गोरखपुर: झोपड़ी में सोए युवक को जिंदा जलाकर मार डाला, जमीन को लेकर था विवाद
मृतक सुरेंद्र यादव पहले ट्रक चालक था। वह अविवाहित था। दुर्घटना में घायल होने से वह दिव्यांग हो गया था। वह प्लास्टिक की पन्नी का झोपड़ी बनाकर उसमें रहता था। रात में भोजन करने के बाद सोया था। रात में अचानक उसमें आग लग गई और उसकी जिंदा जलने से मौत हो गई।
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गोरखपुर जिले के देवीपुर गांव में रविवार की रात एक बजे के करीब झोपड़ी में सोए दिव्यांग सुरेंद्र यादव (28) को जिंदा जलाकर मार डाला गया। आरोप है कि प्रधान प्रतिनिधि लालबचन पासवान ने परिवारवालों के साथ मिलकर हत्या की है। शव के पास देसी शराब की खाली बोतल मिली है। भूमि विवाद में वारदात की आशंका जताई जा रही है। पुलिस ने सुरेंद्र की बहन रीता की तहरीर पर हत्या का केस दर्ज कर लालबचन व अन्य लोगों को हिरासत में लिया है।
जानकारी के मुताबिक, चौरीचौरा थाना क्षेत्र के देवीपुर गांव में सड़क के किनारे की जमीन के एक हिस्से को सुरेंद्र यादव के चाचा रामजीत अपना बताते हैं। तहसील प्रशासन की टीम ने करीब डेढ़ वर्ष पहले भूमि की पैमाइश कर ग्रामसभा की घोषित कर दिया।
इसके बाद जमीन को जल जीवन मिशन के नाम हस्तांतरित कर दिया गया। उस जमीन पर पानी की टंकी बनाने की मंजूरी मिल चुकी है। सोमवार को ही ग्राम प्रधान की ओर से टंकी के लिए भूमिपूजन किया जाना था। उसी भूमि पर सुरेंद्र यादव (मृतक) का कब्जा था।
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कुछ दिन पहले भूमि की पैमाइश के दौरान ही लेखपाल शैलेष सिंह और सुरेंद्र के चाचा रामजीत में काफी विवाद और मारपीट हुई थी। आरोप है इसी विवाद में सुरेंद्र की जलाकर हत्या कर दी गई है।
वहीं, पुलिस वारदात की जांच गांव में लगे सीसीटीवी कैमरे की फुटेज से कर रही है। उसकी जांच के दायरे में सुरेंद्र के परिवार के करीबी भी हैं। फॉरेंसिक टीम ने भी मौके से साक्ष्य जुटाए हैं। घटना की सूचना पर एडीजी अखिल कुमार, डीएम कृष्णा करुणेश, एसएसपी डॉ. गौरव ग्रोवर, एसपी नार्थ मनोज अवस्थी पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंच गए थे।
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