Swine Flu: गोरखपुर में स्वाइन फ्लू की दस्तक, बीआरडी का एक डॉक्टर पीड़ित
डॉक्टरों ने डेंगू, मलेरिया और कोरोना जांच कराई। तीनों रिपोर्ट निगेटिव आई। इस पर टीम ने स्वाइन फ्लू की जांच कराई। रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद कॉलेज में हड़कंप मच गया। मरीज की हालत बिगड़ने लगी। स्वाइन फ्लू के आधार पर उसका इलाज शुरू किया गया, तब जाकर हालत में सुधार हुआ है।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
डेंगू मरीजों की बढ़ती संख्या के बीच जिले में स्वाइन फ्लू की भी दस्तक हो गई है। बीआरडी मेडिकल कॉलेज के एक डॉक्टर में स्वाइन फ्लू की तस्दीक हुई है। मौजूदा समय में उनकी हालत खतरे से बाहर है। लेकिन, बीआरडी के डॉक्टरों की निगरानी में उनका इलाज घर पर ही चल रहा है।
कॉलेज प्रशासन यह मान रहा है कि डॉक्टर किसी मरीज के इलाज के दौरान संक्रमित हुए होंगे। ऐसी स्थिति में कॉलेज प्रशासन ने स्वाइन फ्लू के लक्षण वाले मरीजों की जांच कराने के निर्देश जारी किए हैं। बताया जा रहा है कि करीब एक सप्ताह पूर्व डॉक्टर को तेज बुखार हुआ। बदन में दर्द था। सांस फूलने की शिकायत हुई।
डॉक्टरों ने डेंगू, मलेरिया और कोरोना जांच कराई। तीनों रिपोर्ट निगेटिव आई। इस पर टीम ने स्वाइन फ्लू की जांच कराई। रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद कॉलेज में हड़कंप मच गया। मरीज की हालत बिगड़ने लगी। स्वाइन फ्लू के आधार पर उसका इलाज शुरू किया गया, तब जाकर हालत में सुधार हुआ है।
इसे भी पढ़ें: सीएम योगी आदित्यनाथ ने श्रीनाथजी मंदिर में की पूजा, लोक कल्याण की कामना की
माइक्रोबॉयोलॉजी में हुई जांच
पीड़ित डॉक्टर के डेंगू, मलेरिया , कोविड और स्वाइन फ्लू की जांच बीआरडी मेडिकल कॉलेज के माइक्रोबॉयोलॉजी लैब में हुई। इसकी तस्दीक बीआरडी प्रशासन ने की है।
प्राचार्य डॉ. गणेश कुमार ने कहा कि डॉक्टर के बीमार होने की जानकारी है। उनका इलाज बीआरडी के डॉक्टरों ने किया है। अभी हालत खतरे से बाहर हैं। मामले में स्वाइन फ्लू प्रोटोकॉल का पालन किया जाएगा। कैंपस में इलाज के लिए आने वाले बुखार के मरीजों की स्वाइन फ्लू जांच भी कराई जाएगी।