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Gorakhpur News: नई उम्र के युवाओं में बढ़ रहा नशे का चलन, शहर में सक्रिय सप्लाई चेन पर नजर
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- कॉलेज, कोचिंग और औद्योगिक क्षेत्रों को बनाया जा रहा निशाना
अमर उजाला ब्यूरो
गोरखपुर। नई उम्र के युवाओं में तेजी से बढ़ते नशे के चलन पर अंकुश लगाने के लिए एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (एएनटीएफ) ने बीते दो महीनों में ताबड़तोड़ कार्रवाई की है। इस दौरान गांजा, हिरोइन और अमेरिकन गांजा समेत तीन करोड़ रुपये से अधिक कीमत की ड्रग्स बरामद की गई है, जबकि आठ तस्करों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। इन कार्रवाइयों से शहर और आसपास के जिलों में सक्रिय नशे की सप्लाई चेन पर पुलिस की कड़ी नजर बनी हुई है।
एएनटीएफ सूत्रों के मुताबिक, गिरफ्तार तस्करों से पूछताछ में यह स्पष्ट हुआ कि यह कारोबार पूरी तरह संगठित नेटवर्क के तहत संचालित हो रहा था। गांजा और अमेरिकन गांजा की सप्लाई मुख्य रूप से ओडिशा, आंध्र प्रदेश और छत्तीसगढ़ के सीमावर्ती इलाकों से की जा रही थी। इन्हें कंटेनर, ट्रक और छोटे वाहनों में छिपाकर पूर्वांचल के विभिन्न जिलों तक पहुंचाया जाता था। वहीं हिरोइन नेपाल सीमा से सटे इलाकों से लाई जा रही थी और छोटी-छोटी पुड़ियों में पैक कर स्थानीय स्तर पर वितरित की जाती थी।
पूछताछ में यह भी सामने आया कि तस्कर कॉलेज, कोचिंग संस्थानों और औद्योगिक क्षेत्रों के आसपास रहने वाले युवाओं को मुख्य ग्राहक मानते थे। कम उम्र के युवाओं को आसान उपलब्धता और कम कीमत का लालच देकर नशे की गिरफ्त में लाया जा रहा था। यही कारण है कि नशे की लत से जुड़े मामलों में बीते कुछ वर्षों में लगातार बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है।
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दो माह में कई बड़ी बरामदगी
बीते दो महीनों में एएनटीएफ ने कई बड़ी खेप पकड़ी हैं। 10 नवंबर को 17 लाख रुपये कीमत के अमेरिकन गांजा के साथ अभिषेक को गिरफ्तार किया गया। वह देवरिया का रहने वाला था जो मौजूदा समय में चरगांवा में रहता था। 24 नवंबर को चौरीचौरा के दुबियारी पुल के पास 6.35 क्विंटल गांजा बरामद हुआ, जिसमें पांच तस्कर पकड़े गए। उनकी पहचान बिहार और नेपाल के विभिन्न इलाकों से हुई। गिरफ्तार तस्करों के मोबाइल फोन की जांच में 50 से अधिक संदिग्धों के नाम और नंबर उजागर हुए हैं। इनमें से कई शहर के भीतर और कुछ बाहर सक्रिय हैं। एएनटीएफ कॉल डिटेल, लोकेशन और डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर सभी को ट्रेस करने में जुटी है।
वर्जन
मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ अभियान जारी है। नशे के कारोबार में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। आने वाले दिनों में और गिरफ्तारी और बड़ी बरामदगी की संभावना है।
- आनंद प्रकाश, ज्वाइंट डायरेक्टर, एएनटीएफ
अमर उजाला ब्यूरो
गोरखपुर। नई उम्र के युवाओं में तेजी से बढ़ते नशे के चलन पर अंकुश लगाने के लिए एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (एएनटीएफ) ने बीते दो महीनों में ताबड़तोड़ कार्रवाई की है। इस दौरान गांजा, हिरोइन और अमेरिकन गांजा समेत तीन करोड़ रुपये से अधिक कीमत की ड्रग्स बरामद की गई है, जबकि आठ तस्करों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। इन कार्रवाइयों से शहर और आसपास के जिलों में सक्रिय नशे की सप्लाई चेन पर पुलिस की कड़ी नजर बनी हुई है।
एएनटीएफ सूत्रों के मुताबिक, गिरफ्तार तस्करों से पूछताछ में यह स्पष्ट हुआ कि यह कारोबार पूरी तरह संगठित नेटवर्क के तहत संचालित हो रहा था। गांजा और अमेरिकन गांजा की सप्लाई मुख्य रूप से ओडिशा, आंध्र प्रदेश और छत्तीसगढ़ के सीमावर्ती इलाकों से की जा रही थी। इन्हें कंटेनर, ट्रक और छोटे वाहनों में छिपाकर पूर्वांचल के विभिन्न जिलों तक पहुंचाया जाता था। वहीं हिरोइन नेपाल सीमा से सटे इलाकों से लाई जा रही थी और छोटी-छोटी पुड़ियों में पैक कर स्थानीय स्तर पर वितरित की जाती थी।
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पूछताछ में यह भी सामने आया कि तस्कर कॉलेज, कोचिंग संस्थानों और औद्योगिक क्षेत्रों के आसपास रहने वाले युवाओं को मुख्य ग्राहक मानते थे। कम उम्र के युवाओं को आसान उपलब्धता और कम कीमत का लालच देकर नशे की गिरफ्त में लाया जा रहा था। यही कारण है कि नशे की लत से जुड़े मामलों में बीते कुछ वर्षों में लगातार बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है।
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दो माह में कई बड़ी बरामदगी
बीते दो महीनों में एएनटीएफ ने कई बड़ी खेप पकड़ी हैं। 10 नवंबर को 17 लाख रुपये कीमत के अमेरिकन गांजा के साथ अभिषेक को गिरफ्तार किया गया। वह देवरिया का रहने वाला था जो मौजूदा समय में चरगांवा में रहता था। 24 नवंबर को चौरीचौरा के दुबियारी पुल के पास 6.35 क्विंटल गांजा बरामद हुआ, जिसमें पांच तस्कर पकड़े गए। उनकी पहचान बिहार और नेपाल के विभिन्न इलाकों से हुई। गिरफ्तार तस्करों के मोबाइल फोन की जांच में 50 से अधिक संदिग्धों के नाम और नंबर उजागर हुए हैं। इनमें से कई शहर के भीतर और कुछ बाहर सक्रिय हैं। एएनटीएफ कॉल डिटेल, लोकेशन और डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर सभी को ट्रेस करने में जुटी है।
वर्जन
मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ अभियान जारी है। नशे के कारोबार में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। आने वाले दिनों में और गिरफ्तारी और बड़ी बरामदगी की संभावना है।
- आनंद प्रकाश, ज्वाइंट डायरेक्टर, एएनटीएफ