मात्र 15 मिनट के ईसीजी में डॉक्टर को हो गया कोरोना, एक लापरवाही पड़ी भारी
- गोरखपुर में डॉक्टर निकला कोरोना पॉजिटिव
- कोरोना संक्रमित महिला के संपर्क में आया था
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
कोरोना वायरस से बचाव में थोड़ी सी चूक आपको संक्रमण का शिकार बना सकती है। 15 मिनट के ईसीजी में गोरखपुर शहर का एक डॉक्टर कोरोना संक्रमण का शिकार हो गया। यह केस बताने के लिए काफी है कि वायरस का असर कितनी जल्दी लोगों पर हो रहा है।
ऐसे डॉक्टरों की सलाह को नजर अंदाज न करें और लॉकडाउन में नियमों का पालन करते हुए घरों पर रहें। बरगदवां की रहने वाली महिला का ईसीजी 15 मई को हुआ था। ईसीजी करने वाले टीम में दो डॉक्टर समेत तीन अन्य स्वास्थ्य कर्मी शामिल थे।
ईसीजी करने में पूरी टीम को महज 15 मिनट लगा था। कुल 45 मिनट तक महिला अस्पताल में थी। इसके बाद एंबुलेंस से महिला एसजीपीजीआई चली गई। लेकिन इस बीच कोरोना पॉजिटिव आया डॉक्टर महिला के संपर्क में केवल ईसीजी करते वक्त ही आया था।
नौ लोगों की हुई पहचान, होम क्वारंटीन की सलाह
इसके बाद जब 19 मई को रिपोर्ट जांच के लिए भेजा और 21 की रात में रिपोर्ट आई तो वह खुद भी तनाव में आ गया। उसे समझ में नहीं आ रहा था कि महज 15 मिनट के अंदर बेहद सावधानी पूवर्क ईसीजी किया गया।
ऐसे में कैसे इतने कम समय में वायरस शरीर के अंदर प्रवेश कर गया। सीएमओ डॉ श्रीकांत तिवारी ने लोगों से अपील की है कि वह बेवजह घर से न निकले। साबुन से हाथ धुलकर मास्क लगाए। अगर बाहर निकलना है तो हाथों को सैनिटाइज करें।
कोरोना पॉजिटिव मिलने के बाद डॉक्टर के संपर्क में आए नौ लोगों की पहचान हो चुकी है। इनमें निजी अस्पताल के डॉक्टर के पिता समेत पत्नी और तीन बच्चे शामिल है।
इसके अलावा गोरखनाथ थाना क्षेत्र के शास्त्री नगर कॉलोनी का रहने वाला एक युवक, कैंपियरगंज थाना क्षेत्र के लक्ष्मीपुर द्वितीय का एक युवक और सूरजकुंड गायत्री मंदिर के पास रहने वाला एक युवक शामिल है। इन सबको को स्वास्थ्य विभाग की टीम ने क्वारंटीन की सलाह दी है।