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इन बेटियों की कामयाबी पर नाज है माता-पिता को

Sun, 27 Sep 2020 11:39 PM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Sun, 27 Sep 2020 11:39 PM IST
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daughters day kushinagar
इंजीनियर अनमोल राय - अपने माँ कल्पना राय और पिता अभय कुमार शर्मा के साथ । - फोटो : KUSHINAGAR
इन बेटियों की कामयाबी पर नाज है माता-पिता को
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डाटर्स डे पर खुशी से फूले नहीं समा रहे अभिभावक
संवाद न्यूज एजेंसी
बेटियों के जन्म पर चिंता जताने वाले माता-पिता के लिए जिले की ये बेटियां नजीर के समान हैं, जिन्होंने मुश्किल हालात का सामना करते हुए भी अपने माता-पिता के सपनों को टूटने नहीं दिया। सफलता की चोटी पर चढ़कर अपनी कामयाबी का झंडा लहराया। आज इन बेटियों को सफलता के मुकाम पर देखकर डाटर्स डे के अवसर पर इनके माता-पिता खुशी से फूले नहीं समा रहे हैं।
तीन बेटियों ने अलग-अलग क्षेत्रों में हासिल की सफलता
कप्तानगंज। कस्बे के सुभाषनगर मोहल्ले की रहने वाली गृहिणी कल्पना राय बताती हैं कि उन्होंने अपनी तीनों बेटियों को उच्च शिक्षा दिलाने में कोई कमी नहीं की। उनके पति अभय कुमार शर्मा एक सरकारी इंटर कॉलेज से क्लर्क के पद से सेवानिवृत्त हुए हैं।
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कल्पना राय ने बताया कि बेटियों को अच्छी शिक्षा दिलाने के साथ ही महिला उत्थान समिति का गठन कर महिलाओं को शिक्षित करने के साथ उन सभी को स्वरोजगार के जरिए आत्मनिर्भरता के लिए प्रेरित किया। उन्हें खंड विकास कार्यालय और डूडा की तरफ से प्रशस्ति पत्र मिला था। उनकी तीन बेटियां और एक बेटा है। बड़ी बेटी ज्योति राय इस समय आगरा में एसडीएम, दूसरी बेटी दीप्ती राय दिल्ली के पटियाला हाउस स्थित कोर्ट में सरकारी अधिवक्ता और तीसरी बेटी अनमोल राय बंगलूरू में सॉफ्टवेयर इंजीनियर है। बेटा गौरव राय उच्च शिक्षा हासिल करने के बाद प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहा है। बेटियों ने बताया कि माता-पिता के कुशल मार्गदर्शन से उन्हें यह मुकाम हासिल हुआ है।
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नेशनल हैमरथ्रो प्रतियोगिता की तैयारी कर रही आराध्या
लक्ष्मीगंज। बगहा खुर्द गांव की एक बेटी आराध्या पांडेय नेशनल हैमर थ्रो प्रतियोगिता की तैयारी कर रही है। उसकी तैयारी प्रयागराज में कोच की देखरेख में चल रही है।
रामकोला क्षेत्र के बगहा खुर्द गांव के मनीष पांडेय की बेटी आराध्या की प्रारंभिक शिक्षा लक्ष्मीगंज बाजार स्थित शिशु मंदिर में हुई। जूनियर की शिक्षा नवोदय विद्यालय पडरौना से हुई। इसी दौरान आराध्या की रुचि हैमर थ्रो के प्रति हुई। प्रदेश स्तर की 2018-19 में मऊ में हुई प्रतियोगिता में लखनऊ संभाग की तरफ से खेलते हुए संभागीय एथलेटिक्स प्रतियोगिता में उसने प्रथम स्थान प्राप्त किया था। इसी वर्ष आराध्या हैदराबाद में आयोजित विद्यालयी प्रतियोगिता में दूसरा स्थान प्राप्त किया। आराध्या हाईस्कूल की छात्रा है और प्रयागराज में नेशनल ओपन हैमर थ्रो प्रतियोगिता की तैयारी कोच रुस्तम की देखरेख में एक वर्ष से कर रही है। आराध्या ने बताया कि राष्ट्रीय स्तर पर हैमर थ्रो में सफलता हासिल कर नाम रोशन करना है।
पिछड़े क्षेत्र की बेटी बनी डॉक्टर
