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गोरखपुर: डॉ. प्रीतिंदर सिंह डीआईजी और दिनेश कुमार पी बनाए गए नए एसएसपी
Sat, 27 Mar 2021 01:00 PM IST
vivek shukla
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Sat, 27 Mar 2021 01:00 PM IST
सार
- बड़ी घटनाओं का सफल अनावरण करने के लिए याद किए जाएंगे जोगिंदर कुमार
- बेहतर सुपरविजन कर राजेश डी मोडक ने बनाई अलग पहचान
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गोरखपुर के नए एसएसपी दिनेश कुमार पी।
- फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
डॉ. प्रीतिंदर सिंह गोरखपुर के नए डीआईजी और दिनेश कुमार पी नए एसएसपी बनाए गए हैं। वहीं गोरखपुर में एसएसपी रहे जोगेंद्र कुमार को झांसी का डीआईजी बनाया गया है। आईजी के तौर पर राजेश डी मोडक और बतौर एसएसपी जोगेंद्र कुमार का कार्यकाल गोरखपुर में बेहतर पुलिसिंग के लिए याद किया जाएगा। जोगेंद्र ने 18 अगस्त 2020 को गोरखपुर जिले का चार्ज संभाला था।
जानकारी के मुताबिक, सात महीने से ज्यादा समय जोगेंद्र कुमार की गोरखपुर में तैनात रहे। इस दौरान उन्होंने पुलिसिंग व्यवस्था को बेहतर बनाने की दिशा में कई महत्वपूर्ण कदम उठाए। जिसमें रात्रि गश्त के लिए बनाई गई व्यवस्था प्रमुख रही।
इन्हीं के समय में जिले में कई चर्चित लूट व हत्याकांड हुए जिनका 24 से 48 घंटे के अंदर पुलिस ने पर्दाफाश कर लिया। शाहपुर क्षेत्र में प्रधानाध्यापिका निवेदिता मेजर उर्फ डेविना, खोराबार क्षेत्र का दवा व्यापारी रामआसरे मौर्य हत्याकांड, 31 दिसंबर को चिलुआताल में लूट में नाकाम होने पर महराजगंज के व्यापारी की हत्या हो या दो मार्च को राजघाट के पांडेयहाता में अमृतसर के सराफा कारोबारी से हुई 45 लाख की लूट का मामला। इन घटनाओं ने पुलिस पर सवाल खड़े किए, लेकिन बाद में इन सभी वारदातों का पर्दाफाश हुआ और आरोपी जेल गए।
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जानकारी के मुताबिक, सात महीने से ज्यादा समय जोगेंद्र कुमार की गोरखपुर में तैनात रहे। इस दौरान उन्होंने पुलिसिंग व्यवस्था को बेहतर बनाने की दिशा में कई महत्वपूर्ण कदम उठाए। जिसमें रात्रि गश्त के लिए बनाई गई व्यवस्था प्रमुख रही।
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इन्हीं के समय में जिले में कई चर्चित लूट व हत्याकांड हुए जिनका 24 से 48 घंटे के अंदर पुलिस ने पर्दाफाश कर लिया। शाहपुर क्षेत्र में प्रधानाध्यापिका निवेदिता मेजर उर्फ डेविना, खोराबार क्षेत्र का दवा व्यापारी रामआसरे मौर्य हत्याकांड, 31 दिसंबर को चिलुआताल में लूट में नाकाम होने पर महराजगंज के व्यापारी की हत्या हो या दो मार्च को राजघाट के पांडेयहाता में अमृतसर के सराफा कारोबारी से हुई 45 लाख की लूट का मामला। इन घटनाओं ने पुलिस पर सवाल खड़े किए, लेकिन बाद में इन सभी वारदातों का पर्दाफाश हुआ और आरोपी जेल गए।
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