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Gorakhpur News: गो तस्करी और नीट छात्र हत्याकांड में एक और आरोपी गिरफ्तार
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गोरखपुर। पिपराइच थाना क्षेत्र के महुआ चापी गांव निवासी नीट छात्र दीपक गुप्ता की हत्या के मामले में एसटीएफ ने फरार आरोपी जैद अली उर्फ जैद कुरैशी को रामपुर से गिरफ्तार किया है। एसटीएफ की फील्ड इकाई गोरखपुर ने आठ अक्तूबर को दोपहर करीब 1:30 बजे रामपुर के घेर मर्दान खां मोहल्ले में कार्रवाई कर उसे पकड़ा।
आरोपी पर पशु तस्करी करने वाले गिरोह का सक्रिय सदस्य होने का आरोप है। एसटीएफ के मुताबिक, गिरोह में उसकी जिम्मेदारी तस्करी के लिए सेकेंड हैंड पिकअप खरीदने और उसकी व्यवस्था करने की थी। मामले में इससे पहले बिहार से शिवम तिवारी को गिरफ्तार किया गया था।
एसटीएफ इंस्पेक्टर सत्यप्रकाश सिंह के नेतृत्व में टीम जैद की तलाश कर रही थी। सूचना मिली कि वह अपने गांव में मौजूद है। इसके बाद टीम ने उसे गिरफ्तार कर पिपराइच पुलिस के हवाले कर दिया। पुलिस ने शुक्रवार को उसे अदालत में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया।
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एसटीएफ के अनुसार, 15-16 सितंबर 2025 की रात गो तस्करी का विरोध करने पर आरोपियों ने दीपक गुप्ता की स्कूटी को पिकअप से टक्कर मारकर गिरा दिया था। इसके बाद उसका अपहरण कर मारपीट करते हुए जबरन पिकअप में बैठा लिया गया। कुछ दूर ले जाकर मेडिकल कॉलेज रोड पर उसकी हत्या कर शव फेंक दिया गया था। वारदात के बाद आरोपी पिकअप छोड़कर फरार हो गए थे।
बिहार के तस्करों से था संपर्क
एसटीएफ के मुताबिक, पूछताछ में जैद ने बताया कि वह साथियों के साथ पशु तस्करी करता था। उसका संपर्क बिहार के गोपालगंज और सिवान में सक्रिय नवाब नूर, जुबैर और उबैद से था। गिरोह के सदस्यों के बीच काम बंटे हुए थे। जैद तस्करी के लिए सेकेंड हैंड पिकअप खरीदने की जिम्मेदारी संभालता था। एसटीएफ के अनुसार, गोरखपुर में तस्करी के दौरान विरोध होने पर गिरोह के सदस्यों ने विरोध करने वालों को सबक सिखाने की योजना बनाई थी। इसी क्रम में दीपक गुप्ता की हत्या किए जाने की बात सामने आई है।
अप्रैल में शिवम तिवारी हुआ था गिरफ्तार
एसटीएफ के विवरण के अनुसार, आठ अप्रैल 2026 को बिहार के पश्चिमी चंपारण जिले के बगहा क्षेत्र में कार्रवाई कर शिवम तिवारी को गिरफ्तार किया गया था। उसके कब्जे से वारदात में इस्तेमाल महिंद्रा कंपनी की सफेद पिकअप बरामद हुई थी। वाहन का नंबर यूपी 57 बीटी 3599 है। जैद की गिरफ्तारी के बाद मामले में गिरोह के अन्य सदस्यों की भूमिका की जांच की जा रही है।
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आरोपी पर पशु तस्करी करने वाले गिरोह का सक्रिय सदस्य होने का आरोप है। एसटीएफ के मुताबिक, गिरोह में उसकी जिम्मेदारी तस्करी के लिए सेकेंड हैंड पिकअप खरीदने और उसकी व्यवस्था करने की थी। मामले में इससे पहले बिहार से शिवम तिवारी को गिरफ्तार किया गया था।
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एसटीएफ इंस्पेक्टर सत्यप्रकाश सिंह के नेतृत्व में टीम जैद की तलाश कर रही थी। सूचना मिली कि वह अपने गांव में मौजूद है। इसके बाद टीम ने उसे गिरफ्तार कर पिपराइच पुलिस के हवाले कर दिया। पुलिस ने शुक्रवार को उसे अदालत में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया।
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एसटीएफ के अनुसार, 15-16 सितंबर 2025 की रात गो तस्करी का विरोध करने पर आरोपियों ने दीपक गुप्ता की स्कूटी को पिकअप से टक्कर मारकर गिरा दिया था। इसके बाद उसका अपहरण कर मारपीट करते हुए जबरन पिकअप में बैठा लिया गया। कुछ दूर ले जाकर मेडिकल कॉलेज रोड पर उसकी हत्या कर शव फेंक दिया गया था। वारदात के बाद आरोपी पिकअप छोड़कर फरार हो गए थे।
बिहार के तस्करों से था संपर्क
एसटीएफ के मुताबिक, पूछताछ में जैद ने बताया कि वह साथियों के साथ पशु तस्करी करता था। उसका संपर्क बिहार के गोपालगंज और सिवान में सक्रिय नवाब नूर, जुबैर और उबैद से था। गिरोह के सदस्यों के बीच काम बंटे हुए थे। जैद तस्करी के लिए सेकेंड हैंड पिकअप खरीदने की जिम्मेदारी संभालता था। एसटीएफ के अनुसार, गोरखपुर में तस्करी के दौरान विरोध होने पर गिरोह के सदस्यों ने विरोध करने वालों को सबक सिखाने की योजना बनाई थी। इसी क्रम में दीपक गुप्ता की हत्या किए जाने की बात सामने आई है।
अप्रैल में शिवम तिवारी हुआ था गिरफ्तार
एसटीएफ के विवरण के अनुसार, आठ अप्रैल 2026 को बिहार के पश्चिमी चंपारण जिले के बगहा क्षेत्र में कार्रवाई कर शिवम तिवारी को गिरफ्तार किया गया था। उसके कब्जे से वारदात में इस्तेमाल महिंद्रा कंपनी की सफेद पिकअप बरामद हुई थी। वाहन का नंबर यूपी 57 बीटी 3599 है। जैद की गिरफ्तारी के बाद मामले में गिरोह के अन्य सदस्यों की भूमिका की जांच की जा रही है।