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Gorakhpur News: मेडिकल कॉलेज में बनेगा डीआरटीबी वार्ड

Wed, 13 Mar 2024 11:22 PM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Wed, 13 Mar 2024 11:22 PM IST
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DRTB ward will be built in the medical college
- एमडीआर मरीजों को भर्ती कर शुरू होगा इलाज
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- प्री-ट्रीटमेंट ई वैल्यूएशन सुविधा से इलाज में होगी आसानी
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। मेडिकल कॉलेज में क्षय रोग के मल्टी ड्राग रेजिस्टेंट (एमडीआर) मरीजों के लिए डीआटीबी वार्ड बनाया जाएगा। कोर कमेटी की बैठक में यह निर्णय लिया गया है। इसे स्थापित करने की कवायद भी शुरू कर दी गई है। इसके शुरू होने से प्री-ट्रीटमेंट ई वैल्यूएशन की सुविधा होगी। दवा शुरु करने से पहले भर्ती कर उनकी जांच होगी। अब तक यह सुविधा नहीं होने से मरीज का परीक्षण कर दवा शुरू दी जाती थी। दवा दी जाएगी, ताकि साइड इफेक्ट्स के बारे में जानकारी की जाएगी। जरूरत पड़ने पर भर्ती भी किया जाएगा। यह टीबी की खतरनाक बीमारी होती है। यहां सुविधा पहले यहां नहीं थी।
सरकार का क्षय रोग उन्मूलन पर जोर है। इसके लिए समय-समय पर अभियान भी चलाए जा रहे हैं। विभाग की ओर से मरीजों को ढूंढ कर इलाज किया जा रहा है। टीबी की बीमारी में एमडीआर खतरनाक होता है। यह मरीज के खांसने, छींकने, थूकने से दूसरे लोगों में भी फैलती है। टीबी के मरीज के पूरे कोर्स दवा न लेने और बीच-बीच में छोड़-छोड़ खाने से दवा असर नहीं करती है और वह एमडीआर मरीज की श्रेणी में आ जाता है। इन मरीजों की दवा शुरू करने से डीआरटीबी वार्ड में भर्ती कर प्री टेस्ट कराना पड़ता है।
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मेडिकल कॉलेज की ओपीडी में इस तरह के हर रोज औसतन करीब चार से पांच मरीज आते हैं। पर वार्ड न होने के कारण परीक्षण के बाद उन्हें टीबी क्लीनिक से दवा उपलब्ध करा दी जाती है। इसे देखते हुए मेडिकल कॉलेज की कोर कमेटी बैठक में डीआरटीबी वार्ड को लेकर चर्चा की गई। साथ ही वार्ड को स्थापित करने की योजना बनाई गई। इसके लिए कवायद भी शुरू कर दी गई है। ओपीडी के फर्स्ट फ्लोर पर चार बेड का वार्ड स्थापित करने की संभावना है। वार्ड में एक डॉक्टर और नर्सिंग स्टाफ की तैनाती होगी। इसके बन जाने से मरीज के इलाज में आसानी होगी।
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48 घंटे तक रखे जाएंगे मरीज
देवरिया। मेडिकल कॉलेज में जांच में एमडीआर की पुष्टि होने के बाद उसे वार्ड में भर्ती किया जाएगा। इसके बाद स्पुटम, ट्रूनाट व सीबी नाट, ईसीजी, ऑडियोमेट्री, ब्लड, यूरीन जांच कराई जाएगी। इसके बाद दवा दी जाएगी। यह देखा जाएगा कि किसी दवा का साइड इफेक्ट तो नहीं है। इसके बाद मरीज को दवा देकर भेज दिया जाएगा। एमडीआर के मरीज की दवा का 9 से 11 तक का कोर्स होता है। मरीज को नियमित दवा लेनी होती है। संवाद

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इतने मिले एमडीआर मरीज
2020-21 में 218,
2021-22 में 210
2022-23 में 235
जनवरी 2024 से अब तक 25 मरीज मिले हैं।
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मेडिकल काॅलेज की कोर कमेटी बैठक में डीआरटीबी वार्ड बनाने की योजना बनाई गई है। इसकी कवायद शुरू कर दी गई है। दो से तीन माह के अंदर वार्ड को शुरू कर दिया जाएगा। इससे मरीजों के इलाज में आसानी होगी। -डॉ. एचके मिश्रा, सीएमएस
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