Gorakhpur: जिला अस्पताल का सीटी स्कैन मशीन दो महीने में तीसरी बार हुई खराब, मरीज हो रहे परेशान
जिला अस्पताल एसआईसी डॉ. राजेंद्र ठाकुर ने कहा कि ऑप्टीकल फाइबर केबिल खराब होने के चलते सिटी स्कैन मशीन से जांच नहीं हो पा रही है। इसकी मरम्मत के लिए संबंधित नोडल एजेंसी को सूचना दी गई है।
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जिला अस्पताल में दो महीने में तीसरी बार सिटी स्कैन मशीन खराब हो गई है। इस बार मशीन के तार को चूहे ने काट दिया है। मेंटनेंस जिम्मेदारी संभाल रही लखनऊ की कंपनी मशीन के तार की तलाश कर रही है। जांच ठप होने से मरीजों को दिक्कत हो रही है। मजबूरी में लोगों को निजी जांच केंद्रों पर जाकर चार गुना ज्यादा खर्च कर जांच करानी पड़ रही है। वहीं सरकारी जांच ठप होने से मेडिको लीगल कराने वालों को दिक्कत हो रही है।
जिला अस्पताल में रोजाना औसतन ढाई हजार मरीज ओपीडी में आते हैं। इनमें से 100 के आसपास मरीजों को सिटी स्कैन की जरूरत पड़ती है। लेकिन, 25 से 30 मरीजों का ही सिटी स्कैन हो पाता है। इसमें भी बड़ी दिक्कत यह है कि बार-बार सिटी स्कैन मशीन खराब हो जा रही है।
करीब एक सप्ताह पहले मशीन के तार को चूहों ने कुतर दिया है, तब से जांच ठप है। इससे पहले अक्तूबर में भी मशीन तकनीकी खराबी की वजह से एक सप्ताह तक बंद रही थी। इसके अलावा एक बार यूपीएस खराब होने के कारण भी चार दिन तक जांच प्रभावित रही।
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निजी संस्थानों में करानी पड़ रही है जांच
सोमवार को अपने भाई को इलाज के लिए लेकर आए गगहा क्षेत्र के रबीश सिंह ने बताया कि डॉक्टर ने सिटी स्कैन के लिए लिखा। वहां गए तो पता लगा कि अभी मशीन खराब है। इसके बाद प्राइवेट में जांच कराई। जांच रिपोर्ट मिलने में वक्त लग गया, तब तक अस्पताल बंद हो चुका था।
इसके चलते निजी डाॅक्टर को दिखाकर घर लौटे। बिछिया के सुरेश प्रसाद ने बताया कि दो दिन पहले पत्नी को जांच के लिए लेकर गए थे। वहां सिटी स्कैन के खराब होने की वजह से जांच नहीं हो सकी, तब बीआरडी मेडिकल कॉलेज में जाकर दिखाए।
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जिला अस्पताल की बदहाल व्यवस्था का फायदा अगल-बगल खुले प्राइवेट जांच केंद्रों को मिल रहा है। ग्रामीण क्षेत्र से आए मरीज जिला अस्पताल में सुविधा नहीं मिलने पर निजी अस्पतालों में जाकर अपनी जांच व इलाज करा रहे हैं। मजबूरी में जिला अस्पताल से मरीज बेतियाहाता और गोलघर के गांधी गली स्थित केंद्रों तक पहुंच रहे हैं।
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जिला अस्पताल एसआईसी डॉ. राजेंद्र ठाकुर ने कहा कि ऑप्टीकल फाइबर केबिल खराब होने के चलते सिटी स्कैन मशीन से जांच नहीं हो पा रही है। इसकी मरम्मत के लिए संबंधित नोडल एजेंसी को सूचना दी गई है। केबिल बदलकर एक से दो दिन में मशीन चालू करा दी जाएगी।