Devshayani Ekadashi: निंद्रा में गए भगवान विष्णु, अब चार माह नहीं होंगे मांगलिक कार्य
श्रद्धालुओं ने श्रद्धापूर्वक मनाई देवशयनी एकादशी, विधि-विधान से किया भगवान विष्णु का पूजन-अर्चना।
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भगवान विष्णु की आराधना का पर्व देवशयनी एकादशी मंगलवार को श्रद्धा पूर्वक मनाई गई। इसी के साथ चातुर्मास की भी शुरूआत हो गई। अगले चार महीने भगवान विष्णु निंद्रा में रहेंगे, जिससे सभी मांगलिक कार्य बंद रहेंगे। कार्तिक मास की देवउठनी एकादशी से फिर से मांगलिक कार्यों की शुरूआत होगी।
सृष्टि के पालक भगवान विष्णु की आराधना का पर्व देवशयनी एकादशी मंगलवार को श्रद्धा पूर्वक मनाई गई। इसी के साथ चातुर्मास की भी शुरुआत हो गई। अगले चार महीने भगवान विष्णु निंद्रा में रहेंगे, जिससे सभी मांगलिक कार्य बंद रहेंगे। कार्तिक मास की देवउठनी एकादशी से फिर से मांगलिक कार्यों की शुरुआत होगी।
देवशयनी एकादशी पर श्रद्धालुओं ने सुबह ब्रह्ममुहूर्त में स्नान करने के बाद एकादशी व्रत का संकल्प लिया। इसके बाद सूर्य को अर्घ्य प्रदान कर भगवान विष्णु की पूजा-अर्चना की। फिर शाम को षोडशोपचार विधि पूजन के अनुसार धूप, दीप, पुष्प आदि से भगवान का पूजन, आरती कर प्रार्थना की। इसके बाद उन्हें श्वेत वस्त्र पहनाकर श्वेत वर्ण की शैया पर शयन कराया।
चार महीने नहीं बजेगी शहनाई
ज्योतिषाचार्य मनीष मोहन ने बताया कि हिंदू पंचांग के अनुसार चातुर्मास आषाढ़ मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि से शुरू होकर कार्तिक मास की शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि तक रहता है। इस बार इसकी अवधि 118 दिन यानी 15 नवंबर तक रहेगी। इस दिन देवउठनी एकादशी है और इस एकादशी के बाद से ही मांगलिक कार्य शुरू होंगे।
विवाह मुहूर्त
नवंबर माह में शुभ मुहूर्त तारीख- 15, 16, 20, 21, 28, 29 और 30
दिसंबर माह में शुभ मुहूर्त तारीख - 1, 2, 6, 7, 11 और 13