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Gorakhpur News: डिजिटल अरेस्ट: स्क्रीन पर पुलिस की वर्दी देख जाल में फंस रहे लोग

Fri, 23 Aug 2024 05:47 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Fri, 23 Aug 2024 05:47 AM IST
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Digital arrest: People getting trapped after seeing police uniform on screen
पीड़ितों ने बताया डिजिटल अरेस्ट होने के बाद का मंजर
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अमर उजाला ब्यूरो
गोरखपुर। शहर में डिजिटल अरेस्ट के मामले बढ़ते जा रहे हैं। मोबाइल फोन के स्क्रीन पर पुलिस की वर्दी और वैसा ही रौब देखकर पढ़े-लिखे लोग भी झांसे में आ जा रहे हैं। जालसाज अचानक फोन कर पहले घर और फिर बैंक की सारी जानकारी बताते हैं, इसके बाद एक वीडियाे कॉल आता है। सामने वर्दी पहनकर बैठा व्यक्ति दिखाई देता है। इसके पीछे बड़े-बड़े अक्षरों में लिखा पुलिस का मोनोग्राम लगा रहता है। इसके बाद सामने वाला जो भी कहता है, उसे मानना मजबूरी हो जाता है।
ये बातें डिजिटल अरेस्ट हो चुके पीड़ितों ने बताईं। ऐसे में अब हर किसी को सावधान होना होगा, वरना एक फोन पर आप भी घर में लॉक हो जाएंगे और जेब अलग कट जाएगी।
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शाहपुर के हरिद्वारपुरम कालोनी निवासी ऑलविन अर्विन्द बर्नाड एसबीआई में शाखा प्रबंधक थे, कुछ साल पहले वह रिटायर हुए हैं। उन्होंने बताया कि 31 जुलाई को सुबह 9:43 बजे मोबाइल फोन पर एक कॉल आई। कॉल करने वाले ने खुद को मुंबई साइबर क्राइम ब्रांच का इंस्पेक्टर बताया। उसने बोला-आपको डिजिटल अरेस्ट कर लिया गया है। अगर चालाकी की तो घर जाकर क्राइम ब्रांच पकड़कर दिल्ली लाएगी। इसलिए जांच में सहयोग करें। वह 33 घंटे तक डिजिटल अरेस्ट रहे। उन्होंने बताया कि उनके समझदार दोस्त ने बचा लिया।
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तिवारीपुर में रहने वाले बैंककर्मी कमलनाथ विश्वास ने बताया कि मंगलवार को उनकी पत्नी प्रज्ञा विश्वास के पास दोपहर में फोन आया। दो बजे फोन करने वाले ने खुद को सीबीआई का अफसर बताते हुए कहा कि आप के नाम से कूरियर है, उसमें मादक पदार्थ पकड़ा गया है। उसने पत्नी से बोला कि आप इसमें फंस गई हैं और आधार कार्ड दीजिए सत्यापन कराना पड़ेगा। पत्नी ने डरकर जालसाज के बताए नंबर पर अपने आधार कार्ड का फोटो भेज दिया। कुछ देर बाद उसने बचाने के नाम पर 50 हजार रुपये की मांग कर दी।

फिर ऑनलाइन रहते हुए पत्नी ने दूसरे नंबर से उन्हें कॉल कर मां की बीमारी के नाम पर रुपये मांगे। उन्हें शक हुआ तो फौरन घर पहुंचे। वहां पत्नी परेशान हाल मोबाइल के सामने बैठी थी, उसे समझाकर फोन कटवाया। उन्होंने बताया कि इस घटना के बाद पत्नी भी अब होशियार हो गई है। उसे अब कभी कोई इस तरह उलझा नहीं पाएगा।
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साइबर अपराध से बचाव एवं सावधानियां
डिजिटल अरेस्ट कभी पुलिस नहीं करती है, ऐसी अफवाह से बचें।
टेलीग्राम, वाट्सएप, इंस्टाग्राम के माध्यम से टास्क पूरा कर पैसे कमाएं, जैसे लुभावने अफवाहों से बचें।
क्रिप्टो करेंसी, बिटकॉइन में पैसे इंवेस्ट करने पर तीन गुना कमाने वाली बातों में आकर जाल में न फंसें।

फोन पर पुलिस अधिकारी बनकर पुत्र-पुत्री को किसी केस में फंसाने का डर दिखाने वालों से बचें।
पार्ट टाइम जॉब के नाम पर ओटीपी व बैंक खाते आदि किसी को भी शेयर न करें।
किसी भी अंजान व्यक्ति से व्हाट्सएप वीडियो कॉल करने में पूर्ण सावधानी बरतें।
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