ओवरलोड ट्रकों के विवाद में लाठीचार्ज मामला: पुलिस पर धनउगाही का भी आरोप, विभागीय जांच शुरू
- एसएसपी ने एसओ को लाइनहाजिर, तीन सिपाहियों को किया था सस्पेंड
- ओवरलोड ट्रकों से खराब हो रही सड़क को लेकर विरोध करने पर भाजपा नेताओं पर किया गया था लाठीचार्ज
विस्तार
उरुवा में ओवरलोड ट्रकों की वजह से खराब हो रही सड़क के मुद्दे को लेकर विरोध कर रहे भाजपा कार्यकर्ताओं पर लाठीचार्ज मामले में एसओ को लाइनहाजिर और तीन सिपाहियों को निलंबित करने के बाद उनके खिलाफ विभागीय जांच भी शुरू हो गई है।
मामले में भाजपा की ओर से सीओ गोला को तहरीर दी गई थी। पुलिसकर्मियों पर धनउगाही समेत अन्य आरोपों की जांच के आधार पर एसएसपी ने यह कार्रवाई की है। जानकारी के मुताबिक, बालू लदे ओवरलोड ट्रकों की वजह से उरुवा मुख्य मार्ग बदहाल हो चुका है।
सड़क टूट जाने से आए दिन वहां पर ट्रक धंस जा रहे हैं। इसकी शिकायत स्थानीय लोगों ने भाजपा नेताओं से की। स्थानीय लोगों ने यह भी आरोप लगाया था कि पुलिस धनउगाही कर ओवरलोड ट्रकों को आने की अनुमति देती है।
इसके बाद बीते शनिवार को भाजयुमो के पूर्व जिला उपाध्यक्ष गौरीशंकर मिश्रा ने विरोध करते हुए पुलिस से कार्रवाई की मांग की थी। तब पुलिस के सामने तय हुआ कि ट्रक दूसरे रास्ते से होकर गुजरेंगे, लेकिन शाम को पांच बजे से ट्रक उसी रास्ते से जाने लगे।
इसका विरोध करने पर विवाद हो गया और पुलिस ने लाठीचार्ज कर दिया। इसमें गौरीशंकर का सिर फूट गया था। कई अन्य लोग और कार्यकर्ता भी घायल हो गए थे।
मामला तूल पकड़ने पर सोमवार को भाजपा सांसद कमलेश पासवान, विधायक संत प्रसाद, पूर्व मंत्री राजेश त्रिपाठी समेत कई बड़े नेता घायल गौरीशंकर के घर पहुंचे थे। भाजपा की ओर से सीओ को केस दर्ज करने के लिए तहरीर भी दी गई थी।
आरोपों की जांच के आधार पर एसएसपी ने एसओ दिनेश राम को लाइनहाजिर और हेड कांस्टेबल पारसनाथ यादव, कांस्टेबल मनोज यादव, सुशील जायसवाल को निलंबित किया है। एसएसपी ने बताया कि सीओ की रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की गई है। सभी की विभागीय जांच भी कराई जा रही है।