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डिजिटल अरेस्ट: रिटायर्ड महिला डॉक्टर से 1.58 करोड़ रुपये ठगे

Fri, 27 Feb 2026 02:58 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Fri, 27 Feb 2026 02:58 AM IST
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Digital arrest: Retired woman doctor duped of Rs 1.58 crore
गोरखपुर। डिजिटल अरेस्ट कर साइबर जालसाजों ने कैंट इलाके की 64 वर्षीय रिटायर्ड आयुर्वेदिक चिकित्साधिकारी डॉ. मंजुला श्रीवास्तव से 1.58 करोड़ रुपये ठग लिए। जालसाजों ने खुद को एटीएस, एनआईए और ईडी का अधिकारी बताकर उन्हें मनी लॉन्ड्रिंग केस में फंसाने की धमकी दी। नौ दिन तक व्हाट्सएप वीडियो कॉल के जरिये निगरानी में रखकर उनसे विभिन्न खातों में रकम ट्रांसफर कराई गई। पीड़िता की तहरीर पर साइबर क्राइम पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
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कैंट थाना क्षेत्र के नहर रोड निवासी डॉ. मंजुला श्रीवास्तव वर्ष 2018 में सेवानिवृत्त हुई हैं। पति के निधन के बाद वह अकेले ही घर में रहती हैं। उनके बच्चे शहर के बाहर रहते हैं। डॉ. मंजुला के अनुसार, 13 फरवरी को व्हाट्सएप पर एक अज्ञात नंबर से वीडियो कॉल आई। कॉल करने वाले ने खुद को एटीएस और एनआईए का अफसर बताया और कहा कि उनका नाम मनी लॉन्ड्रिंग मामले में आया है। उन्होंने वीडियो कॉल के दौरान एक एटीएम कार्ड दिखाया, जिस पर उनका नाम अंकित था।
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जालसाजों ने दावा किया कि केनरा बैंक के खाते से 50 लाख रुपये का संदिग्ध लेन-देन हुआ है। जांच के नाम पर सहयोग करने और डिजिटल अरेस्ट में रहने को कहा गया। डर के कारण उन्होंने यह बात अपने बच्चों तक को नहीं बताई।
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पीड़िता के मुताबिक, 13 से 21 फरवरी तक जालसाज लगातार वीडियो कॉल पर निगरानी करते रहे। मोबाइल 24 घंटे चार्जिंग पर लगा रहता था। उन्हें किसी से भी संपर्क करने से रोका गया। जालसाजों ने कहा कि जांच पूरी होने तक उन्हें निर्देशों का पालन करना होगा, अन्यथा एक साल की जेल हो सकती है।



डॉ. मंजुला ने बताया कि उन्हें ऑनलाइन लेन-देन की जानकारी नहीं है। इसी का फायदा उठाकर आरोपियों ने उनकी सभी एफडी तुड़वाकर अलग-अलग खातों में कुल 1.58 करोड़ रुपये ट्रांसफर करा लिए। 21 फरवरी को बची हुई 30 लाख रुपये की एफडी भी तुड़वाकर भेज दी। ठगी का अहसास होने पर पीड़िता ने साइबर थाने में शिकायत दर्ज कराई।



घबराइए मत माताजी! पैसा वापस आ जाएगा



डॉ. मंजुला ने बताया कि जालसाज खुद को ईडी अधिकारी बताकर फर्जी रसीदें भेजते रहे। उन्होंने पुणे से कॉल करने का दावा किया। उन्हें भरोसा दिलाया कि फंड लीगलाइजेशन के बाद सारा पैसा वापस खाते में आ जाएगा। 24 फरवरी को बैंक खाते में रकम आने का आश्वासन दिया गया, लेकिन पैसा नहीं लौटा। सवाल करने पर आरोपी ने कहा-घबराइए मत माताजी! पैसा वापस आ जाएगा। आप जैसे 247 लोग जांच की जद में हैं। थोड़ा समय लगेगा। जब रकम वापस नहीं आई तो ठगी का अहसास हुआ।








तहरीर के आधार पर अज्ञात के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। जिन बैंक खातों में पैसा गया है, उनकी डिटेल खंगाली जा रही है और ट्रांजेक्शन ट्रेल के आधार पर आरोपियों तक पहुंचने की कोशिश की जा रही है।



- सुधीर जायसवाल, एसपी क्राइम
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