Gorakhpur Lockdown: शहर में दिनभर रहा अधिकारियों का पहरा, पुलिस के सख्ती का ऐसे दिखा असर
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सुबह से ही एसपी सिटी डॉ कौस्तुभ महेवा मंडी पर डंटे रहे और सामग्रीयों की आपूर्ति कराई। इसके अलावा वे सीओ कैंट सुमित शुक्ला के साथ रजही, खोराबार, चौरीचौरा, आजाद चौक, रूस्तमपुर, मोहद्दीपुर इलाकों में घूमते रहे। इस दौरान कुछ लोग जहो अनावश्यक रूप से निकले थे उन्हें वापस भेजा। अधिकारी लगातार आपूर्ति पर भी निगाह बनाए रहे और आवश्यक निर्देश दिया।
उघर डीआईजी राजेश डी मोदक भी देवरिया, चौरीचौरा आदि क्षेत्रों में निकले और पुलिसकर्मियों से फीडबैक लिया और आवश्यक दिशा निर्देश दिया। साथ ही आमजन को भरोसा दिलाया कि आप घर में रहिए आप को किसी सामान की कमी नहीं होने दी जाएगी। वहीं एसएसपी डॉ सुनील गुप्ता भी सुबह से ही शहर के तमाम इलाकों के साथ ही पिपराइच आदि क्षेत्रों का दौरा किया और आवश्यक निर्देश दिया।
लॉकडाउन में गरीबों को भोजन करा रही पुलिस
वहीं महिला थाना प्रभारी अर्चना सिंह भी गोलघर आदि स्थानों पर घूम घूम कर महिलाओं को घरों के अंदर भेजा। वहीं दूसरी ओर खोराबार के जंगलसिकरी देवरिया बाईपास तिराहे पर सुबह अचानक भीड़ लगने पर लाठियां पटकनी पड़ी। लाकडाउन में लोगों की भलाई के लिए सख्ती के साथ ही पुलिस का एक मानवीय चेहरा भी सामने आ रहा है।
पिछले दो दिनों में कई पुलिसकर्मी अपने-अपने इलाके में सड़क पर घूमने वाले गरीबों को भोजन भी करा रहे हैं। शहर के धर्मशाला बाजार में इलाके के गणमान्य लोगों की मदद से एसपी सिटी डॉ कौस्तुभ के निर्देश पर सीओ गोरखनाथ प्रवीण सिंह व चौकी इंचार्ज धीरेंद्र राय भोजन बनवा कर सड़क पर घूमने वाले लोगों, गरीबों, बेसहारा बच्चों को सुबह शाम भोजन करा रहे हैं।
रास्ते में फंसे लोगों की मदद करेगी पीआरवी
वहीं एसपी ट्रैफिक आदित्य प्रकाश वर्मा ने भी बृहस्पतिवार को कुछ गरीबों को घर से खाना लाकर खिलाया। इसी प्रकार बेलघाट एसओ ने भी बुधवार को मंदिर के बाहर बैठे दो गरीबों को भोजन कराया। पुलिस भोजन से पहले सभी का हाथ धुलवा रही है और सोशल डिस्टेंसिंग का भी ख्याल रख रही है। पुलिस के इन कार्यों का डीएम और एसएसपी ने भी सराहना की है।
रास्ते में फंसे लोगों की पुलिस मदद करेगी। बशर्ते उन्हें ऐसे समय डॉयल 112 पर काल करना होगा। दरअसल कई लोग अपने गांव जाने के लिए बस या साधन नहीं मिलने पर पैदल ही निकल जा रहे हैं। बैरियर पर तैनात पुलिसकर्मी उन्हें जाने नहीं दे रहे है।
ऐसे में उन्हें तमाम दिक्कत हो रही है। इसे देखते हुए एसएसपी ने निर्देश दिया है कि अगर कोई भी पीड़ित डॉयल 112 पर फोन करता है तो पीआरवी के पुलिसकर्मी उनकी मदद करेंगे और उन्हें सुरक्षित स्थान पर आश्रय दिलाएंगे।
दरअसल ब़ृहस्पतिवार को गोरखपुर के बिछिया में रहकर मजदूरी करने वाले तीन मजदूर लाकडाउन से परेशान होकर अपने गांव देवरिया के सलेमपुर के लिए निकले। उन्हें बस नहीं मिला तो वे पैदल ही खोराबार के जंगलसिकरी स्थित देवरिया बाइपास तिराहे तक पहुंच गए। जबकि उन्हें करीब साठ किलोमीटर का सफर और बाकि था। इसी प्रकार महराजगंज से गोरखपुर आ रहा एक परिवार गुलरिहा इलाके में फंस गया था। वे पैदल ही वहां तक पहुंचे थे और मदद की गुहार लगा रहे थे।