Gorakhpur Weather: रिमझिम बारिश से लुढ़का पारा, कीचड़ ने बढ़ाई लोगों की परेशानी
बेमौसम बारिश से फसलों को नुकसान पहुंचेगा। कृषि वैज्ञानिक अजय सिंह ने बताया कि बारिश से गेहूं और सरसों की फसल को सबसे ज्यादा नुकसान होगा। सब्जियों की खेती पर भी इस बारिश का प्रभाव पड़ेगा। करैला, भिंडी, नेनुआ आदि के पौधों के खराब होने की आशंका काफी ज्यादा बढ़ गई है।
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गोरखपुर में मंगलवार सुबह हुई रिमझिम बारिश ने फिर से मौसम का मिजाज बदल दिया। वहीं सोमवार सुबह और शाम झमाझम बारिश होने से लोगों की परेशानियां बढ़ गई थीं। पूरे दिन में करीब 15.6 मिलीमीटर बारिश हुई। वहीं करीब 13 किलोमीटर की रफ्तार से चली हवाओं ने सिहरन बढ़ा दी। दिन का तापमान सामान्य से छह डिग्री नीचे लुढ़क गया। दूसरी तरफ बारिश की वजह से शहर के विभिन्न इलाकों में जलभराव तो कम हुआ, लेकिन बारिश के बाद हुए कीचड़ की वजह से लोगों को काफी परेशानी झेलनी पड़ी।
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उत्तरी हिमालय के ऊपर कम दबाव के क्षेत्र और राजस्थान के ऊपर चक्रवाती हवाओं के बने क्षेत्र की वजह से पूरे उत्तरप्रदेश के ऊपर बादल छाए हुए हैं। सोमवार को भी मौसम का मिजाज बदला रहा। भोर करीब चार बजे से ही बारिश होनी शुरू हो गई। करीब 11 बजे तक बारिश होती रही।
हालांकि इसके बाद बारिश थम गई। लेकिन इस दौरान तापमान लुढ़क गया। अधिकतम तापमान 26.8 डिग्री तक पहुंच गया। जो कि सामान्य अधिकतम तापमान से छह डिग्री कम रहा। शाम होते होते फिर से काले बादल छा गए और बारिश शुरू हो गई। इसके बाद बूंदाबांदी जारी रही। मौसम विशेषज्ञ कैलाश पांडेय के अनुसार मंगलवार को भी हल्की बारिश की संभावना है।
कीचड़ ने बढ़ाई लोगों की मुश्किल
सुबह से शाम तक हुई बारिश की वजह से लोगों को परेशानी भी झेलनी पड़ी। तारामंडल, रुस्तमपुर, महुई सुघरपुर, पादरी बाजार, दाउदपुर समेत शहर के कुछ निचले इलाकों में थोड़ा जलभराव भी हुआ, लेकिन सबसे ज्यादा परेशानी निर्माण कार्य वाले क्षेत्रों में लोगों को झेलनी पड़ी।
बारिश से फसलों को नुकसान की आशंका
बेमौसम बारिश से फसलों को नुकसान पहुंचेगा। कृषि वैज्ञानिक अजय सिंह ने बताया कि बारिश से गेहूं और सरसों की फसल को सबसे ज्यादा नुकसान होगा। सब्जियों की खेती पर भी इस बारिश का प्रभाव पड़ेगा। करैला, भिंडी, नेनुआ आदि के पौधों के खराब होने की आशंका काफी ज्यादा बढ़ गई है।