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Gorakhpur: नाविक की पिटाई के विरोध में बुढ़िया माई मंदिर का कपाट-दुकानें बंद, मुख्यमंत्री तक पहुंचा मामला
Fri, 19 Aug 2022 02:56 PM IST
vivek shukla
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Fri, 19 Aug 2022 02:56 PM IST
सार
रुद्रापुर निवासी सुनील निषाद बुढ़िया माई मंदिर के पास नाव चलाते हैं। मंगलवार को सहजनवां थाना क्षेत्र के गाहासाड़ निवासी व एसएसबी जवान सर्वेश त्रिपाठी अपने भाई अखिलेश व परिवार के साथ दर्शन करने मंदिर गए थे। दर्शन के दौरान वह परिवार सहित नाव से पुराने मंदिर में दर्शन करने गए। इसी दौरान किराये के विवाद में मारपीट हो गई थी।
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पुलिस की पिटाई के निशान।
- फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
गोरखपुर जिले के खोराबार इलाके के कुसम्ही जंगल स्थित बुढ़िया माई मंदिर के नाविक की पिटाई के विरोध में बृहस्पतिवार को मंदिर का कपाट व दुकानें बंद रहीं। ब्लॉक प्रमुख प्रतिनिधि रणविजय सिंह मुन्ना ने मुख्यमंत्री के संज्ञान में भी मामले को लाया। इसके बाद मंदिर प्रबंधन से वार्ता के बाद दोपहर बाद कपाट खुला। वहीं, दूसरी ओर आए श्रद्धालुओं को बिना दर्शन ही लौटना पड़ा। अपराह्न तीन बजे मंदिर के कपाट खुलने के बाद लोगों ने दर्शन किए। मंदिर प्रबंधन की मांग है कि लाइनहाजिर किए गए थानेदार पर केस दर्ज कर कार्रवाई की जाए।
जानकारी के मुताबिक, रुद्रापुर निवासी सुनील निषाद बुढ़िया माई मंदिर के पास नाव चलाते हैं। मंगलवार को सहजनवां थाना क्षेत्र के गाहासाड़ निवासी व एसएसबी जवान सर्वेश त्रिपाठी अपने भाई अखिलेश व परिवार के साथ दर्शन करने मंदिर गए थे। दर्शन के दौरान वह परिवार सहित नाव से पुराने मंदिर में दर्शन करने गए। इसी दौरान किराये के विवाद में मारपीट हो गई थी।
आरोप है कि इसके बाद एसएसबी जवान ने सुनील पर केस दर्ज कराया था और फिर पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लेकर उसकी पिटाई कर दी थी। बाद में शांतिभंग में चालान कर दिया था। पिटाई से चोट का वीडियो बुधवार को सोशल मीडिया पर वायरल हो गया था। मामला संज्ञान में आने पर एसएसपी ने थानेदार जयंत कुमार सिंह को लाइनहाजिर कर दिया था। बृहस्पतिवार को इसके विरोध में मंदिर प्रबंधन के फैसले पर मंदिर का कपाट व दुकानें बंद कर लोगों ने विरोध जताया। केस दर्ज करने की मांग पर अड़े थे, बाद में आश्वासन के बाद मंदिर का कपाट खोला गया।
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जवान का कहना है कि नाविक को जाते समय 50 रुपये किराया दे दिया था। लौटते समय भी नाविक ने किराया मांगा। विरोध करने पर नाविक ने अपने छह साथियों को बुला लिया और लाठी डंडों से लैस होकर हमला कर दिया। आरोप है कि सर्वेश व उनके अखिलेश को चोटें आईं। सूचना पाकर पुलिस का हॉक दस्ता मौके पर पहुंचा और नाविक को पकड़ कर थाने लाया था।
नाविक ने अपने कुछ साथियों के नाम पुलिस को बताए। पुलिस ने नाविक सहित अन्य के खिलाफ केस दर्ज कर लिया। उधर, नाविक का आरोप है कि एसएसबी जवान व पुलिस ने निर्ममता से पीटा है। पहले एसएसबी जवान ने मारा, फिर पुलिस ने खोराबार थाने ले जाकर पिटाई की। इस सिलसिले में इंस्पेक्टर जयंत कुमार सिंह का कहना है कि एसएसबी जवान की तहरीर पर एक नामजद एवं अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। नाविक से मारपीट के आरोप गलत हैं।
उधर मंत्री डाक्टर संजय निषाद ने भी पूरे मामले का संज्ञान लिया और कहा कि मुख्यमंत्री से वार्ता कर दोषियों पर कार्रवाई करने का आग्रह करूंगा।
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जानकारी के मुताबिक, रुद्रापुर निवासी सुनील निषाद बुढ़िया माई मंदिर के पास नाव चलाते हैं। मंगलवार को सहजनवां थाना क्षेत्र के गाहासाड़ निवासी व एसएसबी जवान सर्वेश त्रिपाठी अपने भाई अखिलेश व परिवार के साथ दर्शन करने मंदिर गए थे। दर्शन के दौरान वह परिवार सहित नाव से पुराने मंदिर में दर्शन करने गए। इसी दौरान किराये के विवाद में मारपीट हो गई थी।
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आरोप है कि इसके बाद एसएसबी जवान ने सुनील पर केस दर्ज कराया था और फिर पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लेकर उसकी पिटाई कर दी थी। बाद में शांतिभंग में चालान कर दिया था। पिटाई से चोट का वीडियो बुधवार को सोशल मीडिया पर वायरल हो गया था। मामला संज्ञान में आने पर एसएसपी ने थानेदार जयंत कुमार सिंह को लाइनहाजिर कर दिया था। बृहस्पतिवार को इसके विरोध में मंदिर प्रबंधन के फैसले पर मंदिर का कपाट व दुकानें बंद कर लोगों ने विरोध जताया। केस दर्ज करने की मांग पर अड़े थे, बाद में आश्वासन के बाद मंदिर का कपाट खोला गया।
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जवान का कहना है कि नाविक को जाते समय 50 रुपये किराया दे दिया था। लौटते समय भी नाविक ने किराया मांगा। विरोध करने पर नाविक ने अपने छह साथियों को बुला लिया और लाठी डंडों से लैस होकर हमला कर दिया। आरोप है कि सर्वेश व उनके अखिलेश को चोटें आईं। सूचना पाकर पुलिस का हॉक दस्ता मौके पर पहुंचा और नाविक को पकड़ कर थाने लाया था।
नाविक ने अपने कुछ साथियों के नाम पुलिस को बताए। पुलिस ने नाविक सहित अन्य के खिलाफ केस दर्ज कर लिया। उधर, नाविक का आरोप है कि एसएसबी जवान व पुलिस ने निर्ममता से पीटा है। पहले एसएसबी जवान ने मारा, फिर पुलिस ने खोराबार थाने ले जाकर पिटाई की। इस सिलसिले में इंस्पेक्टर जयंत कुमार सिंह का कहना है कि एसएसबी जवान की तहरीर पर एक नामजद एवं अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। नाविक से मारपीट के आरोप गलत हैं।
उधर मंत्री डाक्टर संजय निषाद ने भी पूरे मामले का संज्ञान लिया और कहा कि मुख्यमंत्री से वार्ता कर दोषियों पर कार्रवाई करने का आग्रह करूंगा।