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Gorakhpur News: युवक की बजाय बुजुर्ग को इंजेक्शन लगाने का आरोप
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अमर उजाला ब्यूरो
गोरखपुर। एम्स के इमरजेंसी वार्ड में दो दिन पहले भर्ती कराए गए दर्द से पीड़ित एक युवक की बजाय बगल के बेड पर भर्ती बुजुर्ग को दर्द निवारक इंजेक्शन लगा देने की चर्चा है। हालांकि, एम्स प्रशासन इस घटना को सिरे से खारिज कर रहा है। पीड़ित का कहना है कि उसने एम्स की पेटिका में शिकायत पत्र डाला है।
शिकायतकर्ता कुसम्ही निवासी रितेश पांडेय का कहना है कि 45 वर्षीय चाचा दीपक पांडेय को लेकर दो दिन पहले एम्स की इमरजेंसी में गए थे। दो घंटे की मशक्कत के बाद इन्हें बेड नंबर पांच पर भर्ती किया गया। डॉक्टर ने महिला नर्स को दर्द निवारक इंजेक्शन लगाने का निर्देश दिया। महिला नर्स ने किसी अन्य स्टॉफ को यह जिम्मेदारी सौंप दी। उस कर्मचारी ने बेड नंबर पांच पर भर्ती दीपक पांडेय की बजाय बेड नंबर छह पर भर्ती 80 वर्षीय बुजुर्ग को इंजेक्शन लगा दिया। जानकारी होने पर आननफानन एम्स के कर्मचारियों ने दीपक को डिस्चार्ज कर दिया। इस संबंध में एम्स के मीडिया प्रभारी पंकज श्रीवास्तव का कहना है कि ऐसा कोई प्रकरण संज्ञान में नहीं है। पूरा मामला बेबुनियाद प्रतीत हो रहा है।
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गोरखपुर। एम्स के इमरजेंसी वार्ड में दो दिन पहले भर्ती कराए गए दर्द से पीड़ित एक युवक की बजाय बगल के बेड पर भर्ती बुजुर्ग को दर्द निवारक इंजेक्शन लगा देने की चर्चा है। हालांकि, एम्स प्रशासन इस घटना को सिरे से खारिज कर रहा है। पीड़ित का कहना है कि उसने एम्स की पेटिका में शिकायत पत्र डाला है।
शिकायतकर्ता कुसम्ही निवासी रितेश पांडेय का कहना है कि 45 वर्षीय चाचा दीपक पांडेय को लेकर दो दिन पहले एम्स की इमरजेंसी में गए थे। दो घंटे की मशक्कत के बाद इन्हें बेड नंबर पांच पर भर्ती किया गया। डॉक्टर ने महिला नर्स को दर्द निवारक इंजेक्शन लगाने का निर्देश दिया। महिला नर्स ने किसी अन्य स्टॉफ को यह जिम्मेदारी सौंप दी। उस कर्मचारी ने बेड नंबर पांच पर भर्ती दीपक पांडेय की बजाय बेड नंबर छह पर भर्ती 80 वर्षीय बुजुर्ग को इंजेक्शन लगा दिया। जानकारी होने पर आननफानन एम्स के कर्मचारियों ने दीपक को डिस्चार्ज कर दिया। इस संबंध में एम्स के मीडिया प्रभारी पंकज श्रीवास्तव का कहना है कि ऐसा कोई प्रकरण संज्ञान में नहीं है। पूरा मामला बेबुनियाद प्रतीत हो रहा है।
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