Gorakhpur News: विसर्जन के दौरान डूबे किशोर का शव मिला, हत्या का केस
एसपी नार्थ मनोज अवस्थी ने बताया कि पुलिस ने केस दर्ज कर लिया था। एक आरोपी को हिरासत में लिया गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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गोरखपुर जिले में मकनहा के रवेलिया के पास रोहिणी नदी में डूबे किशोर गोलू का शव बृहस्पतिवार की सुबह 8:30 बजे नदी में उतराया मिला। ग्रामीणों ने शव देखकर पुलिस को सूचना दी थी। पोस्टमार्टम में किशोर के डूबकर मरने की पुष्टि हुई है। उसके नाक पर भी चोट आई है। हालांकि, पुलिस ने इस मामले में परिजनों की तहरीर पर अज्ञात के खिलाफ हत्या का केस दर्ज किया है। एक आरोपी को हिरासत में लेकर पुलिस जांच कर रही है।
जानकारी के मुताबिक, पीपीगंज थाना क्षेत्र के मकनहा के पास रविवार को सरहरी क्षेत्र से लोग लक्ष्मी प्रतिमा विसर्जन के लिए आए थे। इसी दौरान मूर्ति से वस्त्र और शस्त्र लेने के लिए नदी में गोलू निषाद (12) उतर गया। आरोप था कि पुल से कुछ लोगों ने ईंट मारा और चोट लगने की वजह से वह डूब गया था।
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इसे लेकर परिजनों ने दो दिन तक धरना-प्रदर्शन किया था, इसके बाद पुलिस ने अज्ञात पर हत्या का केस दर्ज कर लिया था। बृहस्पतिवार को शव मिलने के बाद पुलिस ने पोस्टमार्टम कराया तो डूबने से मौत की पुष्टि हुई है। उधर, पुलिस एक संदिग्ध को हिरासत में लेकर जांच कर रही है।
एसपी नार्थ मनोज अवस्थी ने बताया कि पुलिस ने केस दर्ज कर लिया था। एक आरोपी को हिरासत में लिया गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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मददगार बेटा मरा हैं, मिले सरकारी मदद
मृत गोलू के पिता राधे निषाद की दो साल से मानसिक स्थिति ठीक नहीं है। उसकी मां रेनू पीपीगंज कस्बे में एक परिवार के घर चौका बर्तन करके जीवन यापन करती हैं। गोलू सबसे बड़ा बेटा था और अपनी मां के कामों में मदद भी करता था। उसकी दो छोटी बहने व एक भाई है। परिवार का भरण-पोषण में मां के मददगार बेटे की मौत से परिवार वाले सदमे में हैं। मां ने शासन से आर्थिक मदद की मांग की है।
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मां का कहना है कि बेटा बिना कारण ही काल के गाल में समा गया। अगर ऊपर से लोग पत्थर न मारे होते तो उसकी जान नहीं जाती। पत्थर की वजह से ही वह डूबा और उसकी जान चली गई है। बीमार पति का इलाज कराने के साथ ही बच्चों को पालने की जिम्मेदारी अब उसके ही कंधे पर है।