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गोरखपुर: साइबर क्राइम होने पर घर के पास के थाने से मिलेगी मदद, डीआईजी ने दिया आदेश
Sat, 07 May 2022 12:39 PM IST
vivek shukla
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Sat, 07 May 2022 12:39 PM IST
सार
डीआईजी ने दिया आदेश, साइबर सेल में ट्रेंड पुलिसकर्मी शामिल किए जाएंगे। साइबर थाने से मानीटरिंग होगी। गांवों और कस्बों में जाकर लोगों जागरूक किया जाएगा।
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साइबर क्राइम
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
गोरखपुर रेंज (गोरखपुर, देवरिया, कुशीनगर, महराजगंज) में साइबर अपराध होने पर अब गोरखपुर के साइबर थाने का चक्कर नहीं लगाना होगा। डीआईजी जे. रविंद्र गौड़ ने रेंज के सभी थानों में सक्रिय साइबर सेल को सुदृढ़ करने का आदेश जारी किया है।
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इसके तहत अब सेल में ट्रेंड पुलिसकर्मी शामिल किए जाएंगे। इसके साथ ही रेंज के जिलों की मदद और मानीटरिंग गोरखपुर साइबर टीम करेगी। डीआईजी ने पुलिस वालों को गांवों, कस्बों में जाकर लोगों को साइबर अपराध के प्रति जागरूक करने का भी निर्देश दिया है।
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जानकारी के मुताबिक, साइबर अपराध के मामले तेजी से बढ़े हैं। डीआईजी का मानना है कि अब यही अपराध है, जिससे पुलिस को निपटना होगा। इससे थाना पुलिस नहीं निपट सकती है। प्रशिक्षण लेकर काम करने वाले पुलिसकर्मी ही इन मामलों में लोगों की मदद कर सकते हैं। इसके लिए विभाग में कार्यरत योग्य पुलिस वालों की ट्रेनिंग कराई जाएगी और फिर उन्हें साइबर सेल में शामिल किया जाएगा। हर महीने इनका प्रशिक्षण होगा। ताकि, यह समझ सकें कि कोई फरियादी आए तो इन्हें क्या करना है? शुरुआती औपचारिकता पूरी करने के बाद यह सीधे अपने प्रभारी गोरखपुर साइबर थाने से संपर्क करेंगे और आगे की प्रक्रिया को पूरी कराएंगे।
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ये पुलिसकर्मी सेल में किए जाएंगे शामिल
डीआईजी ने कहा है कि हर जिले में इस सेल में शामिल करने के लिए ऐसे पुलिसकर्मियों की चयन किया जाएगा, जिनकी डिग्री टेक्निकल हो। मसलन, बीटेक, डिप्लोमा, एमबीए या फिर इस तरह की कोई भी पढ़ाई किए हों और उनकी रुचि साइबर अपराध में हो। ऐसे पुलिसकर्मियों को ट्रेनिंग कराई जाएगी और फिर उन्हें साइबर सेल में शामिल किया जाएगा।
गोरखपुर से होगी मानीटरिंग, हर जिले के होंगे प्रभारी
गोरखपुर के साइबर टीम रेंज के अन्य जिलों की मानीटरिंग करेगी। साथ ही हर जिले के लिए एक प्रभारी भी नियुक्त किए जाएंगे। ये प्रभारी गोरखपुर में रहकर संबंधित जिले के संपर्क में रहेंगे और साइबर अपराध होने पर संबंधित जिले की पुलिस टीम की मदद करेंगे, ताकि अपराधी पकड़ा जा सके या फिर रुपये की वापसी हो सके।
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अन्य साइबर अपराधों पर भी करेंगे काम
थाने की साइबर सेल सिर्फ रकम निकासी पर ही काम नहीं करेगी। छेड़खानी हो या फिर किसी को बदनाम करने के नीयत से फर्जी आईडी बनाने का मामला हो। सभी पर काम कर ये लोगों को न्याय दिलाने में अपनी भूमिका निभाएंगे।
गोरखपुर रेंज डीआईजी जे. रविंद्र गौड़ ने कहा कि हर जिले के साइबर सेल में योग्य पुलिसकर्मी को शामिल करने का निर्देश दिया गया है। गोरखपुर साइबर टीम से एक पुलिसकर्मी को हरेक एक जिले का प्रभारी बनाया जाएगा। ताकि अपराध होने पर शुरुआती औपचारिकताएं पूरी करने के बाद संबंधित पुलिसकर्मी गोरखपुर से संपर्क कर मदद कर सके। मेल के जरिए आपस में सूचनाओं का आदान-प्रदान करेंगे, ताकि पेपरलेस काम हो।
डीआईजी ने कहा है कि हर जिले में इस सेल में शामिल करने के लिए ऐसे पुलिसकर्मियों की चयन किया जाएगा, जिनकी डिग्री टेक्निकल हो। मसलन, बीटेक, डिप्लोमा, एमबीए या फिर इस तरह की कोई भी पढ़ाई किए हों और उनकी रुचि साइबर अपराध में हो। ऐसे पुलिसकर्मियों को ट्रेनिंग कराई जाएगी और फिर उन्हें साइबर सेल में शामिल किया जाएगा।
गोरखपुर से होगी मानीटरिंग, हर जिले के होंगे प्रभारी
गोरखपुर के साइबर टीम रेंज के अन्य जिलों की मानीटरिंग करेगी। साथ ही हर जिले के लिए एक प्रभारी भी नियुक्त किए जाएंगे। ये प्रभारी गोरखपुर में रहकर संबंधित जिले के संपर्क में रहेंगे और साइबर अपराध होने पर संबंधित जिले की पुलिस टीम की मदद करेंगे, ताकि अपराधी पकड़ा जा सके या फिर रुपये की वापसी हो सके।
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अन्य साइबर अपराधों पर भी करेंगे काम
थाने की साइबर सेल सिर्फ रकम निकासी पर ही काम नहीं करेगी। छेड़खानी हो या फिर किसी को बदनाम करने के नीयत से फर्जी आईडी बनाने का मामला हो। सभी पर काम कर ये लोगों को न्याय दिलाने में अपनी भूमिका निभाएंगे।
गोरखपुर रेंज डीआईजी जे. रविंद्र गौड़ ने कहा कि हर जिले के साइबर सेल में योग्य पुलिसकर्मी को शामिल करने का निर्देश दिया गया है। गोरखपुर साइबर टीम से एक पुलिसकर्मी को हरेक एक जिले का प्रभारी बनाया जाएगा। ताकि अपराध होने पर शुरुआती औपचारिकताएं पूरी करने के बाद संबंधित पुलिसकर्मी गोरखपुर से संपर्क कर मदद कर सके। मेल के जरिए आपस में सूचनाओं का आदान-प्रदान करेंगे, ताकि पेपरलेस काम हो।