{"_id":"69d9664bd37d1e63430d2475","slug":"daughter-in-law-and-daughter-conference-organized-for-the-safety-of-women-and-children-gorakhpur-news-c-7-gkp1062-1285807-2026-04-11","type":"story","status":"publish","title_hn":"बच्चों के विकास और संरक्षण में यूनिसेफ का महत्वपूर्ण योगदान : एडीजी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बच्चों के विकास और संरक्षण में यूनिसेफ का महत्वपूर्ण योगदान : एडीजी
Sat, 11 Apr 2026 02:36 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर
Updated Sat, 11 Apr 2026 02:36 AM IST
विज्ञापन
गोरखपुर। एनेक्सी सभागार में यूनिसेफ व पीजीएसएस के सहयोग से महिलाओं व बच्चों की सुरक्षा को संस्थागत मजबूती देने के लिए बहू-बेटी सम्मेलन का आयोजन किया गया। मुख्य अतिथि अपर पुलिस महानिदेशक मुथा अशोक जैन ने कहा कि यूनिसेफ सामाजिक सरोकारों के साथ विशेष रूप से बच्चों के विकास, संरक्षण व अधिकारों के संवर्धन के लिए महत्वपूर्ण सहयोग प्रदान करता है।
उन्होंने कहा कि गोरखपुर जोन सामाजिक दृष्टि से एक चुनौतीपूर्ण क्षेत्र रहा है, जहां महिलाओं के विरुद्ध हिंसा, शोषण व अन्य अनेक समस्याएं निरंतर सामने आती रहती हैं। ऐसे क्षेत्र में यूनिसेफ का तकनीकी एवं संस्थागत सहयोग महत्वपूर्ण है।
एसएसपी डॉ. कौस्तुभ ने कहा कि हमें बातचीत के दौरान व अपने कार्य निष्पादन के समय महिलाओं से संबंधित विषयों के प्रति विशेष संवेदनशीलता बरतने की आवश्यकता है। जेंडर संबंधी विमर्श को केवल सेनेटरी पैड और शौचालय जैसी मूलभूत सुविधाओं तक सीमित नहीं किया जाना चाहिए बल्कि इससे जुड़े अनेक गंभीर मुद्दे हैं, जिन पर गंभीरता से ध्यान दिए जाने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि चाइल्ड केयर लीव प्रदान करने में संवेदनशील दृष्टिकोण अपनाया जाना चाहिए, ताकि कार्यरत महिला पुलिसकर्मी अपनी ड्यूटी की जिम्मेदारियों के साथ-साथ पारिवारिक दायित्वों का भी प्रभावी ढंग से निर्वहन कर सकें।
विज्ञापन
यूनिसेफ की राज्य सलाहकार पल्लवी राय ने आयु, जाति, वर्ग, शिक्षा आदि जनसांख्यिकीय संकेतकों के आधार पर महिलाओं के विरुद्ध हिंसा की प्रवृत्तियों व उसके संभावित कारणों पर प्रकाश डाला।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि गोरखपुर जोन सामाजिक दृष्टि से एक चुनौतीपूर्ण क्षेत्र रहा है, जहां महिलाओं के विरुद्ध हिंसा, शोषण व अन्य अनेक समस्याएं निरंतर सामने आती रहती हैं। ऐसे क्षेत्र में यूनिसेफ का तकनीकी एवं संस्थागत सहयोग महत्वपूर्ण है।
विज्ञापन
एसएसपी डॉ. कौस्तुभ ने कहा कि हमें बातचीत के दौरान व अपने कार्य निष्पादन के समय महिलाओं से संबंधित विषयों के प्रति विशेष संवेदनशीलता बरतने की आवश्यकता है। जेंडर संबंधी विमर्श को केवल सेनेटरी पैड और शौचालय जैसी मूलभूत सुविधाओं तक सीमित नहीं किया जाना चाहिए बल्कि इससे जुड़े अनेक गंभीर मुद्दे हैं, जिन पर गंभीरता से ध्यान दिए जाने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि चाइल्ड केयर लीव प्रदान करने में संवेदनशील दृष्टिकोण अपनाया जाना चाहिए, ताकि कार्यरत महिला पुलिसकर्मी अपनी ड्यूटी की जिम्मेदारियों के साथ-साथ पारिवारिक दायित्वों का भी प्रभावी ढंग से निर्वहन कर सकें।
विज्ञापन
यूनिसेफ की राज्य सलाहकार पल्लवी राय ने आयु, जाति, वर्ग, शिक्षा आदि जनसांख्यिकीय संकेतकों के आधार पर महिलाओं के विरुद्ध हिंसा की प्रवृत्तियों व उसके संभावित कारणों पर प्रकाश डाला।