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फर्जी डॉक्टरों की डिग्री: गाजीपुर के CMO ऑफिस से लीक हो रही डिग्री- गोरखपुर पुलिस की 3 'संदिग्ध बाबू' पर नजर

Wed, 04 Sep 2024 11:24 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर Published by: गोरखपुर ब्यूरो Updated Wed, 04 Sep 2024 11:24 AM IST
सार

पुलिस की जांच में अभी तक सामने आया है कि गाजीपुर के सीएमओ दफ्तर से डॉक्टरों की डिग्री लीक की जा रही थी। फिर फोटो कॉपी कराकर अवैध क्लीनिक और डायग्नोस्टिक सेंटर का रजिस्ट्रेशन कराया जाता था। वहां के मुख्य चिकित्साधिकारी कार्यालय के तीन बाबू पुलिस की जांच के रडार पर आ गए हैं।

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Doctors' degrees are leaking from Ghazipur's CMO office.Three babus in Gorakhpur police investigation
फर्जी डॉक्टरों की डिग्री के मामले में गिरफ्तार तीनों आरोपी - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

डाक्टरों की डिग्री के मामले की जांच में पुलिस को नए खेल के बारे पता चला है। बताया जा रहा है कि गाजीपुर के सीएमओ दफ्तर से डॉक्टरों की डिग्री लीक की जा रही थी। फिर फोटो कॉपी कराकर अवैध क्लीनिक और डायग्नोस्टिक सेंटर का रजिस्ट्रेशन कराया जाता था। वहां के मुख्य चिकित्साधिकारी कार्यालय के तीन बाबू पुलिस की जांच के रडार पर आ गए हैं।

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जांच में सामने आया है कि ये तीनों फर्जीवाड़े में शामिल हैं। दस हजार रुपये के बदले डॉक्टर की डिग्री, एमसीआई पंजीकरण प्रमाण पत्र, आधार कार्ड व शपथपत्र जालसाजों को उपलब्ध करा देते थे। इसके बाद इस असली डिग्री का फोटो कॉपी के जरिए इस्तेमाल होता था।
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पुलिस की जांच में यह भी सामने आया है कि पिछले 12 साल से ज्यादा वक्त से फर्जी तरीके से पैथालॉजी का संचालन किया जा रहा है। पूरे प्रकरण की जांच गंभीरता से की जा रही है, आरोपियों के खिलाफ साक्ष्य भी जुटाए जा रहे हैं। माना जा रहा है कि सरगना के पकड़े जाने के बाद इनकी भूमिका और स्पष्ट हो जाएगी।
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जानकारी के मुताबिक, अभी तक जिन भी डॉक्टरों के नाम का इस्तेमाल हुआ है, उनकी डिग्री के अलावा अन्य दस्तावेज पूरी तरह से प्रमाणित होने की वजह से आसानी से पंजीकरण हो जाता था। भ्रूण हत्या रोकने के लिए पीएनडीटी एक्ट को प्रभावी करते हुए ऑनलाइन व्यवस्था की गई।

इसमें पंजीकरण के लिए डॉक्टर की डिग्री के अलावा, शपथ पत्र, एमसीआई पंजीकरण प्रमाण पत्र, आधार कार्ड की छायाप्रति लगानी होती है, लेकिन अब इसमें भी सेंधमारी सामने आई है।
तीनों बाबू असली डॉक्टर के डिग्री की फोटो कॉपी ठगों को बेच देते थे, फिर उसी को आधार बनाकर आरोपी, फर्जी पैथालॉजी का संचालन कर रहे थे।

यह है पूरा मामला
गोरखपुर निवासी डॉ. राहुल नायक की शिकायत के बाद यह मामला खुला है। वह खुद पैथालॉजी सेंटर खोलना चाहते थे, इसके लिए उन्होंने आवेदन किया तो पता चला कि उनके नाम पर तीन जगहों पर पैथालॉजी सेंटर चल रहे हैं। इसके बाद पुलिस ने जांच की और तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर वाराणसी, गाजीपुर में चल रहे फर्जी पैथालॉजी सेंटर का पर्दाफाश किया।


जांच में कुछ कर्मचारियों की भूमिका संदिग्ध मिली है। इसकी भी जांच की जा रही है। पुलिस सरगना व उसके साथियों की तलाश में जुटी है। उनकी गिरफ्तारी के लिए टीमें लगी हैं। साक्ष्यों के आधार पर इस पूरे प्रकरण में कार्रवाई की जाएगी।
-कृष्ण कुमार बिश्नोई, एसपी सिटी

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