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UP: गोरक्षनगरी के दीयों से जगमगाएगी अयोध्या नगरी, दिवाली के लिए गोरखपुर से भेजे जाएंगे पांच लाख दीपक

Sun, 22 Oct 2023 01:04 PM IST
शाहरुख खान उदयभान त्रिपाठी, अमर उजाला, गोरखपुर
उदयभान त्रिपाठी, अमर उजाला, गोरखपुर Published by: शाहरुख खान Updated Sun, 22 Oct 2023 01:04 PM IST
सार

दिवाली पर अयोध्या नगरी को जगमग करने का जिम्मा भी गोरक्षनगरी के टेराकोटा शिल्पकारों पर है। उन्हें पांच लाख दीपक बनाकर अयोध्या भेजने हैं। इस वजह से शिल्पकारों को दिन-रात काम करना पड़ रहा है। वहीं मूर्तियां व दीपकों के लिए दूसरे गांव के शिल्पकारों से भी लोग संपर्क कर रहे हैं।
 

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deepawali 2023 Ayodhya city will shine with the lamps of Gorakshanagari
दीये तैयार करतीं महिलाएं - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

गोरक्षनगरी के टेराकोटा की मांग तेजी से बढ़ रही है। टेराकोटा की मूर्तियां बनाने वाले हुनरमंद हाथों को दिवाली तक इतना काम है कि वे कोई बड़ा ऑर्डर लेने को तैयार नहीं हैं। विदेशी ही नहीं, अपने देश से भी बड़े कामों के ऑर्डर मिल रहे हैं। 
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दिवाली पर अयोध्या नगरी को जगमग करने का जिम्मा भी गोरक्षनगरी के टेराकोटा शिल्पकारों पर है। उन्हें पांच लाख दीपक बनाकर अयोध्या भेजने हैं। इस वजह से शिल्पकारों को दिन-रात काम करना पड़ रहा है। वहीं मूर्तियां व दीपकों के लिए दूसरे गांव के शिल्पकारों से भी लोग संपर्क कर रहे हैं।
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भटहट क्षेत्र के औरंगाबाद गांव में टेराकोटा का काम होता है। अंतरराष्ट्रीय व्यापार मेला में जा चुके इस गांव के पन्नेलाल प्रजापति बताते हैं-अयोध्या में दिवाली के लिए पांच लाख दीपक की डिमांड है, लेकिन अभी तक जो हालात हैं, उसे देखते हुए इतने कम समय में पांच लाख दीपकों की आपूर्ति मुश्किल लग रही है। 
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शिल्पकार गुलाबचंद्र प्रजापति बताते हैं कि दिवाली के लिए इतना काम है कि नया आर्डर लेने की फुर्सत ही नहीं है। फिर भी अगर अयोध्या के लिए दीपक भेजना है तो उसके लिए प्रबंध किया जाएगा। अयोध्या के लिए दीपक भेजने का काम करने वाली एजेंसी अब अगल-बगल के अन्य गांवों के शिल्पकारों के संपर्क में है। कई दुकानदारों से एडवांस बुकिंग भी की गई है।

हवन वाला एक हजार कप जाएगा वाराणसी
मिठाई का डिब्बा बनाने वाली संस्था सिद्धि विनायक वुमेन स्ट्रेंथ सोसाइटी ने इस बार एक नया प्रयोग किया है। संस्था से जुड़ी महिलाओं ने गोबर से ऐसा हवन कप तैयार किया है, जिसमें सारी हवन सामग्री भी होगी। बस कपूर जलाते ही हवन सामग्री भी जलने लगेगी। इस संस्था की चेयरमैन संगीता पांडेय ने बताया कि हवन सामग्री के साथ कप भी जलकर राख में तब्दील हो जाएगा। 
 

इससे किसी प्रकार का प्रदूषण नहीं फैलेगा। हवन सामग्री के साथ जले कप को किसी भी जलाशय में विसर्जित किया जाएगा तो वहां भी किसी प्रकार का प्रदूषण नहीं फैलेगा। वाराणसी में प्रधानमंत्री की मौजूदगी में होने वाले कार्यक्रम में एक हजार कप भेजे जाएंगे। आम लोगों के लिए भी यह कप मार्केट में उपलब्ध है, जिसकी कीमत केवल 27 रुपये है। इस साल की डिमांड को देखते हुए अगले साल इसकी संख्या बढ़ाई जाएगी और साथ ही पैकिंग भी होगी।

 

गोरखपुर का टेराकोटा अब ग्लोबल बन रहा है। यहां के शिल्पकार हर बार नए-नए आइडिया पर काम कर रहे हैं। वे सोशल मीडिया के जरिए भी नए-नए डिजाइन देखकर उसे अपने सांचे में ढालते हैं। इसी का नतीजा है कि लगातार यहां बने सामान की डिमांड बढ़ रही है। कई कलाकारों ने बताया कि अयोध्या और वाराणसी में होने वाले कार्यक्रमों के लिए एजेंसियां संपर्क में हैं। इससे शिल्पकारों को हौसला बढ़ रहा है।-रवि शर्मा, सहायक उपायुक्त उद्योग-गोरखपुर
 
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