{"_id":"6ad14bb67717b39bbe058ed7","slug":"dr-abhay-kumar-from-gorakhpur-university-has-become-a-life-member-of-the-indian-epilepsy-society-gorakhpur-news-c-7-gkp1038-1487309-2026-10-16","type":"story","status":"publish","title_hn":"Gorakhpur News: गोरखपुर विवि के डॉ. अभय कुमार इंडियन एपिलेप्सी सोसाइटी के आजीवन सदस्य बने","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Gorakhpur News: गोरखपुर विवि के डॉ. अभय कुमार इंडियन एपिलेप्सी सोसाइटी के आजीवन सदस्य बने
विज्ञापन
गोरखपुर। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के वनस्पति विज्ञान विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. अभय कुमार को इंडियन एपिलेप्सी सोसाइटी का आजीवन सदस्य बनाया गया है।
डॉ. अभय पिछले 10 वर्षों से पोषण, फंक्शनल फूड, आंतों के सूक्ष्मजीवों और मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े विषयों पर शोध कर रहे हैं। उन्होंने मिर्गी (एपिलेप्सी) से संबंधित विभिन्न पहलुओं पर भी शोध किया है। इसके साथ ही आम लोगों को मिर्गी के उपचार और बीमारी के प्रति जागरूक करने की दिशा में प्रयास किए हैं। डॉ. अभय का शोध कार्य पोषण और मानसिक स्वास्थ्य के बीच संबंधों को समझने के साथ ही स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित करने पर केंद्रित है। इंडियन एपिलेप्सी सोसाइटी की आजीवन सदस्यता उनके शोध क्षेत्र से जुड़ी एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।
विज्ञापन
डॉ. अभय पिछले 10 वर्षों से पोषण, फंक्शनल फूड, आंतों के सूक्ष्मजीवों और मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े विषयों पर शोध कर रहे हैं। उन्होंने मिर्गी (एपिलेप्सी) से संबंधित विभिन्न पहलुओं पर भी शोध किया है। इसके साथ ही आम लोगों को मिर्गी के उपचार और बीमारी के प्रति जागरूक करने की दिशा में प्रयास किए हैं। डॉ. अभय का शोध कार्य पोषण और मानसिक स्वास्थ्य के बीच संबंधों को समझने के साथ ही स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित करने पर केंद्रित है। इंडियन एपिलेप्सी सोसाइटी की आजीवन सदस्यता उनके शोध क्षेत्र से जुड़ी एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।
विज्ञापन