सार

ईडी और सीबीआई ने साढ़े छह करोड़ के घोटाले में दो संपत्तियों की बिक्री पर रोक लगाई है। बृहस्पतिवार दोपहर टीम रजिस्ट्री दफ्तर पहुंची। 2017 में पीएनबी विकास भवन शाखा के प्रबंधक और कर्मियों ने अपात्रों के खाते में रकम भेजी थी।

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ED banned sale of two properties in Rs Six and Half crore scam In Gorakhpur
सीबीआई और ईडी। (सांकेतिक तस्वीर) - फोटो : ANI

विस्तार

पंजाब नेशनल बैंक की विकास भवन शाखा में आठ साल पहले समाज कल्याण से संबंधित योजनाओं में हुए 6.51 करोड़ रुपये से अधिक के घोटाले के मामले में ईडी ने 1.75 करोड़ रुपये की संपत्तियों की खरीद-बिक्री पर रोक लगाई है। इसमें गोरखपुर की भी दो संपत्तियां हैं।

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ईडी और सीबीआई की संयुक्त टीम ने बृहस्पतिवार को सदर रजिस्ट्री कार्यालय पहुंचकर दोनों संपत्तियों की बिक्री या किसी भी प्रकार के अनुबंध पर रोक लगाने से संबंधित पत्र उप निबंधक को सौंपा। एक संपत्ति खोराबार क्षेत्र में महादेव झारखंडी टुकड़ा नंबर एक और दूसरी खजनी क्षेत्र के उनवल में है। माना जा रहा है कि जल्द ही ये संपत्तियों जब्त की जाएंगी।
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बृहस्पतिवार दोपहर करीब साढ़े 12 बजे उप निबंधक कार्यालय पहुंचे सीबीआई व ईडी के चार अफसरों ने 52 पेज का दस्तावेज सौंपते हुए संपत्तियों की बिक्री पर रोक लगाने की जानकारी दी। घोटाले से संबंधित मामले में सीबीआई और ईडी की टीम आने की चर्चा से बैंक कर्मियों में हड़कंप मच गया। सूत्रों के अनुसार, महादेव झारखंडी इलाके में संतोष तिवारी की पत्नी वंदना ने आराजी संख्या 419/1 में 1052 वर्ग मीटर में बना मकान और सभाजीत शुक्ल ने उनवल स्थित मौजा साहुलखोर में आराजी नंबर 203 में जमीन खरीदी है। इन्हीं दोनों संपत्तियों की बिक्री पर रोक लगाई गई है। ब्यूरो
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तत्कालीन मैनेजर समेत 52 आरोपी
मामले में आरोपियों में विकास भवन शाखा के तत्कालीन प्रबंधक एसएन चौबे सहित 52 लोगों के नाम हैं। इस मामले में 2017 में पहली एफआईआर दर्ज की गई थी। इसमें स्कॉलरशिप, इंदिरा आवास, वृद्धा, विधवा एवं दिव्यांग पेंशन सहित अन्य योजनाओं की रकम दूसरे खाते में भेजकर निकाल ली गई।


ईडी और सीबीआई की टीम ने सदर तहसील और खजनी तहसील की एक-एक संपत्तियों की बिक्री पर रोक लगाई है। इन संपत्तियों की रजिस्ट्री नहीं होगी। -संजय दुबे, एआईजी स्टांप

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