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सिद्धार्थपुरम एन्क्लेव में दिव्य ज्योति जागृति संस्थान विशेष सत्संग में भजनों पर झूमे श्रद्धालु

Sun, 12 Jan 2020 06:17 PM IST
विजय जैन डिजिटल न्यूज डेस्क, गोरखपुर
डिजिटल न्यूज डेस्क, गोरखपुर Published by: विजय जैन Updated Sun, 12 Jan 2020 06:17 PM IST
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divya jyoti jagriti sansthan organise special satsang in shddarthpuram enclave gorakhpur
सिद्धार्थपुरम एन्क्लेव में विशेष सत्संग भजन में शामिल लोग। - फोटो : अमर उजाला
दिव्य ज्योति जागृति संस्थान की ओर से सिद्धार्थपुरम एन्क्लेव में विशेष सत्संग भजन और ध्यान सत्र का आयोजन रविवार को किया गया। इस दौरान ‘राम राज्य साकार हो उठे’, ‘ऐसी कृपा दृष्टि कर दो प्रभु.... स्वर्ग धरा पर आ जाए’ सरीखे भजनों पर श्रद्धालु झूमते नजर आए। भजन के दौरान वंदे मातरम, जय श्री राम, आशुतोष महाराज जी के जयकारों से पूरा माहौल गुंजायमान हो उठा।
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युवा दिवस पर आयोजित सत्संग में आशुतोष महाराज के शिष्य स्वामी सुमेधानंद ने कहा कि स्वामी विवेकानंद को ईश्वर की तलाश बचपन से ही थी। हर धार्मिक कार्यक्रम में जाकर साधु महात्माओं से पूछते थे क्या ईश्वर देखा जाता है? समस्त शास्त्रों में ईश्वर को देखने की बात की है। मगर हर जगह से निराशा ही हाथ लगा। पचास से अधिक गुरुओं के पास जाकर उन्होंने अपनी जिज्ञासा प्रकट की। सब ने माला मंत्र या बाहरी कर्मकांड ही बताया। ईश्वर का साक्षात्कार नहीं हो पाया। आखिर में उनकों रामकृष्ण परमहंस मिले तब उनकी आत्मा की प्यास शांत हो गई। जीवन में गुरु का होना अति आवश्यक है। पूर्ण गुरु ही हमें ईश्वर से मिला सकता है।
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सिद्धार्थपुरम एन्क्लेव में विशेष सत्संग। - फोटो : अमर उजाला
स्वामी ने कहा कि स्वामी विवेकानंद एक युवा सन्यासी थे। युवा शक्ति इस देश की रीढ़ की हड्डी है उसे सही दिशा मिलने की आवश्यकता है। जो अध्यात्म के द्वारा ही संभव है। अध्यात्म केवल बातें से समझ नहीं आ सकता है। गुरु ईश्वर के प्रकाश रूप का प्रत्यक्ष दर्शन कराते हैं। आशुतोष महाराज केवल ईश्वर की  का प्रत्यक्ष दर्शन कराते हैं। जो अत्यंत दुर्लभ है। कार्यक्रम का शुभारंभ वेद मंत्रों से हुआ। समापन पर मंगल आरती की गई। इस मौके पर पूर्व मेयर डॉ. सत्या पांडेय, प्रो. गोपाल प्रसाद, संयोजक स्वामी अर्जुनानंद, सुधा मोदी, सुमन तिवारी, विमलेश पासवान, अशोक जायसवाल आदि मौजूद थे।
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