देवरिया बाईपास नाला: डेढ़ फीट कम होगी दीवार की ऊंचाई, सीएम के निर्देश पर हुआ बदलाव
पीडब्ल्यूडी अधीक्षण अभियंता हेमराज सिंह ने कहा कि सड़क के लेवल को ध्यान में रखते हुए नाले की दीवार ऊंची की गई थी। जो लोग दीवार का विरोध कर रहे हैं, उनका व्यावहारिक व सैद्धांतिक नहीं बल्कि व्यक्तिगत कारण है।
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देवरिया बाईपास के चौड़ीकरण के साथ बनाए जा रहे नाले की दीवार की ऊंचाई 100 मीटर लंबाई में डेढ़ फीट कम होगी। मुख्यमंत्री के निर्देश पर पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों ने डिजाइन को संशोधित कर नाले की दीवार की ढलाई का काम शुरू कराया है।
देवरिया बाईपास के चौड़ीकरण परियोजना के अंतर्गत बनाए जा रहे नाले के दीवार के अधिक ऊंचाई को लेकर अमर उजाला ने प्रमुखता से खबर प्रकाशित किया था। शनिवार को गोरखपुर दौरे पर आए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मामले की जानकारी होने पर मौके पर निरीक्षण करने पहुंचे। निरीक्षण के दौरान प्रथम दृष्टया ही नाला की ऊंची दीवार को अव्यवहारिक बताते हुए संबंधित अधिकारियों पर नाराजगी जताई थी।
साथ ही सख्त हिदायत देते हुए इसे ठीक करने के निर्देश दिए थे। इसके बाद पीडब्ल्यूडी के इंजीनियरों ने नई डिजाइन तैयार की और मंगलवार को उसके अनुरूप ढलाई का काम शुरू करा दिया। नई डिजाइन में नाले की दीवार की ऊंचाई करीब डेढ़ फीट तक कम की गई है।
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हर बार दीवार की ऊंचाई को जायज ठहराता रहा पीडब्लूडी
देवरिया बाईपास पर नाला की दीवार की ऊंचाई को लेकर स्थानीय नागरिकों के अलावा उच्चाधिकारी भी अव्यवहारिक मान रहे थे लेकिन, पीडब्लूडी के जिम्मेदार तकनीकी कारणों को गिनाकर दीवार की ऊंचाई को जायज ठहराते रहे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निरीक्षण और दूसरे दिन गोरखनाथ मंदिर में जानकारी लेने पर भी पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों की ओर से घुमाव और कुछ अन्य तकनीकी कारणों को बताकर दीवार की ऊंचाई का जायज ठहराया जा रहा था। लेकिन, मुख्यमंत्री ने उन्हें कड़ी फटकार लगाई।
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देवरिया बाईपास पर नाले की ऊंची दीवार को लेकर स्थानीय नागरिकों ने कमिश्नर से शिकायत की थी। कमिश्नर ने जीडीए सचिव उदय प्रताप सिंह की अध्यक्षता में जांच समिति का गठन किया। समिति में जीडीए के प्रभारी मुख्य अभियंता किशन सिंह, नगर निगम के मुख्य अभियंता संजय चौहान, ग्रामीण अभियंत्रण विभाग के अधीक्षण अभियंता दिलीप कुमार शुक्ल, पीडब्ल्यूडी निर्माण खंड तीन के अधिशासी अभियंता अरविंद कुमार शामिल रहे। समिति ने 18 दिसंबर को मौके पर पहुंच कर निरीक्षण किया। समिति ने पाया कि नाले की दीवार को अधिक ऊंचा बना दिया गया है जो व्यावहारिक एवं तकनीकी दृष्टि से उचित प्रतीत नहीं होता।
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समिति ने कार्यदायी संस्था को तीन दिन में नाले की दीवार ऊंची बनाए जाने को लेकर स्पष्टीकरण मांगा। इस पर पीडब्ल्यूडी के अभियंताओं ने अपने स्पष्टीकरण में भी नाला की दीवार की ऊंचाई काे जायज ठहराया। पीडब्ल्यूडी के स्पष्टीकरण के बाद समिति ने कमिश्नर को जो रिपोर्ट पेश की, उसमें पीडब्लूडी की बात को इंगित करते हुए नाला के दीवार की ऊंचाई को अव्यवहारिक बताते हुए अपना सुझाव भी दिया। जिसमें नाला की दीवार को कम करने का सुझाव दिया गया था। पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों ने अगर समिति के सुझाव को मान लिया होता तो जिस नाला की दीवार को तोड़ने में नुकसान हो रहा है, वह बच जाता।
पीडब्ल्यूडी अधीक्षण अभियंता हेमराज सिंह ने कहा कि सड़क के लेवल को ध्यान में रखते हुए नाले की दीवार ऊंची की गई थी। जो लोग दीवार का विरोध कर रहे हैं, उनका व्यावहारिक व सैद्धांतिक नहीं बल्कि व्यक्तिगत कारण है। दीवार की ऊंचाई कम करने से कई प्रकार की दिक्कतें आएंगी। इसकी देखरेख कर रहे अभियंता से जानकारी ली जाएगी।