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Gorakhpur News: जिज्ञासा और सुव्यवस्थित अन्वेषण ही उत्कृष्ट शोध की आधारशिला
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गोरखपुर। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के मालवीय शिक्षक प्रशिक्षण केंद्र की ओर से शनिवार को ''''शोध पद्धति एवं डेटा विश्लेषण'''' विषय पर अल्पकालिक कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ।
सात दिवसीय अल्पकालिक कार्यक्रम का शुभारंभ मां पाटेश्वरी विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. रवि शंकर सिंह ने इसका शुभारंभ किया। मुख्य वक्ता प्रो. नागेंद्र कुमार ने कहा कि जिज्ञासा, सुव्यवस्थित अन्वेषण और ईमानदार रिपोर्टिंग ही उत्कृष्ट शोध की आधारशिला हैं। सत्र में शोध के विभिन्न प्रकार- मूल, अनुप्रयुक्त एवं क्रियात्मक शोध के साथ ही गुणात्मक एवं मात्रात्मक शोध दृष्टिकोणों पर विस्तार से चर्चा की गई। उद्घाटन सत्र की प्रस्तावकी केंद्र के निदेशक प्रो. चंद्रशेखर ने रखी। शिक्षा संकाय की अध्यक्ष प्रो. सुनीता दुबे ने धन्यवाद ज्ञापति किया। कार्यक्रम का संयोजन डॉ. मुकेश कुमार सिंह, सह संयोजन डॉ. मीतू सिंह और डॉ. अर्जुन सोनकर ने किया।
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सात दिवसीय अल्पकालिक कार्यक्रम का शुभारंभ मां पाटेश्वरी विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. रवि शंकर सिंह ने इसका शुभारंभ किया। मुख्य वक्ता प्रो. नागेंद्र कुमार ने कहा कि जिज्ञासा, सुव्यवस्थित अन्वेषण और ईमानदार रिपोर्टिंग ही उत्कृष्ट शोध की आधारशिला हैं। सत्र में शोध के विभिन्न प्रकार- मूल, अनुप्रयुक्त एवं क्रियात्मक शोध के साथ ही गुणात्मक एवं मात्रात्मक शोध दृष्टिकोणों पर विस्तार से चर्चा की गई। उद्घाटन सत्र की प्रस्तावकी केंद्र के निदेशक प्रो. चंद्रशेखर ने रखी। शिक्षा संकाय की अध्यक्ष प्रो. सुनीता दुबे ने धन्यवाद ज्ञापति किया। कार्यक्रम का संयोजन डॉ. मुकेश कुमार सिंह, सह संयोजन डॉ. मीतू सिंह और डॉ. अर्जुन सोनकर ने किया।
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