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असम में थी तैनाती: सीआरपीएफ जवान का शव पहुंचते मचा कोहराम, बेटा और बेटी ने दी मुखाग्नि
Sat, 20 Aug 2022 12:49 PM IST
vivek shukla
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Sat, 20 Aug 2022 12:49 PM IST
सार
महेंद्र प्रताप सिंह जून में 10 दिन की छुट्टी पर आए थे। पूर्व में इनकी तैनाती छत्तीसगढ़ में थी। 25 जून को वह तैनाती स्थल पर पहुंचे और 27 जून को तबादला आसाम हो गया था। दो अगस्त को वह तैनाती स्थल असम पहुंचे थे।
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सीआरपीएफ जवान।
- फोटो : अमर उजाला।
विस्तार
सहजनवां क्षेत्र के डोमहर माफी निवासी सीआरपीएफ जवान महेंद्र प्रताप सिंह के निधन से परिवार में कोहराम मच गया। बृहस्पतिवार रात पार्थिव शरीर गांव पहुंचते ही आसपास के लोगों की भीड़ लग गई। शुक्रवार को मोक्ष धाम पर अंतिम संस्कार किया गया। मुखाग्नि बेटा विश्वजीत सिंह व बड़ी बेटी प्रिया सिंह ने दी। पुलिस और सीआरपीएफ के जवानों ने गार्ड ऑफ ऑनर दिया।
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जानकारी के मुताबिक, सब इंस्पेक्टर महेंद्र प्रताप सिंह की तैनाती असम में थी। 16 अगस्त को भोजन कर अन्य जवानों के साथ विस्तर पर सो रहे थे। उसी रात 8:30 बजे के करीब वह बेहोशी की हालत में नीच गिरे मिले थे। उन्हें अस्पताल ले जाया जा रहा था कि रास्ते में ही मृत्यु हो गई। साथी जवान बृहस्पतिवार को उनका पार्थिव शरीर लेकर उनके गांव पहुंचे।
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जून में आए थे छुट्टी पर
महेंद्र प्रताप सिंह जून में 10 दिन की छुट्टी पर आए थे। पूर्व में इनकी तैनाती छत्तीसगढ़ में थी। 25 जून को वह तैनाती स्थल पर पहुंचे और 27 जून को तबादला आसाम हो गया था। दो अगस्त को वह तैनाती स्थल असम पहुंचे थे। इनकी दो बेटियां प्रिया 22 वर्ष, शिल्पा 20 वर्ष व एक बेटा विश्वजीत सिंह 17 वर्ष है जो इंटर का छात्र है।
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बेटी का हाथ पीला करने का अधूरा रहा सपना
सीआरपीएफ जवान महेंद्र की बड़ी बेटी की शादी 13 फरवरी को होनी है। उन्होंने बड़े ही धूमधाम से बेटी का हाथ पीला करने की तैयारी कर रखी थी, लेकिन उनका यह सपना पूरा नहीं हो सका।