{"_id":"6acaaf36479d28b56209c5ca","slug":"ddu-students-to-tell-the-stories-of-nobel-laureates-through-posters-gorakhpur-news-c-7-1-gkp1055-1480898-2026-10-11","type":"story","status":"publish","title_hn":"Gorakhpur News: नोबेल विजेताओं की कहानी पोस्टर से बताएंगे डीडीयू के विद्यार्थी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Gorakhpur News: नोबेल विजेताओं की कहानी पोस्टर से बताएंगे डीडीयू के विद्यार्थी
विज्ञापन
गोरखपुर। नोबेल पुरस्कार विजेताओं की उपलब्धियों, उनकी खोजों और रचनाओं का सफर अब दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों की पढ़ाई का हिस्सा बनेगा। विद्यार्थी न सिर्फ दुनिया को नई दिशा देने वाले इन दिग्गजों के योगदान को जानेंगे, बल्कि पोस्टर के जरिये उनकी उपलब्धियों को दूसरों तक पहुंचाएंगे भी। कुलपति प्रो. केपी सिंह की पहल पर विश्वविद्यालय में पहली बार नोबेल पुरस्कारों को केंद्र में रखकर नई शैक्षणिक परंपरा शुरू की जा रही है। इसके तहत संबंधित विषयों के विभागों में पोस्टर प्रतियोगिताएं आयोजित होंगी और विशेषज्ञ व्याख्यान के जरिये विजेताओं के कार्यों का महत्व समझाया जाएगा।
-- -- -- -- -- -- -- --
विषयवार विभागों में होंगी गतिविधियां
नोबेल पुरस्कार जिस विषय में दिया जाएगा, उसी से संबंधित विभाग में पोस्टर प्रतियोगिता और व्याख्यान आयोजित होगा। विद्यार्थी संबंधित विजेता के योगदान, उनकी खोज या रचना और उसके सामाजिक प्रभाव से जुड़े तथ्यों का अध्ययन कर पोस्टर तैयार करेंगे। इस प्रक्रिया में उन्हें प्रामाणिक जानकारी जुटाने, महत्वपूर्ण तथ्यों का चयन करने और अपनी बात प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करने का अभ्यास मिलेगा। साथ ही, विशेषज्ञों के विचारों से विषय की गहरी समझ विकसित करने का अवसर भी मिलेगा।
-- -- -- -- -- -- --
शोधपरक सोच को मिलेगा बढ़ावा
विश्वविद्यालय की यह पहल विद्यार्थियों को नियमित पढ़ाई से आगे बढ़कर अपने विषय की उल्लेखनीय खोजों और रचनाओं से जोड़ने का प्रयास है। नोबेल विजेताओं के कार्यों के अध्ययन से वे समझ सकेंगे कि ज्ञान, शोध और नए विचार किस तरह समाज और दुनिया में बदलाव लाते हैं। इससे विषयों के प्रति जिज्ञासा बढ़ाने, रचनात्मकता को प्रोत्साहित करने और अकादमिक माहौल को समृद्ध बनाने में मदद मिलेगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
विषयवार विभागों में होंगी गतिविधियां
नोबेल पुरस्कार जिस विषय में दिया जाएगा, उसी से संबंधित विभाग में पोस्टर प्रतियोगिता और व्याख्यान आयोजित होगा। विद्यार्थी संबंधित विजेता के योगदान, उनकी खोज या रचना और उसके सामाजिक प्रभाव से जुड़े तथ्यों का अध्ययन कर पोस्टर तैयार करेंगे। इस प्रक्रिया में उन्हें प्रामाणिक जानकारी जुटाने, महत्वपूर्ण तथ्यों का चयन करने और अपनी बात प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करने का अभ्यास मिलेगा। साथ ही, विशेषज्ञों के विचारों से विषय की गहरी समझ विकसित करने का अवसर भी मिलेगा।
विज्ञापन
शोधपरक सोच को मिलेगा बढ़ावा
विश्वविद्यालय की यह पहल विद्यार्थियों को नियमित पढ़ाई से आगे बढ़कर अपने विषय की उल्लेखनीय खोजों और रचनाओं से जोड़ने का प्रयास है। नोबेल विजेताओं के कार्यों के अध्ययन से वे समझ सकेंगे कि ज्ञान, शोध और नए विचार किस तरह समाज और दुनिया में बदलाव लाते हैं। इससे विषयों के प्रति जिज्ञासा बढ़ाने, रचनात्मकता को प्रोत्साहित करने और अकादमिक माहौल को समृद्ध बनाने में मदद मिलेगी।
विज्ञापन