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डीडीयू: प्रो. शांतनु रस्तोगी फिर बने विज्ञान के संकायाध्यक्ष
Sat, 23 Dec 2023 01:21 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर
Updated Sat, 23 Dec 2023 01:21 AM IST
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दो साल बाद जारी हुई विश्वविद्यालय के शिक्षकों की वरिष्ठता सूची
- प्रो. अजय सिंह से विज्ञान संकायाध्यक्ष का प्रो. शांतनु ने लिया चार्ज
संवाद न्यूज एजेंसी
गोरखपुर। दीनदयाल उपाध्यक्ष गोरखपुर विश्वविद्यालय में शिक्षकों की वरिष्ठता क्रम की जांच के लिए बनाई गई कमेटी की रिपोर्ट पर दो साल बाद भौतिक विज्ञान विभाग के आचार्य प्रो. शांतनु रस्तोगी को विज्ञान संकायाध्यक्ष पद पर नियुक्त किया गया है। उन्होंने शुक्रवार को विज्ञान संकायाध्यक्ष का कार्यभार ग्रहण कर लिया। वरिष्ठता सूची जारी होने से पूर्व दो विभागों में इसे लेकर खलबली मच गई है। कला संकाय के एक विभाग और एक अन्य संकाय में इसे लेकर खूब चर्चाएं हैं।
दो वर्ष पूर्व 8 दिसंबर 2021 को तत्कालीन कुलपति प्रो. राजेश सिंह के कार्यकाल में शिक्षकों की वरिष्ठता सूची जारी की गई थी। वर्ष 2020 में निर्धारित सूची को दरकिनार कर बनी नई सूची के बाद प्रो. शांतनु को भौतिक विज्ञान के विभागाध्यक्ष और विज्ञान के संकायाध्यक्ष का पद कार्यकाल पूरा होने से पहले ही गंवाना पड़ा था। इसके बाद प्रो. अजय सिंह विज्ञान के संकायाध्यक्ष बने थे। इसी तरह गणित के तत्कालीन विभागाध्यक्ष प्रो. विजय शंकर वर्मा को भी वरिष्ठता सूची में जूनियर बताया गया था। उनकी भी विभागाध्यक्षी चली गई थी।
कुलपति के रूप में प्रो. पूनम टंडन के आने के बाद अक्टूबर महीने में इसे लेकर पुन: कई शिक्षकों ने वरिष्ठता निर्धारण की मांग की थी। इस दौरान प्रो. विजय शंकर वर्मा ने राजभवन से भी वरिष्ठता पुनर्निधारण की मांग की थी। राजभवन की ओर से इस संबंध में डीडीयू प्रशासन को दिशा निर्देश दिया था।
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प्रो. वीएस वर्मा भी माने गए सीनियर
गणित के प्रोफेसर वीएस वर्मा को भी समिति ने वरिष्ठ माना है। रिपोर्ट में कहा है कि उनके आचार्य होने की अर्हता तिथि 1 अक्तूबर 2011 से मानी जाएगी। उनका आरोप था कि वरिष्ठता प्रभावित होने के कारण उनसे जूनियर आचार्य भी उनसे अधिक वेतन पा रहे हैं।
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- प्रो. अजय सिंह से विज्ञान संकायाध्यक्ष का प्रो. शांतनु ने लिया चार्ज
संवाद न्यूज एजेंसी
गोरखपुर। दीनदयाल उपाध्यक्ष गोरखपुर विश्वविद्यालय में शिक्षकों की वरिष्ठता क्रम की जांच के लिए बनाई गई कमेटी की रिपोर्ट पर दो साल बाद भौतिक विज्ञान विभाग के आचार्य प्रो. शांतनु रस्तोगी को विज्ञान संकायाध्यक्ष पद पर नियुक्त किया गया है। उन्होंने शुक्रवार को विज्ञान संकायाध्यक्ष का कार्यभार ग्रहण कर लिया। वरिष्ठता सूची जारी होने से पूर्व दो विभागों में इसे लेकर खलबली मच गई है। कला संकाय के एक विभाग और एक अन्य संकाय में इसे लेकर खूब चर्चाएं हैं।
दो वर्ष पूर्व 8 दिसंबर 2021 को तत्कालीन कुलपति प्रो. राजेश सिंह के कार्यकाल में शिक्षकों की वरिष्ठता सूची जारी की गई थी। वर्ष 2020 में निर्धारित सूची को दरकिनार कर बनी नई सूची के बाद प्रो. शांतनु को भौतिक विज्ञान के विभागाध्यक्ष और विज्ञान के संकायाध्यक्ष का पद कार्यकाल पूरा होने से पहले ही गंवाना पड़ा था। इसके बाद प्रो. अजय सिंह विज्ञान के संकायाध्यक्ष बने थे। इसी तरह गणित के तत्कालीन विभागाध्यक्ष प्रो. विजय शंकर वर्मा को भी वरिष्ठता सूची में जूनियर बताया गया था। उनकी भी विभागाध्यक्षी चली गई थी।
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कुलपति के रूप में प्रो. पूनम टंडन के आने के बाद अक्टूबर महीने में इसे लेकर पुन: कई शिक्षकों ने वरिष्ठता निर्धारण की मांग की थी। इस दौरान प्रो. विजय शंकर वर्मा ने राजभवन से भी वरिष्ठता पुनर्निधारण की मांग की थी। राजभवन की ओर से इस संबंध में डीडीयू प्रशासन को दिशा निर्देश दिया था।
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प्रो. वीएस वर्मा भी माने गए सीनियर
गणित के प्रोफेसर वीएस वर्मा को भी समिति ने वरिष्ठ माना है। रिपोर्ट में कहा है कि उनके आचार्य होने की अर्हता तिथि 1 अक्तूबर 2011 से मानी जाएगी। उनका आरोप था कि वरिष्ठता प्रभावित होने के कारण उनसे जूनियर आचार्य भी उनसे अधिक वेतन पा रहे हैं।