Gorakhpur Weather: दिन में गर्मी से परेशान, शाम को सर्द हवाओं ने किया हैरान
कृषि विज्ञान केंद्र की मौसम विज्ञानी श्रुति वी सिंह का कहना है कि जब भी मानसून सत्र में बारिश कम होती है, तो उसका असर सबसे पहले सर्दी के दिनों पर पड़ता है। इस साल बारिश कम हुई तो इसके चलते दिसंबर के पहले सप्ताह में भी अभी गर्मी का एहसास हो रहा है।
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मौसम ने सोमवार को लोगों को हैरान किया। दोपहर में 30 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचे तापमान के चलते जहां लोगों को गर्मी का एहसास होने लगा था, वहीं लखनऊ में हुई बारिश के बाद शाम को अचानक सर्द हवाएं चलने से कंपकंपी छूट गई। आंध्र प्रदेश में आए मिचौंग तूफान के चलते अगले दो दिन तक बादल छाए रहने व बूंदाबांदी का अनुमान है।
हालांकि, मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि 12 दिसंबर के बाद सर्दी तेजी से बढ़ेगी। मानसून सीजन में हुई कम बारिश ने इस बार पूर्वांचल के मौसम पर बड़ा असर डाला है। दिसंबर के पहले सप्ताह में भी दिन का तापमान 30 डिग्री सेल्सियस के आसपास बना हुआ है, जो सामान्य से तीन डिग्री अधिक है। वहीं रात के न्यूनतम तापमान में भी दो डिग्री सेल्सियस की अधिकता है।
आमतौर पर गोरखपुर व बस्ती मंडल में दिसंबर के पहले सप्ताह में दिन का अधिकतम तापमान 27 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 13-14 डिग्री सेल्सियस होता है। इस बार नवंबर के अंतिम सप्ताह में तापमान कम होना शुरू तो हुआ लेकिन एक दिसंबर से मौसम का रुख पलट गया। तेज धूप के चलते लोगों को नवंबर के पहले सप्ताह जैसा अहसास होने लगा। जो लोग दिन में हाफ जैकेट पहन रहे थे, वे भी गर्मी के चलते केवल शर्ट पहनकर निकलने लगे।
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वहीं, रात में तापमान 15 डिग्री सेल्सियस से नीचे आने के बाद फिर बढ़कर 17 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। इसका असर यह हुआ कि सर्दी का असर केवल सुबह-शाम एक से दो घंटे तक ही रह गया। सोमवार को भी दिन में तेज धूप थी और दोपहर दो बजे अधिकतम तापमान 31 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया था, लेकिन देर शाम चली सर्द हवाओं के चलते तापमान में कमी आने लगी।
इस बार अधिक झेलना पड़ेगा सर्दी का असर
कृषि विज्ञान केंद्र की मौसम विज्ञानी श्रुति वी सिंह का कहना है कि जब भी मानसून सत्र में बारिश कम होती है, तो उसका असर सबसे पहले सर्दी के दिनों पर पड़ता है। इस साल बारिश कम हुई तो इसके चलते दिसंबर के पहले सप्ताह में भी अभी गर्मी का एहसास हो रहा है। दिसंबर के दूसरे सप्ताह में जब न्यूनतम तापमान कम होगा तो अचानक अधिक सर्दी पड़ने लगेगी। इस बार सर्दियों के दिन अधिक होने और न्यूनतम तापमान कम रहने के चलते लोगों को सर्दी का असर अधिक झेलना पड़ेगा।
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बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. डीके सिंह ने कहा कि यह मौसम बच्चों के स्वास्थ्य के लिए खतरनाक है। क्योंकि बच्चों का शरीर इतने तेज परिवर्तन को झेलने के लिए तैयार नहीं होता। ऐसे में सर्दी-गर्मी के चलते तीन साल से कम उम्र के बच्चों में निमोनिया का संक्रमण हो सकता है। बच्चे बुखार की चपेट में अधिक आते हैं। इसके अलावा जिनमें श्वसन संबंधी बीमारी है, वे भी प्रभावित होंगे। इसलिए ऐसे मौसम में खुद के स्वास्थ्य का ख्याल रखना बहुत जरूरी है।