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मथुरा जेल में बंद डॉ. कफील की नहीं हो पाई रिहाई, CAA के खिलाफ एएमयू में दिया था भड़काऊ भाषण
Thu, 13 Feb 2020 09:07 AM IST
vivek shukla
डिजिटल न्यूज डेस्क, गोरखपुर/अलीगढ़।
डिजिटल न्यूज डेस्क, गोरखपुर/अलीगढ़।
Published by: vivek shukla
Updated Thu, 13 Feb 2020 09:07 AM IST
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डॉक्टर कफील खान (फाइल फोटो)
- फोटो : Twitter
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बीआरडी मेडिकल कालेज में ऑक्सीजन की कमी के बीच बच्चों की मौत के मामले में आरोपित डॉ. कफील की मथुरा जेल से रिहाई नहीं हो सकी। एएमयू में नागरिकता संशोधन कानून के विरोध में भड़काऊ भाषण देने के आरोप में डॉ. कफील मथुरा जेल में बंद हैं।
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उनकी अधिवक्ता इरफान गाजी ने बताया कि मुकदमे में जमानत तो हो गई है, लेकिन परवाना देरी से पहुंचने के कारण वे बाहर नहीं आ सके। अब गुरुवार को प्रक्रिया पूर्ण होगी।
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एएमयू में धरने को संबोधित करने के दौरान डॉ. कफील ने भड़काऊ भाषण दिया था। इसके बाद थाना सिविल लाइंस में उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ था। अधिवक्ता इरफान गाजी के अनुसार डॉ. कफील के छोटे भाई के अलीगढ़ निवासी दो दोस्तों ने उनकी जमानत ली है।
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दोनों जमानतियों की संपत्ति का सत्यापन हुआ। इसके बाद सीजेएम कोर्ट से डॉ. कफील को जमानत मिली है। जमानत मिलने के बाद रिहाई परवाना अलीगढ़ जेल भेजा गया था। जहां कफील को लाया गया था, लेकिन सुरक्षा कारणों की वजह से डेढ़ घंटे बाद अलीगढ़ जेल से उन्हें मथुरा जेल भेज दिया गया था। इसलिए रिहाई परवाना मथुरा जेल भेजा गया है।
इधर मथुरा जिला कारागार प्रशासन ने रिहाई परवाने की जांच कराने के बाद ही रिहाई देने की प्रक्रिया पूरी करने की बात कही है। यह प्रक्रिया गुरुवार को पूर्ण होने की संभावना है। अधिवक्ता गाजी के मुताबिक बुधवार को रिहाई परवाना मथुरा कारागार में शाम साढ़े छह बजे पहुंचा था, जबकि इसके पहुंचने का समय शाम पांच बजे तक है। इस वजह से रिहाई नहीं हो सकी।