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गोरखपुर: एसटीपी के संचालन की निगरानी के लिए तैनात होंगे मजिस्ट्रेट, डीएम ने किया निरीक्षण
Sat, 18 Dec 2021 11:02 AM IST
vivek shukla
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Sat, 18 Dec 2021 11:02 AM IST
सार
रामगढ़ताल से उठ रही दुर्गंध के मामले में डीएम ने सक्रियता दिखाई है। एसटीपी के निरीक्षण के दौरान उन्होंने शोधित होकर ताल में गिर रहे पानी की गुणवत्ता भी जांची।
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रामगढ़ताल।
- फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
गोरखपुर के रामगढ़ताल में गंदा पानी गिरने से रोकने के लिए बनाए गए सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) समय पर चल रहे हैं या नहीं इसकी निगरानी के लिए अब मजिस्ट्रेट तैनात किए जाएंगे। ताल के पानी से दुर्गंध उठने की शिकायत के बाद शुक्रवार को महादेव झारखंडी स्थित एसटीपी का निरीक्षण करने पहुंचे डीएम विजय किरन आनंद ने ये निर्देश दिए। डीएम ने एसटीपी के जरिए शोधित होकर ताल में गिर रहे पानी की गुणवत्ता की भी जांच कराई।
जानकारी के अनुसार, रामगढ़ताल में गिरने वाले शहर के छह बड़े नालों का पानी शोधित कर ताल में गिराने के लिए 30 एमएलडी एवं 15 एमएलडी के दो एसटीपी लगाए गए हैं। इनका संचालन तोशिबा कंपनी कर रही है। देवरिया बाईपास से गुजरने वाले लोगों की तरफ से रामगढ़ताल में काई की मोटी परत जमने और दुर्गंध उठने की लगातार शिकायतें की जा रही हैं।
जीडीए उपाध्यक्ष प्रेम रंजन सिंह के निर्देश पर प्राधिकरण की टीम ने मौके पर जांच की तो ताल में काई जमी होने के साथ ही दुर्गंध की पुष्टि हुई। स्थानीय लोगों ने प्राय: एसटीपी बंद रहने की भी शिकायत भी की थी। डीएम झारखंडी स्थित 15 एमएलडी के एसटीपी का निरीक्षण करने पहुंचे तो वह संचालित की जा रही थी। इसके बाद डीएम ने शोधित होकर ताल में गिरने वाले पानी की गुणवत्ता की जांच कराई। डीएम ने मौके पर बिछाई जा रही पाइप लाइन का भी निरीक्षण किया।
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डीएम विजय किरन आनंद ने बताया कि एसटीपी के संचालन, पानी की गुणवत्ता, पाइप लाइन के लिए किए जा रहे कार्य, सीवर लाइन के कार्य की गुणवत्ता के लिए मजिस्ट्रेट तैनात किए गए हैं। झारखंडी की ओर के नाले चोक होने के कारणों का भी निरीक्षण किया गया है। ताल में कुछ नालियों का पानी सीधे गिर रहा है, इसे जल्द टैप कराया जाएगा।
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जानकारी के अनुसार, रामगढ़ताल में गिरने वाले शहर के छह बड़े नालों का पानी शोधित कर ताल में गिराने के लिए 30 एमएलडी एवं 15 एमएलडी के दो एसटीपी लगाए गए हैं। इनका संचालन तोशिबा कंपनी कर रही है। देवरिया बाईपास से गुजरने वाले लोगों की तरफ से रामगढ़ताल में काई की मोटी परत जमने और दुर्गंध उठने की लगातार शिकायतें की जा रही हैं।
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जीडीए उपाध्यक्ष प्रेम रंजन सिंह के निर्देश पर प्राधिकरण की टीम ने मौके पर जांच की तो ताल में काई जमी होने के साथ ही दुर्गंध की पुष्टि हुई। स्थानीय लोगों ने प्राय: एसटीपी बंद रहने की भी शिकायत भी की थी। डीएम झारखंडी स्थित 15 एमएलडी के एसटीपी का निरीक्षण करने पहुंचे तो वह संचालित की जा रही थी। इसके बाद डीएम ने शोधित होकर ताल में गिरने वाले पानी की गुणवत्ता की जांच कराई। डीएम ने मौके पर बिछाई जा रही पाइप लाइन का भी निरीक्षण किया।
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डीएम विजय किरन आनंद ने बताया कि एसटीपी के संचालन, पानी की गुणवत्ता, पाइप लाइन के लिए किए जा रहे कार्य, सीवर लाइन के कार्य की गुणवत्ता के लिए मजिस्ट्रेट तैनात किए गए हैं। झारखंडी की ओर के नाले चोक होने के कारणों का भी निरीक्षण किया गया है। ताल में कुछ नालियों का पानी सीधे गिर रहा है, इसे जल्द टैप कराया जाएगा।