फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Gorakhpur News ›   dhumavati jayanti 2021 on june 18 know puja vidhi

Dhumavati Jayanti 2021: धूमावती जयंती आज, ऐसे पाएं देवी मां का आशीर्वाद

Fri, 18 Jun 2021 08:24 AM IST
vivek shukla अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर। Published by: vivek shukla Updated Fri, 18 Jun 2021 08:24 AM IST
सार

तंत्र की शिक्षिका और ब्रह्मांड के रहस्यों को जानने वाली देवी के रूप में है माता धूमावती की पहचान

विज्ञापन
dhumavati jayanti 2021 on june 18 know puja vidhi
मां धूमावती। (सांकेतिक तस्वीर) - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

ज्येष्ठ मास की अष्टमी तिथि शुक्रवार यानी आज मां धूमावती की जयंती मनाई जा रही है। विशेष साधक धूमावती माता की आराधना कर उन्हें प्रसन्न किया जा रहा है। पंडित शरद चंद्र मिश्रा ने बताया कि मृत्यु की देवी कहलाई जाने वाली धूमावती देवी का निवास श्मशान में माना जाता है और इनका वाहन कौआ है। धूम्र वर्ण के कारण इन्हें धूमावती कहा जाता है।

विज्ञापन


ये वृद्धा एवं विधवा के रुप में दिखती हैं। तंत्र में इन्हें महान शिक्षिका एवं ब्रह्मांड संबंधी रहस्यों को जानने वाली देवी माना जाता है। इनकी साधना सामान्य साधक को नहीं करनी चाहिए। योग्य गुरू से दीक्षा लेकर उनके संरक्षण में ही इनकी साधना करनी चाहिए। साधक को इनकी साधना से कई दिव्य और मायावी विद्याओं में सिद्धि प्राप्त होती है। ऐसी विद्याओं को कारण साधक अंत में मोक्ष भी प्राप्त कर लेता है।
विज्ञापन


ऐसे हुई थी धूमावती माता की उत्पत्ति
पंडित अवधेश मिश्रा के अनुसार, सती के पिता राजा दक्ष अपने दामाद भगवान शंकर के प्रति सदभाव नहीं रखते थे। ऐसे में जब उन्होंने विशाल यज्ञ का आयोजन किया तो उन्होंने शिव और सती को आमंत्रित नहीं किया। बावजूद इसके सती की इच्छा अपने मायके जाने की थी। जब इसके लिए उन्होंने भगवान शिव से अनुमति मांगी तो भगवान शिव ने कहा कि जहां मान-सम्मान न हो, वहां नही जाना चाहिए।
विज्ञापन
विज्ञापन


वास्तव में देवी सती अपने पिता दक्ष के अपमान से कुपित थी। महादेव के मना करने पर वे यज्ञ मे जाकर यज्ञ को नष्ट करने की बात करते हुए भयानक रूप में आ गई। उस भयानक देवी ने अपने शरीर से दस देवियों को प्रकट कर उन्हें दसों दिशाओं में शिव का मार्ग रोकने का आदेश दिया।


भगवान शिव ने देवी सती से उन दस देवियों का परिचय पूछा, तो उन्होंने अपनी दस महाविद्याओं का एक-एक कर परिचय दिया। इस दौरान उन्होंने देवी धूमावती के बारे में परिचय देते हुए कहा कि आपके अग्निकोण में जो विधवा रूप में महेश्वरी हैं, वे महाविद्या धूमावती हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed