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Gorakhpur News: जंजीरी मातम देख नम हुईं अकीदतमंदों की आंखें
Tue, 25 Jul 2023 12:49 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर
Updated Tue, 25 Jul 2023 12:49 AM IST
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गोरखपुर। या हुसैन की सदाओं के साथ पांचवीं मोहर्रम का जंजीरी मातमी जुलूस अपनी पुरानी रवायतों के अनुसार सोमवार की रात निकला। जंजीरी मातम देख अकीदतमंदों की आंखें नम हो गईं।
हल्लौर एसोसिएशन के बैनर तले जंजीरी मातमी जुलूस मरहूम मोजिजा हुसैन रिजवी के खूनीपुर आवास से निकला। इसके बाद जुलूस में नफीस हल्लौरी ने अपना कलाम ''''शब्बीर का मातम न रुका है न रुकेगा'''' पढ़कर मातमदारों में जोश भर दिया।
यह जुलूस लगभग 50 वर्षों से हल्लौर एसोसिएशन के बैनर तले अपनी परंपरा को कायम रखते हुए निकाला जाता है। इससे पहले महिलाओं ने मजलिस व मातम किया। लोग सड़कों, गलियों और छतों पर जंजीर और कमा (चाकू) का मातमी जुलूस देखने के लिए जमे रहे। जंजीरी और कमा का मातम देखकर अकीदतमंदों की आखें नम हो गईं। हर तरफ या हुसैन, या हुसैन की सदा गूंज रही थी। मातमी जुलूस खूनीपुर चौराहे से अंजुमन इस्लामिया पहुंचा तो वहां नफीस हल्लौरी ने इमाम हुसैन की शहादत पर प्रकाश डाला। मातमी जुलूस अंजुमन इस्लामिया से निकलकर नखास चौक, रेती चौक होते हुए गीताप्रेस रोड स्थित इमामबाड़ा पहुंचा, जहां हल्लौर एसोसिएशन की जानिब से मजलिस हुई।
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हल्लौर एसोसिएशन के बैनर तले जंजीरी मातमी जुलूस मरहूम मोजिजा हुसैन रिजवी के खूनीपुर आवास से निकला। इसके बाद जुलूस में नफीस हल्लौरी ने अपना कलाम ''''शब्बीर का मातम न रुका है न रुकेगा'''' पढ़कर मातमदारों में जोश भर दिया।
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यह जुलूस लगभग 50 वर्षों से हल्लौर एसोसिएशन के बैनर तले अपनी परंपरा को कायम रखते हुए निकाला जाता है। इससे पहले महिलाओं ने मजलिस व मातम किया। लोग सड़कों, गलियों और छतों पर जंजीर और कमा (चाकू) का मातमी जुलूस देखने के लिए जमे रहे। जंजीरी और कमा का मातम देखकर अकीदतमंदों की आखें नम हो गईं। हर तरफ या हुसैन, या हुसैन की सदा गूंज रही थी। मातमी जुलूस खूनीपुर चौराहे से अंजुमन इस्लामिया पहुंचा तो वहां नफीस हल्लौरी ने इमाम हुसैन की शहादत पर प्रकाश डाला। मातमी जुलूस अंजुमन इस्लामिया से निकलकर नखास चौक, रेती चौक होते हुए गीताप्रेस रोड स्थित इमामबाड़ा पहुंचा, जहां हल्लौर एसोसिएशन की जानिब से मजलिस हुई।
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