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UP: डीडीयू ने 'स्वदेश' से मिलाया हाथ, छात्रों को मिलेगा तकनीकी ज्ञान; बदलती चुनौतियों के लिए हो सकेंगे तैयार
Sun, 17 Dec 2023 12:34 PM IST
श्याम जी.
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर
Published by: श्याम जी.
Updated Sun, 17 Dec 2023 12:34 PM IST
सार
कुलपति ने कहा कि इन व्यावहारिक प्रशिक्षण और उद्योग-प्रासंगिक पाठ्यक्रम के माध्यम से गोरखपुर विश्वविद्यालय का लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि छात्र न केवल नौकरी के लिए तैयार हों, बल्कि उद्योग की जरूरतों को पूरा करने के लिए भी तैयार हों।
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गोरखपुर विश्वविद्यालय
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
छात्रों को बेहतर तकनीकी ज्ञान के लिए दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय एवं सोशल वेलफेयर एंड डेवलपमेंट फॉर एम्पावर्ड सोसाइटी (स्वदेश) ने हाथ मिलाया है। इसका उद्देश्य इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर स्किल्स काउंसिल ऑफ इंडिया (ईएसएससीआई) में प्रशिक्षण भागीदार संस्था स्वदेश के सहयोग से गोरखपुर विश्वविद्यालय में सैमसंग इनोवेशन कैंपस पहल शुरू करना है। सैमसंग इनोवेशन कैंपस, सैमसंग की एक अग्रणी पहल है, जिसका उद्देश्य छात्रों को आधुनिक कार्यबल की बदलती चुनौतियों के लिए तैयार करना है।
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गोरखपुर विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. पूनम टंडन और स्वदेश के अध्यक्ष डॉ. राजीव निगम के बीच एक बैठक में इस रणनीतिक साझेदारी के लिए सहमति बनी है। कुलपति ने कहा कि सैमसंग इनोवेशन कैंपस उभरती प्रौद्योगिकियों (इमर्जिंग टेक्नोलॉजी) में व्यावहारिक ज्ञान और कौशल को बढ़ावा देने की अपनी प्रतिबद्धता के लिए प्रसिद्ध है।
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इस सहयोग का उद्देश्य गोरखपुर विश्वविद्यालय के छात्रों का उभरती प्रौद्योगिकियों (इमर्जिंग टेक्नोलॉजी) जैसे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, इंटरनेट ऑफ थिंग्स, बिग डेटा और कोडिंग और प्रोग्रामिंग सहित भविष्य के प्रौद्योगिकी डोमेन क्षेत्रों में कौशल निर्माण करना है। यह पहल गोरखपुर विश्वविद्यालय के छात्रों को तेजी से विकसित हो रहे तकनीकी परिदृश्य में आगे बढ़ने के लिए आवश्यक अत्याधुनिक कौशल के साथ सशक्त बनाएगा।
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कुलपति ने कहा कि इन व्यावहारिक प्रशिक्षण और उद्योग-प्रासंगिक पाठ्यक्रम के माध्यम से गोरखपुर विश्वविद्यालय का लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि छात्र न केवल नौकरी के लिए तैयार हों, बल्कि उद्योग की जरूरतों को पूरा करने के लिए भी तैयार हों। यह सहयोग छात्रों की रोजगार क्षमता को बढ़ाने, शिक्षा और उद्योग के बीच की खाई को पाटने और समग्र और दूरदर्शी शिक्षा प्रदान करने के लिए गोरखपुर विश्वविद्यालय की प्रतिबद्धता को मजबूत करने की दिशा में लिया गया कदम है। बैठक में रजिस्ट्रार प्रो. शांतनु रस्तोगी, इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी के निदेशक प्रो. उमेश यादव और आईईटी के संकाय सदस्य उपस्थित रहे।