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डेंगू का डंक: गोरखपुर में विभाग करता रहा छिड़काव का दावा, मिल गए डेंगू के मरीज
Sat, 11 Sep 2021 10:21 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
Published by: गोरखपुर ब्यूरो
Updated Sat, 11 Sep 2021 10:21 AM IST
सार
स्वास्थ्य विभाग का दावा था कि शहर को छह भागों में बांटकर जमा पानी और मच्छरों के लार्वा की जांच की जा रही है। इसके लिए दो मलेरिया इंस्पेक्टर को जिम्मेदारी भी सौंपी गई।
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प्रतीकात्मक तस्वीर।
- फोटो : अमर उजाला।
विस्तार
गोरखपुर जिले में डेंगू के दो मरीज मिलने के बाद स्वास्थ्य विभाग के सामने मुश्किलें खड़ी हो गई हैं। विभाग दावा करता रहा कि जलभराव वाले इलाकों में एंटी लार्वा का छिड़काव किया गया। इसके बाद भी डेंगू के मरीज मिल गए। मरीज मिलने के बाद विभाग ने नए सिरे से मरीजों के घर और उसके आसपास के इलाकों में एंटी लार्वा का छिड़काव कराते हुए लोगों को जागरूक करने की शुरुआत की है।
जानकारी के मुताबिक स्वास्थ्य विभाग का दावा था कि शहर को छह भागों में बांटकर जमा पानी और मच्छरों के लार्वा की जांच की जा रही है। इसके लिए दो मलेरिया इंस्पेक्टर को जिम्मेदारी भी सौंपी गई। इसके बाद भी डेंगू के केस मिल गए। ऐसे में विभाग के सभी दावों की पोल खुल गई है। विभाग अब इसे लेकर माइक्रोप्लान के तहत काम करने में जुट गया है। जिससे की अब केस न मिलने पाएं। इसके लिए सभी 19 सीएचसी-पीएचसी, 127 हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर और 23 शहरी स्वास्थ्य केंद्रों पर जांच किट रखवा दी गई है। जिससे की डेंगू के लक्षण वाले मरीजों की जांच तत्काल की जा सके। विभाग ने बताया कि अब तक डेंगू के 160 और मलेरिया के पांच हजार नमूनों की जांच की गई, सभी की रिपोर्ट निगेटिव आई है।
एक चम्मच साफ पानी में भी पनप सकते हैं डेंगू के मच्छर
जिला मलेरिया अधिकारी डॉ. अंगद सिंह ने बताया कि एक चम्मच साफ पानी से भी डेंगू के मच्छर पनप सकते हैं। इसलिए सावधानी बरतें। कहीं भी साफ पानी एकत्र न होने दें। डेंगू का मौसम शुरू हो चुका है। बचाव, उपचार से बेहतर है, इसलिए कूलर, गमले, फ्रिज की ट्रे, टायर, ट्यूब, नाद आदि हर छोटी-बड़ी जगह की जांच कर लें, कहीं भी पानी इकट्ठा हो तो उसे हटा दें।
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जिला मलेरिया अधिकारी डॉ. अंगद सिंह ने बताया कि डेंगू के केस मिलने के बाद मरीजों के घर और उसके आसपास एंटी लार्वा का छिड़काव कराया गया है। साथ ही सभी केंद्रों पर किट की भी रखवा दी गई है। जैसे ही लक्षण लोगों को नजर आएं वह स्वास्थ्य केंद्रों पर जाकर जांच करवा सकते हैं।
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जानकारी के मुताबिक स्वास्थ्य विभाग का दावा था कि शहर को छह भागों में बांटकर जमा पानी और मच्छरों के लार्वा की जांच की जा रही है। इसके लिए दो मलेरिया इंस्पेक्टर को जिम्मेदारी भी सौंपी गई। इसके बाद भी डेंगू के केस मिल गए। ऐसे में विभाग के सभी दावों की पोल खुल गई है। विभाग अब इसे लेकर माइक्रोप्लान के तहत काम करने में जुट गया है। जिससे की अब केस न मिलने पाएं। इसके लिए सभी 19 सीएचसी-पीएचसी, 127 हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर और 23 शहरी स्वास्थ्य केंद्रों पर जांच किट रखवा दी गई है। जिससे की डेंगू के लक्षण वाले मरीजों की जांच तत्काल की जा सके। विभाग ने बताया कि अब तक डेंगू के 160 और मलेरिया के पांच हजार नमूनों की जांच की गई, सभी की रिपोर्ट निगेटिव आई है।
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एक चम्मच साफ पानी में भी पनप सकते हैं डेंगू के मच्छर
जिला मलेरिया अधिकारी डॉ. अंगद सिंह ने बताया कि एक चम्मच साफ पानी से भी डेंगू के मच्छर पनप सकते हैं। इसलिए सावधानी बरतें। कहीं भी साफ पानी एकत्र न होने दें। डेंगू का मौसम शुरू हो चुका है। बचाव, उपचार से बेहतर है, इसलिए कूलर, गमले, फ्रिज की ट्रे, टायर, ट्यूब, नाद आदि हर छोटी-बड़ी जगह की जांच कर लें, कहीं भी पानी इकट्ठा हो तो उसे हटा दें।
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जिला मलेरिया अधिकारी डॉ. अंगद सिंह ने बताया कि डेंगू के केस मिलने के बाद मरीजों के घर और उसके आसपास एंटी लार्वा का छिड़काव कराया गया है। साथ ही सभी केंद्रों पर किट की भी रखवा दी गई है। जैसे ही लक्षण लोगों को नजर आएं वह स्वास्थ्य केंद्रों पर जाकर जांच करवा सकते हैं।