जटहां बाजार। विशुनपुरा ब्लॉक के पिछड़े क्षेत्र जटहां बाजार की एक बेटी ने चिकित्सा के क्षेत्र में सफलता हासिल की है। कुसुम ने डॉक्टर बनकर परिवार और क्षेत्र का रुतबा बढ़ाया है।
कुुसुम ने वर्ष 2015 में ऑल इंडिया रैंक में चौथा स्थान पाकर कानपुर के एक कॉलेज में दाखिला लिया। उसके बाद हर वर्ष टॉपर रही। पढ़ाई के साथ-साथ वह देश के अलग अलग हिस्सों में आयोजित सेमिनार में भी हिस्सा लेती रही। अब वह मुंबई के सैफी हॉस्पिटल में नौकरी करेगी। रविवार को उसके घर पहुंचने पर लोगों ने जोरदार स्वागत किया। जटहां बाजार निवासी डॉक्टर कुसुम के पिता अशोक मोदनवाल पड़रौना में रोडवेज बस के चालक हैं। डॉ. कुसुम ने बताया कि वर्ष 2008 में हाईस्कूल गांव के ही एक निजी स्कूल से किया। इसके बाद वर्ष 2010 में पडरौना में इंटर की पढ़ाई पूरी की। इसके बाद 2015 में प्रवेश परीक्षा में बैचलर ऑफ फिजियोथेरेपी में चौथा स्थान लाकर कानपुर के एमयू में एडमिशन लिया। 2019 में पढ़ाई पूरी हो गई और मुंबई के सैफी हॉस्पिटल में उसकी जॉब लग गई है। डॉ. कुसुम ने बताया कि उसकी पढ़ाई के लिए परिवार के लोगों को बहुत परेशानियों का सामना करना पड़ा।
पिता अशोक और मां कांति देवी ने बताया कि बेटी बचपन से ही डॉक्टर बनना चाहती थी। इसलिए हम लोगों ने यह तय किया कि उसे डॉक्टर बनाना ही है। आज उनकी मुराद पूरी हुई और वह डॉक्टर बनकर परिवार ही नही पूरे गांव और क्षेत्र का सम्मान बढ़ा रही है।
महिला आरक्षी बनकर माता-पिता का सम्मान बढ़ाया
पकड़ियार बाजार। खड्डा क्षेत्र के ग्राम सभा बरवा रतनपुर निवासी अजय राव की पुत्री कविता राव पुलिस में बतौर महिला आरक्षी नियुक्त होकर माता-पिता का नाम को रोशन कर रही है। पिता अजय राव व माता विंदा देवी ने बताया बेटा-बेटी में भेदभाव की शुरुआत घर से होती है। अगर मां-बाप बेटा और बेटी में भेदभाव किए बिना ही दोनों को एक समान आगे बढ़ने का मौका दें, तो बेटियां किसी भी मुकाम को हासिल कर सकती हैं।
कविता राव वर्ष 2018 में महिला आरक्षी पद पर चयनित हुई थी। वह इन दिनों सिद्धार्थनगर कोतवाली में तैनात है। उसकी बहन काजल राव बरेली में बॉयोथेरेपी का कोर्स कर रही है। कविता के भाई पवन राव ने बताया कि उनकी बहन की पुलिस विभाग में नौकरी लगने के बाद गांव की अन्य युवतियां भी उससे प्रेरणा लेकर तैयारी कर रही हैं।
आरपीएफ में तैनात है मुकुंदपुर की बेटी
तरयासुजान। थाना क्षेत्र के मुकुंदपुर गांव के निवासी शंभू प्रसाद गुप्ता की दूसरी बेटी आरती आरपीएफ में भर्ती होकर देशसेवा में जुटी है। उसके नौकरी में आने से परिवार की आर्थिक तंगी भी कम हुई है। परिजन बेटी की सफलता से आह्लादित हैं।

शंभू प्रसाद गुप्ता की पांच बेटियां एवं एक बेटा है। बड़ी बेटी की तो किसी तरह उन्होंने शादी कर दी, लेकिन दूसरी बेटी आरती ने पिता के सहयोग के लिए नौकरी करने का निर्णय लिया। कड़ी मेहनत की बदौलत आरपीएफ में सिपाही के पद पर भर्ती हुई। वर्तमान में गोरखपुर स्थित रेलवे के रजही केंद्र में प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद डॉटर डे के दिन ही उसे आसनसोल बंगाल में पहली पोस्टिंग मिली है। उसकी छोटी तीनों बहनें उसे आदर्श मानकर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में जुट गई हैं। पिता शंभू प्रसाद गुप्ता एवं माता रंभा देवी बिटिया की प्रशंसा करते नहीं थक रहे।
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